Received Best State Award for promotion of Sports*
खेल जगत में हरियाणा का वर्चस्व कायम
अदालत द्वारा 1984 के सिख नरंसहार के एक अन्य केस में सज्जन कुमार के खिलाफ चार्जफ्रेम(आरोप तय) करने के आदेश
प्रदेश भाजपा ने आयोजित किया ‘दीपावली मंगल मिलन’
बेईमानी का पैसा शरीर के एक एक अंग फाड़कर निकलता है।*
एक सच्ची कहानी
रमेश चंद्र शर्मा जो पंजाब के 'खन्ना' नामक शहर में एक मेडिकल स्टोर चलाते थे,उन्होंने अपने जीवन का एक पृष्ठ खोल कर सुनाया जो पाठकों की आँखें भी खोल सकता है और शायद उस पाप से,जिस में वह भागीदार बना, उससे भी बचा सकता है।
रमेश चंद्र शर्मा का मेडिकल स्टोर जो कि अपने स्थान के कारण काफी पुराना और अच्छी स्थिति में था। लेकिन जैसे कि कहा जाता है कि धन एक व्यक्ति के दिमाग को भ्रष्ट कर देता है और यही बात रमेश चंद्र जी के साथ भी घटित हुई।
रमेश जी बताते हैं कि मेरा मेडिकल स्टोर बहुत अच्छी तरह से चलता था और मेरी आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी थी। अपनी कमाई से मैंने जमीन और कुछ प्लॉट खरीदे और अपने मेडिकल स्टोर के साथ एक क्लीनिकल लेबोरेटरी भी खोल ली। लेकिन मैं यहां झूठ नहीं बोलूंगा। मैं एक बहुत ही लालची किस्म का आदमी था क्योंकि मेडिकल फील्ड में दोगुनी नहीं बल्कि कई गुना कमाई होती है।
शायद ज्यादातर लोग इस बारे में नहीं जानते होंगे कि मेडिकल प्रोफेशन में 10 रुपये में आने वाली दवा आराम से 70-80 रुपये में बिक जाती है। लेकिन अगर कोई मुझसे कभी दो रुपये भी कम करने को कहता तो मैं ग्राहक को मना कर देता। खैर, मैं हर किसी के बारे में बात नहीं कर रहा हूं, सिर्फ अपनी बात कर रहा हूं।
वर्ष 2008 में, गर्मी के दिनों में एक बूढ़ा व्यक्ति मेरे स्टोर में आया। उसने मुझे डॉक्टर की पर्ची दी। मैंने दवा पढ़ी और उसे निकाल लिया। उस दवा का बिल 560 रुपये बन गया। बूढ़े ने उसने अपनी सारी जेब खाली कर दी लेकिन उसके पास कुल 180 रुपये थे। मैं उस समय बहुत गुस्से में था क्योंकि मुझे काफी समय लगा कर उस बूढ़े व्यक्ति की दवा निकालनी पड़ी थी और ऊपर से उसके पास पर्याप्त पैसे भी नहीं थे।
बूढ़ा दवा लेने से मना भी नहीं कर पा रहा था। शायद उसे दवा की सख्त जरूरत थी। फिर उस बूढ़े व्यक्ति ने कहा, "मेरी मदद करो। मेरे पास कम पैसे हैं और मेरी पत्नी बीमार है। हमारे बच्चे भी हमें पूछते नहीं हैं। मैं अपनी पत्नी को इस तरह वृद्धावस्था में मरते हुए नहीं देख सकता।"
लेकिन मैंने उस समय उस बूढ़े व्यक्ति की बात नहीं सुनी और उसे दवा वापस छोड़ने के लिए कहा। यहां पर मैं एक बात कहना चाहूंगा कि वास्तव में उस बूढ़े व्यक्ति की दवा की कुल राशि 120 रुपये ही बनती थी। अगर मैंने उससे 150 रुपये भी ले लिए होते तो भी मुझे 30 रुपये का मुनाफा ही होता। लेकिन मेरे लालच ने उस बूढ़े लाचार व्यक्ति को भी नहीं छोड़ा।
फिर मेरी दुकान पर खड़े एक दूसरे ग्राहक ने अपनी जेब से पैसे निकाले और उस बूढ़े आदमी के लिए दवा खरीदी। लेकिन इसका भी मुझ पर कोई असर नहीं हुआ। मैंने पैसे लिए और बूढ़े को दवाई दे दी।
