मुंबई में प्ले स्कूलों की बढ़ती फीस को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। Indian Institute of Technology Bombay (IIT बॉम्बे) से पासआउट एक पूर्व छात्र ने दावा किया है कि उसकी चार साल की इंजीनियरिंग की कुल फीस, शहर के एक नामी प्ले स्कूल की एक साल की फीस से भी कम थी। यह टिप्पणी सामने आते ही इंटरनेट पर चर्चा तेज हो गई।
ग्रेजुएट ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उसने IIT बॉम्बे में पढ़ाई के दौरान जितनी फीस चार साल में चुकाई, उससे लगभग दोगुनी रकम आज एक प्री-स्कूल एक साल के लिए वसूल रहा है। इसके बाद कई अभिभावकों ने भी निजी स्कूलों की बढ़ती फीस, एडमिशन चार्ज, एक्टिविटी फीस और अन्य अतिरिक्त खर्चों पर सवाल उठाए।
कुछ यूजर्स का कहना है कि महानगरों में प्री-स्कूल अब ‘ब्रांडेड एजुकेशन’ का हिस्सा बन गए हैं, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, एयर-कंडीशंड क्लासरूम और इंटरनेशनल करिकुलम के नाम पर भारी शुल्क लिया जाता है। वहीं, कई लोगों ने तर्क दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि निजी प्ले स्कूल पूरी तरह निजी निवेश पर चलते हैं, इसलिए तुलना पूरी तरह समान नहीं है।
फिलहाल यह मुद्दा ऑनलाइन बहस का विषय बना हुआ है और अभिभावक शिक्षा की बढ़ती लागत पर चिंता जता रहे हैं।

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