Not even 10% of government schools have smart class rooms. - Anil Chaudhary
प्रदेश भाजपा ने आयोजित किया ‘दीपावली मंगल मिलन’
हम सभी को जीवनदायिनी यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए जन अभियान शुरू करना पड़ेगा- आलोक कुमार
आज की दिल्ली, योगराज शर्मा।
पूर्वी दिल्ली कॉमन वेल्थ गेम विलेज अक्षरधाम में आज यमुना ट्रॉफी के "रक्षक" कप का आयोजन जॉइंट सीपी इस्टर्न रेंज एकादश व डीसीपी ईस्ट एकादश के बीच क्रिकेट मैच का आयोजन इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने आईडीएचसी सोसायटी तथा दा हंस फाउंडेशन के सहयोग से किया। ज्वाइंट सीपी की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 123 रन बनाए वही डीसीपी ईस्ट की टीम 19 ओवर में 93 रन पर ऑल आउट हो गई। सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में खेले गए इस मैच में जॉइंट सीपी आलोक कुमार ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 13 बॉल पर 20 रन बनाए।
मैच के बाद आलोक कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि खेल के माध्यम से तनाव कम होता है और साथ ही फिटनेस भी बनी रहती है, हम सभी को जीवनदायिनी यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए जन अभियान शुरू करना पड़ेगा साथ ही सभी को आगे आना होगा, जिससे यमुना स्वच्छ हो पाए। यमुना ट्रॉफी रक्षक कप के माध्यम से यह कदम सराहनीय है। इस मौके पर पूर्वी दिल्ली अतिरिक्त उपायुक्त विनीत कुमार, संजय सेहरावत, सहायक आयुक्त सचिन कुमार सिंघल, अक्षत कौशल, पुखराज, सुनील कुमार, तथा यमुना ट्रॉफी के आयोजक इम्वा अध्यक्ष राजीव निशाना,विजय शर्मा, पूरन सैनी, जोगेश कुमार, सूफी वाज़िद, श्वेता अरोड़ा, महेश ढोंढियाल, आईडीएचसी सोसायटी से अरुण कुमार आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
" 7 "S " करे जीवन को सार्थक।
लेखिका निवेदिता मुकुल सक्सेना झाबुआ
मेने एक चाइल्ड ऐक्टिविस्ट के रुप मे कार्य करते हुये ये मेहसूस किया की बढता डिजिटलीकरण व बढते भोतिक संसाधन पारिवरिक रिश्तो की भावनाओं की ड़ोर की पकड को कमजोर कर रहे क्युकी माता पिता दोनो व्यस्त रहते हैं जिससे वह अपने बच्चो को वह समय नही दे पा रहे जिनकी उन्हे बेह्द आवश्यक्ता हैं खासकर विद्यार्थी वर्ग आज कयी जगह इन्ही कारणो से भटक कर एडिक्शन की गिरफ्त मे आता जा रहा। ओर एक् गुमराह सी अन्धकार गली मे बढ रहा जीसे रोकना , हमारी पीढी को बचाने के लिये एक बढा सम्वेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है।
2019 फरवरी तक एक हल्की सी हवा चली जिसने बताया जीवन की धारा एक अलग रुख लेने वाली हैं। मार्च मे उस हवा ने तुफान का रुप लेकर सबकी जीन्दगी के खिडकी दरवाजे बंद कर दिए। उन दरवाजों की सन से भी कैसे कहा से वह विषाणु ( वायरस) अन्दर दस्तक दे गया यह यक्ष प्रश्न है। कई घरो मे सुना पन छा गया कई जिंदगिया अस्त व्यस्त हो गयी आर्थिक,समाजिक राजनैतिक या कार्यक्षेत्र सभी परिप्रेक्ष्य बदल गये।
बहरहाल एक असमंजस सा वातावरण सब जगह बन गया। तो कयी जगह सकारात्म्क पहलू भी जाहिर हुये जो रिश्तो को मजबुत भी बनाता गया , जहां दुरिया थी वही करीबियो मे बदल गयी। शहरो मे भोतिकवाद के चलते व्यक्ति अपनी दिनचर्या को प्राकृतिक रुप से नही निभा पा रहा। उस पर कोरोना कहर ने शारिरीक क्षमता को भी जीर्ण क्षीण किया हालाकि बढता तनाव , व्यसन ,खान पान की अनियमितता ने कई व्याधियाँ उत्पन्न कर दी।