समय बीतता गया और वर्ष 2009 आ गया। मेरे इकलौते बेटे को ब्रेन ट्यूमर हो गया। पहले तो हमें पता ही नहीं चला। लेकिन जब पता चला तो बेटा मृत्यु के कगार पर था। पैसा बहता रहा और लड़के की बीमारी खराब होती गई। प्लॉट बिक गए, जमीन बिक गई और आखिरकार मेडिकल स्टोर भी बिक गया लेकिन मेरे बेटे की तबीयत बिल्कुल नहीं सुधरी। उसका ऑपरेशन भी हुआ और जब सब पैसा खत्म हो गया तो आखिरकार डॉक्टरों ने मुझे अपने बेटे को घर ले जाने और उसकी सेवा करने के लिए कहा। उसके पश्चात 2012 में मेरे बेटे का निधन हो गया। मैं जीवन भर कमाने के बाद भी उसे बचा नहीं सका।
2015 में मुझे भी लकवा मार गया और मुझे चोट भी लग गई। आज जब मेरी दवा आती है तो उन दवाओं पर खर्च किया गया पैसा मुझे काटता है क्योंकि मैं उन दवाओं की वास्तविक कीमत को जानता हूं।
एक दिन मैं कुछ दवाई लेने के लिए मेडिकल स्टोर पर गया और 100 रु का इंजेक्शन मुझे 700 रु में दिया गया। लेकिन उस समय मेरी जेब में 500 रुपये ही थे और इंजेक्शन के बिना ही मुझे मेडिकल स्टोर से वापस आना पड़ा। उस समय मुझे उस बूढ़े व्यक्ति की बहुत याद आई और मैं घर चला गया।
👉मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि ठीक है कि हम सभी कमाने के लिए बैठे हैं क्योंकि हर किसी के पास एक पेट है। लेकिन वैध तरीके से कमाएं,ईमानदारी से कमाएं । गरीब लाचारों को लूट कर कमाई करना अच्छी बात नहीं है क्योंकि नरक और स्वर्ग केवल इस धरती पर ही हैं,कहीं और नहीं। और आज मैं नरक भुगत रहा हूं।
पैसा हमेशा मदद नहीं करता। हमेशा ईश्वर के भय से चलो। उसका नियम अटल है क्योंकि कई बार एक छोटा सा लालच भी हमें बहुत बड़े दुख में धकेल सकता है।
जीवन शतरंज के खेल की तरह है और यह खेल आप ईश्वर के साथ खेल रहे हैं ...
आपकी हर चाल के बाद अगली चाल ईश्वर चलता है।
जैसी करनी वैसा फल,आज नहीं तो निश्चित कल।
सौजन्य- सुरेश शर्मा, पूर्व आईजीपी, पंजाब पुलिस
दिल्ली का युवराज राष्ट्रीय घुड़सवारी का उभरता सितारा
आज की दिल्ली, योगराज शर्मा।
21 से 30 दिसम्बर तक दिल्ली के आर्मी पोलो राइडिंग क्लब में आयोजित राष्ट्रीय जूनियर घुड़सवारी प्रतियोगिता में दिल्ली के युवराज भाटिया ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा सिद्ध की है। कैवमेन (अशवशक्ति) पर सवार युवराज ने ड्रेसाज यंग राइडर्स श्रेणी में निजी स्वर्ण पदक तथा इसी श्रेणी में टीम रजत पर कब्जा किया। नौशेरा (अशव) पर सवारी करते हुए युवराज ने 3 मिनट 40 सेकंड में एक दिवसीय क्रास कंट्री में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
20 वर्षीय युवराज सिंधिया स्कूल ग्वालियर से पढ़े है एवं स्कूल घुड़सवारी वाली टीम के कैप्टन भी रहे हैं। स्कूल के दौरान व उसके बाद भी राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना हुनर दिखा चुके हैं। 11 वर्ष की उम्र से घुड़सवारी कर रहे युवराज वर्तमान में दिल्ली स्थित गुलाब सिंह अकैडमी में मानद कैप्टन गुलाब सिंह एवं गोरव पुण्डीर से घुड़सवारी के हुनर सीख रहे हैं। अश्वशक्ति पर ट्रेनिंग के अलावा घोड़ों के व्यवहार, संरक्षण और देखभाल में उनकी गहरी रुचि है। घुड़सवारी को विशुद्ध रुप से खेल और टीम भावना से मानने वाले युवराज का इस खेल के प्रति गहरा समर्पण है। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र युवराज भाटिया पढ़ाई के साथ-साथ इस खेल को कैरियर के रूप में अपनाना चाहते हैं।
