भारत को बताया भरोसेमंद दोस्त
ईरान ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि भारत हमेशा उसे एक दोस्त की तरह देखता है। मौजूदा तनाव में भी भारत ने संतुलित और जिम्मेदार भूमिका निभाई है।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि पीएम मोदी का रुख “संतुलित और रचनात्मक” है। भारत ने किसी एक पक्ष का अंध समर्थन करने के बजाय शांति और कूटनीति पर जोर दिया।
बातचीत में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मध्य-पूर्व में बढ़ती हिंसा को तुरंत रोका जाना चाहिए और बातचीत के जरिए समाधान ढूंढना जरूरी है।
ईरान ने कहा कि भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रचनात्मक प्रयास किए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत बैक-चैनल डिप्लोमेसी में भी सक्रिय रहा।
ईरान के बयान में साफ झलकता है कि भारत को अब एक ऐसे देश के रूप में देखा जा रहा है जो बड़े अंतरराष्ट्रीय संकटों में संतुलित और प्रभावशाली भूमिका निभा सकता है।
भारत ने इस मुद्दे पर न तो खुलकर किसी पक्ष का साथ दिया, न ही चुप्पी साधी।
भारत का फोकस शांति, संवाद और क्षेत्रीय स्थिरता पर है।
इससे भारत की ग्लोबल कूटनीतिक साख और मजबूत होती दिखाई दे रही है।
कुल मिलाकर, ईरान के बयान से यह संदेश गया कि मध्य-पूर्व संकट में भारत एक विश्वसनीय और संतुलित मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है।
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