उम्र के एक पड़ाव पर आज के समय मे सेहत के लिये सतर्क होना आवश्यक है। हालाकि विचारणीय है की वर्तमान मे इसकी व्य्ख्या की गयी ।क्युकी बढती उम्र मे कयी होर्मोनिकल बदलाव आते है चाहे पुरुष हो या स्त्री। वैसे मैडिकल साइंस भी यही कहता है की तीस की उम्र से ही व्यक्ति को अपने प्रति जागरुक हो जाना चाहिये फिर उस पर "कोरोना काल" । इस काल मे भी या तो व्यक्ति सेहत को लेकर अती जागरुक हैं या बिल्कुल ही लापरवाह।
मार्च मे पुर्ण भारत मे लॉक डाउन के चलते लाखो लोगो ने कयी काढे का सेवन किया,योगा को नियमित दिनचर्या मे लागू किया जिसके कारण पर्यावरण सुधार की तरह लोगो की सेहत मे भी सुधार देखने को मिला। लॉक डाउन एक ऐसा समय भी था जिसने परिवार के साथ साथ स्वयं को भी आत्मसात करने का मोका दिया या यूं कहे की खुद से खुद की पहचान बनाने में सर्थक रह । बहरहाल, हाल ही मे हमारी संस्था (स्कूल) मे हुई एक कर्मचारियो की बैठक में संस्था प्रमुख प्राचार्य इम्बानाथन ने अपने ने अपने कर्मचारीयो को हल्के फुल्के वातावरण को विकसित करते हुये व उनका उत्साहवर्धन के लिये सेवन "एस"" की जीवन मे विशेषता का मह्त्व बताया । जो कही न कही आज के कोरोना त्रासदी मे सरल सहज जीवन की ओर अग्रसर करता नजर आया । ये सेवन एस (7 s) पोषण,आध्यात्म,चिकित्सा परिवार व समाज को ओर अधिक विकसित करने मे सहायक होता हैं। या कहे व्यक्ति का समग्र विकास करने में सहायक सिद्ध होते है।
कहते है , जीवन मे दो चीजे सफेद जहर का काम करती हैं ।
* नमक (साल्ट) - जो कम या ज्यादा होने पर ह्रदय सम्बंधित बिमारी हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर जैसी व्याधियाँ उत्पन्न कर ह्रदय के साथ किडनी व अन्य अंगो पर भी हानी पहुचाती है। ये सत्य हैं , नमक याने सोडियम क्लोराइड रक्त परिवहन को सुचारु बनाता है।
साल्ट मानव शरीर की मेटाबोलिक ऐक्टिविटी के लिये अती सक्रियता के साथ ही तंत्रिका तंत्र द्वारा शरीर की सभी चलित क्रियाओ को नियंत्रित करता हैं।
* शर्करा (शूगर) - जरुरत से ज्यादा मीठा या कम मीठा नमक की तरह शरीर मे शक्कर की बिमारी ( डाईब्टीज) उत्प्न्ं करती हैं। साथ ही लौ बी पी व डिहाईड्रेशन मे भी नमक व शक्कर का काफी मह्त्व है।
*स्ट्रेस ( तनाव)- आज की भौतिकवादी संसाधनों के विकास के दौर मे फिजिकल लेबर कम हुआ वही डिजिटल तकनीक का विकास जिसमे सम्वेदांग आंख - कान की भुमिका बढ़ती जा रही हैं , जिसके कारण स्क्रीन टाईम मे वृद्धि के साथ आँखो तनाव बढता जा रहा व नन्हे नन्हे को भी चशमा लग रहा। साथ ही कोरोना काल ऑन लाइन कार्यो की बढती संख्या मानसिक व शारिरीक दोनो पर हानिकारक प्रभाव डाल रही है।
* स्लीपिंग (सोना)- डिजिटलीकरण के बढते चरणो से तनाव के कारण नीन्द का दैनीक मे छ से साथ घन्टे अनिवार्यत होना आवश्यक है। एक अच्छी नींद से शरीर मे चुस्ती फुर्ती बनी रह्ती हैं व मेटाबोलिक ऐक्टिविटि मजबुत करती हैं। नींद का समय पर्याप्त होने से व्यक्ति खुद भी रिलैक्स मेहसूस करता साथ ही वातावरण मे हल्कापन आता जायेगा ।