दहिसर विधानसभा इलाके में युवा प्रत्याशी को मिल रहा है भारी जनसमर्थन
मुंबई, योगराज शर्मा। इंडियन यूथ कांग्रेस से दहिसर विधानसभा इलाके से प्रत्याशी आशीष मिश्रा को इन दिनो मिल रहे भारी जनसमर्थन से विरोधियो में दहशत है। युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने हुए आशीष मिश्रा जहां भी प्रचार के लिए जाते है वहां युवाओं की भारी भीड उमड़ती है और उनको विजयी बनाने के लिए जनता से अपील करती दिखाई देती। बेलेट नंबर 4 पर दहिसर से चुनाव लड रहे आशीष मिश्रा ने कहा कि इस इलाके मे विकास के लिए बहुत सा काम करने की जरुरत है। जो उनके चुनावी एजेंडे में शामिल है। उन्होने कहा कि वो हर वर्ग, हर समुदाय को साथ लेकर उनकी सलाह के मुताबिक काम करने के विचार रखते है। विशेष तौर पर युवाओ की सोच को आगे लाना उनका मकसद है। इसी मुद्दे पर चुनाव लडा जा रहा है। आशीष मिश्रा सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहे है और जनता उन्हें पसंद कर रही है।
3BL सीजन—2 के विजेताओं की हुई घोषणा
आज की दिल्ली, योगराज शर्मा ।
3x3 प्रो बास्केटबॉल लीग इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (3BL) ने महिला और पुरुष दोनों लीग श्रेणियों के लिए 3BL के दूसरे सीज़न के लिए विजेता टीमों के नामों की घोषणा की है। विकास बंसल और राजीव तिवारी द्वारा सह-स्वामित्व वाली महिला लीग में "कोच्चि स्टार्स" और पुरुष वर्ग में "गुरुग्राम मास्टर्स" को विजेता घोषित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि लीग—2 अगस्त 2019 को शुरू हुई थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण महिलाओं की श्रेणी के खेल को सिर्फ तीन राउंड, जबकि पुरुषों की श्रेणी के खेल को चार राउंड के बाद ही रोक दिया गया था। ऐसे में विजेताओं को उनके पिछले हरफनमौला प्रदर्शन के आधार पर घोषित किया गया है।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर, पंजाब में आयोजित 3BL लीग भारत में बास्केटबॉल के खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सबसे बहुप्रतीक्षित लीग में से एक थी। 3BL YKBK एंटरप्राइज (P) लिमिटेड की इकाई है जिसमें महिलाओं की छह टीमें और पुरुषों की 12 टीमें पेशेवर सर्किट में प्रतिस्पर्धा करती हैं।
3BL के लीग कमिश्नर रोहित बख्शी ने कहा, "हम 'गुरुग्राम मास्टर्स' के मालिकों विकास बंसल और राजीव तिवारी को बधाई देना चाहते हैं कि उनके कुशल नेतृत्व में पुरुषों के लीग में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि महिलाओं के लीग में "कोच्चि स्टार्स" ने कामयाबी हासिल की। हम पंजाब सरकार द्वारा दिए गए प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे के समर्थन के प्रति भी अपना आभार जताते हैं, जिसके बिना लीग को आयोजित करना मुश्किल होता।”
