बदलते मौसम में आम की फसल बचाने के 5 असरदार उपाय


  फरवरी और मार्च का समय आम की फसल के लिए बेहद नाजुक माना जाता है। इसी दौरान पेड़ों पर मंजर आते हैं, लेकिन मौसम का अस्थिर मिजाज किसानों की चिंता बढ़ा देता है। कभी दिन में तेज धूप तो कभी रात में ठंड, साथ ही बेमौसम बारिश—ये सभी परिस्थितियां आम के फूलों और छोटे फलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। तापमान में अचानक बदलाव से मंजर झड़ने लगते हैं, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस समय सबसे जरूरी है संतुलित सिंचाई। मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन अधिक पानी से बचना चाहिए, क्योंकि जलभराव से फूल गिर सकते हैं। ड्रिप सिंचाई पद्धति बेहतर विकल्प मानी जाती है।

इसके अलावा कीट और रोग नियंत्रण पर भी खास ध्यान देना चाहिए। बदलते मौसम में मैंगो हॉपर, पाउडरी मिल्ड्यू और एन्थ्रेक्नोज जैसी समस्याएं तेजी से फैलती हैं। समय पर जैविक या रासायनिक छिड़काव फसल को सुरक्षित रख सकता है।

मिट्टी में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए बोरॉन और जिंक का छिड़काव लाभकारी होता है। वहीं, खेत में उचित जल निकासी की व्यवस्था बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान को कम कर सकती है।

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