*पसीना (स्वेट)- जब शरीर थकेगा नही तो नींद आयेगी केसे । एक किसान या श्रमिक वर्ग को कभी नींद की गोली नही खानी पड़ती क्युकी अथक श्रम उन्हे ये भी सोचने पर मजबुर नही करता की जमीन पर सोना या डनलप के गद्दे पर। वैसे भी श्रम का पसीना रोगो से दुरी बनाता है ओर रक्त परिसंचरण भी सुचारु बना देता हैं।
* जीरो स्मोक - (एडिक्शन -स्मोकिंग, ड्रिंकींग) किशोर व युवा वर्ग का एक बहुत बढा हिस्सा आज इस मार्ग पर चल रहा जो उनके शरीर के साथ उनके भविष्य को भी अंधकारमय बना रहा है। विधि के विरोध की बच्चो व किशोरवय की श्रंखला भी इन्ही कारणो से बढती जा रही।
*स्माइल-
एक मुस्कुरात चेहरा स्वयं के साथ कयी लोगो मे सार्थक उर्जा का निर्माण कर देता हैं। एक क्लासरुम मे शिक्षक की मुस्कुराहट से विद्यार्थी एक सरल सहज माहौल पाता हैं।
अब बात ये भी जरुर है की कुण्ठाग्रस्त मुस्कान या फिर दुखते दिल के बाद भी मुस्कुराना एक अलग बात है।
-जिम्मेदारी हमारी-
सेवन S हमारे जीवन के साथ कोरोना काल को भी आसानी से पार लगा सकते है क्युकी समय अभी सतर्कता व सावधानी का है। जिसमे नियमों का पलान हम स्वयं के लिये कर रहे। बिल्कुल वैसे ही जैसे एक संस्था प्रमुख अपने कर्मचरियो के प्रति जो स्नेह व सहानूभूति रखता हैं वही जीवन मे साल्ट व शुगर के साथ स्माइल देते हुये प्रगतिपथ पर अग्रसर करते हुये बेहतर परिणाम देता हैं।
रिपोटर चंद्रकांत सी पूजारी
चीनी वस्तुओं और चीनी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के विरुद्ध प्रदर्शन
वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया संबंद्ध भारतीय मजदूर संघ के दिल्ली इकाई के तत्वाधान में प्रेस क्लब, नई दिल्ली के पास चीनी वस्तुओं और चीनी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया। इसमें भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री पवन कुमार, दिल्ली प्रदेश के संगठन मंत्री ब्रजेश कुमार, दिल्ली प्रदेश के महामंत्री अनीश मिश्रा, वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष संजय उपाध्याय, वोर्किंड जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के दिल्ली इकाई के प्रमुख नेता देवेंद्र सिंह तोमर, नरेश शर्मा, अशोक धवन, सुदीप सिंह, प्रोमोड गोस्वामी, पवन जुनेजा, और कई गणमान्य पत्रकार शामिल हुए। इस रोष प्रदर्शन में चीनी राष्ट्रपती सी जिंग पिंग, ग्लोबल टाइम्स, और चीनी एप्प्स के खिलाफ विरोध दर्ज कराते इनके फ़ोटो पर कालिख पोटो गई, जूते मारे गए और इनके खिलाफ नारेबाजी की गई। चीन के खिलाफ बोलते हुए श्री पवन कुमार ने कहा कि चीन खिलाफ पूरा देश एकजुट है। चीन की इस कयराना हरकत के लिए उसको दंडित किया जा रहा है और हर तरह से माकूल जबाब दिया जा रहा है। उन्होंने पी टी आई के रेपोटेर द्वारा किया गया चीनी राजदूत के साक्षात्कार की भर्त्सना की और देश में छुपे गद्दारों को भी सबक सिखाने की नसीहत दी। महामंत्री अनीश मिश्र ने चीनी वस्तुओं का पूर्णरूपेण बहिस्कार करने का आह्वाहन किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय उपाध्याय ने कहा कि चीन ऐसा सांप है जिसको कितना भी दूध पिलाओ अंततः डसेगा हीं। चीन के घुटने टेकने तक इसका पूरा पूरा बहिष्कार किया जाएगा। राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी ने ग्लोबल टाइम्स को खूब खरी कोटी सुनाई और देश के मीडिया में छुपे गद्दारों को भी सबक सीखने की सलाह दी।