जीत पर टिप्पणी करते हुए 'गुरुग्राम मास्टर्स' के सह-मालिक विकास बंसल ने कहा, ''गुरुग्राम मास्टर्स' ने असाधारण रूप से बेहतरीन प्रदर्शन किया और मैं टीम की जीत पर बेहद खुश हूं। टीम ने लीग के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया और लेकिन जीत के रंग के साथ बाहर आई।' वहीं, गुरुग्राम परास्नातक के सह-मालिक राजीव तिवारी ने कहा, “हमारे खिलाड़ी खेल के प्रति अपनी खेल भावना और उत्साह के कारण हमें रोज गौरवान्वित करते हैं। उनकी जीत केक पर चेरी के समान है। मुझे खुशी है कि खेल के प्रति उनकी लगन और पर्याप्त अभ्यास आखिरकार जीत का रिजल्ट लेकर आई।”
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भारतीय चयनकर्ताओं पर भड़के इरफान पठान, कहा- 30 साल की उम्र में मुझे बूढ़ा बना दिया

नई दिल्ली. पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान (Irfan Pthan) उन खिलाड़ियों में से एक है, जिनका करियर शानदार प्रदर्शन के बावजूद जल्द खत्म हो गया. इरफान के अनुसार उन्हें 30 साल की उम्र में बूढ़ा बना दिया गया. 2003 में भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले इरफान ने सुरेश रैना (Suresh Raina) के साथ इंस्टाग्राम लाइव पर ये बात कही. दरअसल इरफान ने रैना को याद दिलाते हुए कहा कि उन दोनों के बीच तीन नाबाद विजयी साझेदारी हुई, इस बात पर रैना ने उनसे कहा कि उन्हें श्रीलंका के खिलाफ 2012 में खेली गई पारी आज भी याद है. जहां उन्होंने अकेले दम पर भारत को जीत दिलाई. रैना की बात सुनकर इरफान ने कहा कि वो मैच उनके करियर का आखिरी वनडे साबित हुआ. पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि आज के समय में अगर कोई ऐसा खेले तो वो सालभर के लिए टीम से बाहर नहीं होगा.
इस बीच रैना ने कहा कि बीसीसीआई (BCCI) को आईसीसी या विदेशी लीग की फ्रेंचाइजी से बात करके हमें दो अलग अलग विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति देनी चाहिए. कम से कम हमें दो विदेशी लीग में खेलने की अनुमति होनी चाहिए. इससे वहां अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो नेशनल टीम में वापसी कर सकते हैं.
इरफान पठान का दर्द आया सामने
इरफान पठान ने कहा कि हमारे देश और ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड की सोच में फर्क है. माइकल हसी ने 29- 30 की उम्र में डेब्यू किया था और जब वो रिटायर हुए, तब वह महान क्रिकेटर्स की सूची में शुमार थे. मगर भारत में 30 की उम्र में कोई डेब्यू करने के बारे में सोच ही नहीं सकता. यहां बूढ़ा बताने लगते हैं. इरफान ने कहा कि उन्हें 30 साल की उम्र में बूढ़ा बना दिया गया. एक बार बीसीसीआई के किसी शख्स ने वडोदरा के किसी क्रिकेटर को उनके लिए कहा कि वो तो उनकी रडार पर हैं ही नहीं. इरफान ने कहा कि वैसे तो 30 की उम्र में बूढ़ा नहीं मानना चाहिए, मगर फिर भी ऐसी सोच है तो जितने भी 30 के आस पास वाले खिलाड़ी हैं, जो बोर्ड या एसोसिएशन के रडार पर नहीं हैं, उन्हें बाहर की लीग्स में खेलने का मौका देना चाहिए.
आपसी बातचीत होनी चाहिए
इरफान पठान ने कहा कि आपसी बातचीत भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर कोई उन्हें, रैना या फिर हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ियों से बातचीत करते तो बहुत कुछ हो सकता है. मगर मुद्दा ये है कि आपसी बातचीत कौन करेगा.
