Donald Trump द्वारा गाजा के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में भारत ने प्रत्यक्ष सदस्य के बजाय पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में भागीदारी की। इस पहल का उद्देश्य संघर्ष प्रभावित गाजा क्षेत्र में पुनर्निर्माण, मानवीय सहायता और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना बताया गया है।
भारत की ओर से वॉशिंगटन डीसी में उपराजदूत नामग्या सी खंपा ने बैठक में हिस्सा लिया। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, भारत ने क्षेत्र में स्थिरता, मानवीय सहायता और दीर्घकालिक शांति प्रयासों का समर्थन दोहराया, लेकिन औपचारिक सदस्यता से दूरी बनाए रखी। भारत परंपरागत रूप से पश्चिम एशिया के मुद्दों पर संतुलित और स्वतंत्र रुख अपनाता रहा है।
‘बोर्ड ऑफ पीस’ को गाजा में पुनर्निर्माण परियोजनाओं, वित्तीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के समन्वय के मंच के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इस पहल को लेकर अलग-अलग देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और इसकी संरचना व अधिकार-क्षेत्र को लेकर भी चर्चा जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होकर भारत ने कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है, जिससे वह मानवीय प्रयासों का समर्थन भी कर सके और क्षेत्रीय जटिलताओं से सीधे तौर पर न जुड़े।

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