इस कार्यक्रम की सफल आयोजन पर दिल्ली इकाई के प्रमुख देवेंद्र तोमर, नरेश शर्मा, सुदीप सिंह, अशोक धवन और अन्य सदस्यों की प्रशंसा की गई।
विशेष जानकारी के लिए संपर्क-8700635881 (संजय उपाध्याय-राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)
Whatsapp यूजर्स के लिए अलर्ट! खतरे में पड़ा आपका मोबाइल नंबर
क्लिक टू चैट ऑप्शन से कोई भी व्यक्ति बिना किसी का नंबर सेव किए आसानी से चैट कर सकता है. जयराम ने कहा कि ऐसे में जो लोग इस तरह से चैट करते हैं, उनका फोन नंबर आसानी से गूगल सर्च रिजल्ट में आ जाता है, क्योंकि सर्च इस फीचर का मेटाडाटा इंडेक्स कर लेती है.
जयराम का दावा है कि उसने करीब 3 लाख ऐसे नंबरों को खोज निकाला है, जो गूगल पर इंडेक्स किए गए हैं. नंबर लीक होने से हैकर कभी भी उनको मैसेज भेज सकता है, कॉल कर सकता है या फिर डार्क वेब पर उसको बेच सकता है. व्हाट्सऐप प्रोफाइल पर मौजूद फोटो को देखने के अलावा रिवर्स इमेज सर्च से वो ऐसे व्यक्तियों के अन्य सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में भी जान सकता है.
Samsung Galaxy A31 की बिक्री होगी फ्लिपकार्ट पर
Samsung Galaxy A31 को भारत में कल, गुरुवार यानी 4 जून को लॉन्च किया जाएगा। यूं तो इसका खुलासा Samsung ने पिछले महीने के आखिरी हफ्ते में कर दिया था, लेकिन अब स्मार्टफोन के भारत लॉन्च को भारतीय ई-कॉमर्स दिग्गज़ Flipakrt ने अपने पोर्टल पर टीज़ किया है। इसके अलावा सैमसंग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी सैमसंग गैलेक्सी ए31 के लिए नोटिफाई मी पेज़ बनाया है। इस टीज़र पेज में कंपनी ने कल के लॉन्च के लिए काउंटडाउन टाइमर भी चलाया है। बता दें सैमसंग गैलेक्सी ए31 कल दोपहर 2 बजे लॉन्च किया जाएगा।
Flipkart पर Samsung Galaxy A31 का टीज़र पेज स्मार्टफोन के लॉन्च की पुष्टी के अलावा यह भी साफ कर देता है कि स्मार्टफोन फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए पेश किया जाएगा। हालांकि इसके उपलब्धता की तारीख की जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है। फ्लिपकार्ट के अलावा स्मार्टफोन सैमसंग की अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी बेचा जाएगा। टीज़र पेज सैमसंग गैलेक्सी ए31 के कुछ स्पेसिफिकेशन पर भी रौशनी डालता है।
Samsung Galaxy A31 क्वाड रियर कैमरा सेटअप से लैस होगा, जिसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर, 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस, 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर और 5 मेगापिक्सल का मैक्रो लेंस होगा। इसके अलावा यह भी पुष्टी होती है कि स्मार्टफोन 6.4-इंच फुल एचडी+ एसएमोलेड इनफिनिटी-यू डिस्प्ले होगा। सैमसंग वाटरड्रॉप स्टाइल नॉच को इनफिनिटी-यू बोलती है। इतना ही नहीं, पेज से यह भी साफ हो गया है कि सैमसंग गैलेक्सी ए31 में 5,000 एमएएच क्षमता की बैटरी होगी, जो 15 वाट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट से लैस होगी। इन सब स्पेसिफिकेशन के अलावा हाल ही में सैमसंग गैलेक्सी ए31 को लेकर कुछ लीक्स भी सामने आ चुके हैं।
Samsung Galaxy A31 price in India (expected)