खुद को KKR का कर्जदार मानता है दुनिया का नंबर वन गेंदबाज, इस तरह करेगा भुगतान

नई दिल्ली. पैट कमिंस (Pat Cummins) आईपीएल (IPL) इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी हैं जिन्हें इस साल कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) ने 15.5 करोड़ रुपए में खरीदा था. कमिंस (Pat Cummins) को वर्ल्ड कप में उनके शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला. कमिंस इससे पहले भी साल 2014 में केकेआर (KKR) का हिस्सा रहे थे जिन्होंने उस साल खिताब अपने नाम किया था. हालांकि सबसे महंगा खिलाड़ी रहने के बावजूद वह इस साल आईपीएल (IPL) खेल नहीं पाए जो कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण स्थगित हो चुका है. हालांकि कमिंस (Pat Cummins) ने केकेआर को शानदार ऑक्शन राशि के लिए धन्यवाद कहा था.
पैट कमिंस टीम स्टाफ को कराएंगे डिनरपैट कमिंस (Pat Cummins) ने शुक्रवार को 27 साल के हो गए इस मौके पर उन्होंने केकेआर (KKR) की वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में सभी को शुक्रिया कहा. उन्होंने कहा, ‘मैं बैज (ब्रैंडम मैक्कलम) और बाकी के स्टाफ का कर्जदार हूं जिन्होंने मुझे चुना और इसके लिए मुझे उन्हें डिनर पर तो ले जाना ही होगा. खासकर बैज जो कि शानदार क्रिकेटर और कप्तान रहे और मैं उनके खिलाफ काफी खेला भी हूं.'
कमिंस ने कहा कि उन्हें लगता है कि बड़े कॉन्ट्रैक्ट के साथ बड़ी जिम्मेदारियां भी आती है.उहोंने कहा, ‘जब आप मैदान पर होते हैं तो यह सब दिमाग में नहीं रहता आप बस जीत हासिल करना चाहते हैं. मैं इस साल की नई टीम के साथ खेलने के लिए काफी उत्साहित हूं.’
लार के प्रयोग पर बैन गेंदबाजों के लिए होगा गलतकोरोना वायरस (Coronavirus) के बाद से खिलाड़ियों के गेंद पर लार के इस्तेमाल को लेकर काफी बातें की जा रही हैं कहा जा रहा है कि शायद गेंद को चमकाने के लिए अब लार का उपयोग नहीं होगा. हालांकि टेस्ट के नंबर वन गेंदबाज को लगता है कि ऐसा होता है तो कोई और विकल्प होना ही चाहिए. उन्होंने कहा, ‘कोरोना वायरस खेल में काफी कुछ बदलेगा लेकिन कोई विकल्प भी होना चाहिए. लार की जगह कोई भी और चीज हो जिससे गेंद को चमकाया जा सकती हैं पर कुछ होना चाहिए. लोग टेस्ट क्रिकेट को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि इसमें काफी कलात्मक चीजें होती है. गेंद स्विंग होती है स्पिन होती है. अगर आप गेंद की चमक हटा देंगे तो स्विंग औऱ रिवर्स स्विंग जैसी चीजें खत्म हो जाएंगी जिससे बल्लेबाजों को और रन बनाने का मौका मिलेगा. '
लॉकडाउन के बीच नोवाक जोकोविक ने की ट्रेनिंग, स्पेनिश क्लब को मांगनी पड़ी माफी

क्लब ने कहा, “इस स्पष्टीकरण को हमने जाकोविक के साथ साझा किया है दोनों पक्षों ने उस दिन से फिर से प्रशिक्षण शुरू करने पर सहमति व्यक्त की। हम माफी चाहते हैं कि नियम को ठीक से समझ नहीं पाए। इससे जोकोविक को भी असुविधा हो सकती थी।” जोकोविक ने इससे पहले अपना अभ्यास का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह कोर्ट पर अभ्यास करते हुए नजर आ रहे थे।
सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के कारण लागू किए गए लॉकडाउन के नियमों में कुछ छूट दी है लेकिन अधिकांश जनसंख्या के अब भी एक्सरसाइज के लिए जिम आदि में जाने पर रोक है। आयु वर्ग के हिसाब से हालांकि लोगों को निश्चित समय पर बाहर जाने की छूट दी गई है। पेशेवर और शीर्ष खिलाड़ियों को हालांकि इससे छूट दी गई है और वे कभी भी कसरत आदि कर सकते हैं। लोग हालांकि बाकी लोगों के लिए स्वीकृत समय के अलावा उन्हें बाहर सड़कों पर देखकर खुश नहीं थे। ऐसा हालांकि संभवत: इसलिए था कि उन्हें नियम नहीं पता थे या लोगों ने खिलाड़ियों को नहीं पहचाना।