हाल ही में न्यूज एजेंसी आईएएनएस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सैमसंग गैलेक्सी ए31 की कीमत भारत में 23,000 रुपये के आसपास होगी। हालांकि सभी स्पेसिफिकेशन और असल कीमत की जानकारी स्मार्टफोन के कल यानी 4 जून को लॉन्च होने के बाद ही पता चलेगी।Samsung Galaxy A31 को ग्लोबल मार्केट में मार्च महीने में उतारा गया था। यह मार्केट में बीते साल पेश किए गए Samsung Galaxy A30 के अपग्रेड के तौर पर लाया गया है।
Samsung Galaxy A31 specifications
सैमसंग गैलेक्सी के ग्लोबल वेरिएंट की स्पेसिफिकेशन की बात की जाए तो डुअल-सिम सैमसंग गैलेक्सी ए31 एंड्रॉयड 10 पर आधारित One UI पर चलता है। सैमसंग गैलेक्सी ए31 में ऑक्टा-कोर प्रोसेसर है। हालांकि कंपनी ने Samsung Galaxy A31 में इस्तेमाल किए गए प्रोसेसर के बारे में नहीं बताया है। ग्लोबल मार्केट में इस स्मार्टफोन को दो वेरिएंट में उतारा गया है, जिनमें 4 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज और 6 जीबी रैम + 128 स्टोरेज शामिल हैं। Samsung Galaxy A31 में कनेक्टिविटी के लिए यूएसबी टाइप-सी दी गई है।DigiLocker की इस कमी से खतरे में था 3.8 करोड़ यूज़र्स का डेटा
एक के बाद एक सरकारी ऐप्स में बड़ी-बड़ी खामियां सामने आ रही हैं, जिससे लाखों नागारिकों के निजी डेटा पर आसानी से हैकर्स सेंध मार सकते हैं। CSC BHIM वेबसाइट के बाद अब DigiLocker पर भी कुछ इसी तरह के सवाल उठ रहे हैं। DigiLocker, एक सरकारी ऑनलाइन सर्विस है, जिसमें डॉक्यूमेंट्स को डिज़िटली स्टोर करने की सुविधा है। हालांकि, इसमें ऑथेंटिकेशन में खामी पाई गई, जिसके कारण करोड़ो यूज़र्स का डेटा खतरे में था। इस कमी का लाभ उठाकर हैकर्स टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन को बायपास करके किसी का भी संवेदनशील डेटा एक्सेस कर सकते थे। हालांकि, खामी उगाजर होते ही, इसे फिक्स कर दिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस सरकारी सर्विस का इस्तेमाल 3.84 करोड़ यूज़र्स करते हैं, अगर यह खामी सामने नहीं आती, तो कोई भी इन सभी यूज़र्स के डेटा का गलत इस्तेमाल आसानी से कर सकता था।
Security Researcher आशीष गहलोत ने DigiLocker की इस कमी को उजागर किया था। उन्होंने ऑथेंटिकेशन मैकनिज़म को एनालिसस करते हुए डिजिलॉकर सिस्टम में इस कमी को पाया। हालांकि, रिसर्चर ने पाया कि डिजिटल स्टोरेज में लॉग-इन करते समय डिफॉल्ट मैकनिज़म वन-टाइम पासवर्ड (OTP) और पिन मांगता है। लेकिन, वह इस प्रक्रिया को बायपास करने में सफल रहे, उन्होंने इसमें आधार नंबर जोड़ा और डिजिलॉकर के कनेक्शन को इंटरस्पेट करते हुए पैरामीटर्स बदल दिए।
जो भी शख्स टेक्निकल ज्ञान रखता होगा, वह इस ऑथेंटिकेशन कमी का लाभ उठाकर नया पिन सेट कर सकता है और यहां तक कि डिजिलॉकर अकाउंट को एक्सेस करने में भी कामयाब हो सकता है, वो भी बिना किसी पासवर्ड के। इसके अलावा इस कमी के जरिए हैकर्स ओटीपी प्रक्रिया को बायपास करके यूज़र प्रोफाइल को भी एक्सेस कर सकता है और इंटरस्पेटिंग टूल का इस्तेमाल करके कई बदलाव भी कर सकता है।
आपको बता दें, गहलोत ने डिजिलॉकर में यह कमी पिछले महीने देखी थी, जिसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी डिजिलॉकर टीम को भी दी। टीम ने कुछ ही दिनों में पिन बायपास की इस कमी को फिक्स कर दिया। हालांकि, ओटीपी बायपास कमी को सोमवार को फिक्स किया गया है।
DigiLocker साइट पर उपलब्ध आंकड़ों को देखें, तो 3.84 करोड़ रजिस्टर्ड यूज़र्स इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर आधार कार्ड, इंशोरेंस लेटर, इनकम टैक्स रिटर्न, मार्कशीट जैसे कई डॉक्यूमेंट्स को स्टोर किया जाता है।
Kia Motors ला रही है 'मेड इन इंडिया' छोटी एसयूवी, Brezza, Venue, Nexon को देगी टक्कर
Kia Motors India (किआ मोटर्स इंडिया) आंध्र प्रदेश स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में लगभग 54 मिलियन डॉलर (करीब 408 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। यह निवेश ऐसे समय में किया जा रहा है जब पूरा ऑटोमोबाइल उद्योग कठिन दौर से गुजर रहा है। लॉकडाउन के बाद सामाजिक दूरी बरतने और आर्थिक कारणों की वजह से इस सेक्टर में बड़ी गिरावट आई है।
सेल्टॉस और ग्रैंड कार्निवल के बाद नई एसयूवी की लॉन्चिंग भारत में किआ के लाइन-अप को और मजबूत करेगी। ह्यूंदै के स्वामित्व वाली कंपनी किआ मोटर्स हर छह महीनें में एक नई कार लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसके अलावा किआ मोटर्स इंडिया नई कार Kia Soul (किआ सॉल) को भारत में लॉन्च करने की योजना बना रही है। इस कार को दोनों पेट्रोल और इलेक्ट्रिक मॉडल में लॉन्च किया जा सकता है। कंपनी ने इस कार को भारत में 2020 ऑटो एक्सपो में पेश किया था जिसे काफी सराहा गया। इस कार का पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वर्जन कंपनी दोनों लॉन्च करेगी। यह कार भारतीय ऑटो एक्सपो में पेश की चुकी है जिसे भारत में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।
Samsung Galaxy A51 का नया 8 जीबी रैम वेरिएंट भारत में लॉन्च, जानें कीमत
Samsung Galaxy A51 का 8 जीबी रैम और 128 जीबी इंटरनल स्टोरेज वेरिएंट बुधवार को भारत में लॉन्च कर दिया गया है। कंपनी ने इससे पहले इस गैलेक्सी ए51 स्मार्टफोन को केवल 6 जीबी रैम वेरिएंट के साथ लॉन्च किया था और अब ग्राहकों के पास इसे 8 जीबी रैम के साथ खरीदने का विकल्प भी उपलब्ध है। याद दिला दें कि मौजूदा सैमसंग गैलेक्सी ए51 6 जीबी रैम वेरिएंट की भारत में कीमत 23,999 रुपये है। Galaxy A51 की मुख्य खासियत इन्फिनिटी-ओ डिस्प्ले, क्वाड रियर कैमरा सेटअप है। इसके अलावा गैलेक्सी ए51 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर काम करने वाला गेम बूस्टर भी शामिल है, जो मोबाइल गेमर्स के लिए फोन की परफॉर्मेंस को बढ़ाने का काम करता है।
Samsung Galaxy A51 8GB RAM variant price in India, availability
सैमसंग गैलेक्सी ए51 के नए 8 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की भारत में कीमत 27,999 रुपये है। फोन पहले से ही प्रिज़्म क्रश ब्लैक, प्रिज़्म क्रश ब्लू, और प्रिज़्म क्रश व्हाइट कलर विकल्पों में आता है। मौजूदा Samsung Galaxy A51 वेरिएंट के साथ नया वेरिएंट भी देश के सभी ऑफलाइन रिटेल स्टोर, लीडिंग ई-कॉमर्स पोर्टल और सैमसंग इंडिया ई-स्टोर के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध हो चुका है।Samsung Galaxy A51 specifications