भारत के इस पूर्व हॉकी खिलाड़ी की सेहत में सुधार, अमेरिका से जल्द वापस लौटेंगे
शाहरुख खान खरीद सकते हैं इंग्लैंड की एक क्रिकेट टीम, ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट में निवेश को तैयार है केकेआर

बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान बिजनैस की दुनिया में भी फैले हुए हैं। वे अपने कारोबार का विस्तार करने में जुटे हुए हैं। उनका अपना प्रॉडक्शन हाउस है। खेल में उन्होंने निवेश कर रखा है। शाहरुख इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) और कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में त्रिनबैगो नाइटराइडर्स (Trinbago Knight Riders) के पहले से ही मालिक हैं। ताजा खबर आ रही है कि वे इंग्लैंड की एक क्रिकेट टीम को खरीदने की सोच रहे हैं।
खबरों की मानें तो केकेआर के मालिक इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के नए टूर्नामेंट ‘द हंड्रेड’ में निवेश करना चाहते हैं। कोलकाता नाइटराइडर्स के सीईओ वेंकी मैसूर ने इस संभावना से सीधे इनकार नहीं किया है। उनके मुताबिक, उनकी टीम ईसीबी की फ्रेंचाइजी लीग ‘द हंड्रेड’ में निवेश की संभावना पर विचार कर रही है। इस लीग को कोरोना वायरस महामारी के कारण एक साल के लिए टाल दिया गया है।
ओलंपिक टीम में जगह बनाने के लिए मेहनत कर रहा हूं : गुरिंदर
टी20 वर्ल्ड कप के आयोजन पर कल बड़ा फैसला! आईसीसी और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मीटिंग पर नजरें
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) का असर खेल इवेंट्स पर भी काफी पड़ रहा है. क्रिकेट पूरी तरह से ठप्प पड़ा है. इस खतरनाक महामारी के चलते कई सीरीज को रद्द और आईपीएल (IPL) जैसे टूर्नामेंट को टाल दिया गया है. यही नहीं इस साल ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. टी20 वर्ल्ड कप (T20 World CUP) के आयोजन की संभावना कम ही नजर आ रही हैं. इस साल इसके आयोजन की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए 8 मई यानी शुक्रवार को आईसीसी और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बीच टेली कॉन्फ्रेंसिंग होगी.
पिछली बार 23 अप्रैल को दोनों के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत हुई थी. जहां कहा गया था कि इस पर करीब से नजर रखा जा रहा है. पिछली बार सीए के चीफ कार्यकारी केविन रॉबर्ट्स ने कहा था कि वे संयुक्त रूप से कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में अन्य सभी विकल्पों की भी खोज कर रहे हैं. उन्होंने कहा था कि सही समय आने पर सही फैसला लिया जाएगा.
बुरे सपने की तरह होंगी तैयारियां
ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को मार्च के बीच में लॉकडाउन कर दिया गया जो सितंबर में खुलेंगे. वहीं निधारित कार्यक्रम के अनुसार टी20 वर्ल्ड कप 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच खेले जाएंगे. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में एक सूत्र ने कहा कि यह मुश्किल समय है और क्या गारंटी है कि आयोजन के समय सब कुछ ठीक हो जाएगा और दर्शकों की अनुमति होगी. सूत्र के अनुसार ऐसी भी संभावना है कि टूर्नामेंट खाली स्टेडियम में खेले जा सकते हैं. मगर तय महीने में दुनिया भर से आने वाली 16 टीमों और मैच अधिकारियों के लिए होटल बुक करना, घरेलू यात्रा की बुकिंग करना यह सब बुरा सपना बनने जा रहा है. मीटिंग के बारे में इस सूत्र ने कहा कि स्पष्ट परिस्थितियों के बावजूद इसकी उम्मीद कम ही है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया शुक्रवार को मीटिंग में कुछ कहेगा. वह सिर्फ इतना कहेगा कि घटनाक्रम को करीब से देख रहे हैं.
कोरोना की मार: साल का पहला ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया ओपन भी हो सकता है रद्द
राहुल द्रविड़ के शिष्य ने कहा- मैं गेंदबाज की रैंकिंग नहीं देखता, जसप्रीत बुमराह का सामना करना चाहता हूं
आज की दिल्ली / इंडियन न्यूज़ ऑनलाइन
नई दिल्ली. टीम इंडिया के भविष्य माने जाने वाले अंडर 19 टीम के कप्तान प्रियम गर्ग (Priyam Garg) बेहद ही आत्मविश्वासी क्रिकेटर माने जाते हैं. अंडर 19 वर्ल्ड कप के दौरान वो मुश्किल हालात में भी बेहद कूल नजर आते थे. इस युवा क्रिकेटर को दुनिया के टॉप गेंदबाजों का सामना करने में भी कोई दिक्कत नहीं. हेलो एप से खास बातचीत में प्रियम गर्ग ने कहा कि दुनिया का कोई भी गेंदबाज उनके सामने होगा तो वो उसकी गेंद देखेंगे ना कि उसका नाम और रैंकिंग.
बुमराह का सामना करना चाहते हैं प्रियम
प्रियम गर्ग (Priyam Garg) से सवाल पूछा गया कि अगर आपके सामने आईपीएल में पैट कमिंस होंगे तो आपकी क्या रणनीति होगी? इस पर उन्होंने कहा कि अगर कमिंस से सामना हुआ तो वो उनकी गेंद देखेंगे ना कि उनकी रैंकिंग. प्रियम ने कहा कि वो जसप्रीत बुमराह की गेंदों का सामना करना चहते हैं. प्रियम बोले, 'बुमराह बहुत अच्छे गेंदबाज हैं, उनका सामना कर मेरा खेल सुधरेगा. वो बल्लेबाज को काफी दबाव में रखते हैं और उनकी यॉर्कर तो गजब की हैं.'
विराट नहीं, धोनी ज्यादा पसंदप्रियम गर्ग से जब पूछा गया कि उन्हें विराट कोहली ज्यादा पसंद हैं या एमएस धोनी, तो उन्होंने पूर्व कप्तान को चुना. बता दें प्रियम को धोनी का शांत स्वभाव बेहद पसंद है, वो खुद भी ऐसे ही हैं.
प्रियम गर्ग ने बताया कि उन्होंने राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) से काफी कुछ सीखा है. प्रियम बोले, 'हर खिलाड़ी का एक आइडल होता है. किस तरह खेला जाए, अनुशासन रखा जाए, मेहनत की जाए, इन सब में राहुल द्रविड़ बेहतरीन हैं. राहुल द्रविड़ खिलाड़ियों की बहुत मदद करते हैं. मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है. वो हमेशा कहते हैं कि हमें खुद पर भरोसा रखना चाहिए.'
आईपीएल के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं प्रियम
बता दें आईपीएल 2020 के लिए प्रियम गर्ग (Priyam Garg) को सनराइजर्स हैदराबाद ने अपनी टीम में खरीदा है. कोरोना वायरस की वजह से आईपीएल अनिश्चितकाल के लिए टल गया है लेकिन प्रियम को उम्मीद है कि अक्टूबर-नवंबर में इस टूर्नामेंट का आयोजन हो सकता है. प्रियम गर्ग ने बताया कि वो इस टूर्नामेंट के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं. लॉकडाउन के बावजूद उनकी ट्रेनिंग चल रही है. प्रियम ने बताया कि बीसीसीआई ने जो वर्कआउट और फिटनेस ट्रेनिंग का चार्ट दिया है वो उसे फॉलो कर रहे हैं. प्रियम ने कहा कि वो हफ्ते में 3 बार योगा भी करते हैं. प्रियम गर्ग घर पर रहकर अपनी डाइट पर भी ध्यान देते हैं, हालांकि उन्होंने कहा कि परिजनों के साथ ऐसा करना मुश्किल होता है.