डुअल सिम सैमसंग गैलेक्सी ए51 एंड्रॉयड 10 पर आधारित One UI 2.0 पर चलेगा। इसमें 6.5 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2400 पिक्सल) सुपर एमोलेड इनफिनिटी-ओ डिस्प्ले है। फोन में ऑक्टा-कोर एक्सीनॉस 9611 प्रोसेसर के साथ 6 जीबी और 8 जीबी रैम विकल्प मौजूद हैं। Samsung के इस फोन के दोनों वेरिएंट की इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी है। ज़रूरत पड़ने पर 512 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव होगा।पिछले हिस्से पर क्वाड कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 48 मेगापिक्सल का है। यह एफ/ 2.0 लेंस के साथ आएगा। इसके साथ एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 12 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। 5 मेगापिक्सल का मैक्रो कैमरा और 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर भी इस कैमरा सेटअप का हिस्सा हैं। सेल्फी के लिए सैमसंग गैलेक्सी ए51 में 32 मेगापिक्सल का सेंसर है। इसका अपर्चर एफ/ 2.2 है।
Maruti ने 30 जून तक बढ़ाई कारों की फ्री सर्विस और वारंटी, बताया लॉकडाउन में ऐसे करें कारों की देखभाल
विस्तार
मई में किया था एलान
प्राइमरी वारंटी, एक्सटेंडेड वारंटी और फ्री सर्विस शामिल
ढाई करोड़ से ज्यादा एसएमएस
एक महीने में इंजन को जरूर करें स्टार्ट
वर्क फ्रॉम होम कर रहे यूजर्स को Lenovo के ये स्मार्ट सॉल्यूशन्स आएंगे पसंद
Google Maps में जुड़ा एक और नया फीचर, अब लोकेशन शेयर करना हुआ और भी आसान
Mitron App: जिसे आप समझ रहे हैं मेड इन इंडिया, वह मेड इन पाकिस्तान है!
टिकटॉक के खिलाफ भारत में बवाल काफी पहले से चल रहा है लेकिन हाल ही में टिकटॉक और यूट्यूब के बीच हुई लड़ाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल-वोकल वाले बयान के बाद लोगों ने टिकटॉक एप को डिलीट करना शुरू कर दिया। लोगों के प्ले-स्टोर पर निगेटिव रिव्यू देकर टिकटॉक की रेटिंग गिरा दी।
इसी बीच एक एप वायरल हो रहा है जिसका नाम मित्रों एप (Mitron App) है। इस एप को स्वदेशी या मेड इन इंडिया के नाम पर खूब प्रसारित किया गया और देखते-देखते 50 लाख से भी अधिक लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस मित्रों एप को आप मेड इन इंडिया मानकर डाउनलोड कर रहे हैं, वह वास्तव में इंडिया का है ही नहीं।
पाकिस्तानी डेवलपर ने बनाया एप
Xiaomi से अलग होने के बाद डिस्प्ले मार्केट में उतरा Redmi, लॉन्च करेगा Redmi 1A
आरोग्य सेतु है पूरी तरह सुरक्षित, फ्रांस के हैकर को सरकार ने दिया करारा जवाब
सरकार ने बुधवार को कहा कि आरोग्य सेतु ऐप में कोई डेटा या सुरक्षा उल्लंघन का मामला नहीं पाया गया है. इससे पहले एथिकल हैकर ने ऐप में संभावित सुरक्षा मुद्दे को लेकर चिंता जताई थी. फ्रांस के एक हैकर और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एल्लोट एल्ड्रसन ने मंगलवार को दावा किया था कि ऐप में सुरक्षा को लेकर मसले पाए गए हैं और नौ करोड़ भारतीयों की निजता को खतरा है. दावे को खारिज करते हुए, सरकार ने कहा कि इस एथिकल हैकर ने यह साबित नहीं किया है कि किसी उपयोगकर्ता की कोई भी निजी जानकारी खतरे में है.
आरोग्य सेतु ने कहा कि ऐप में पंजीकरण के समय और स्वयं मूल्यांकन के वक्त जब उपयोगकर्ता ऐप के जरिए अपने स्वैच्छिक रूप से संपर्कों का पता लगाने वाले डेटा जमा करता है या कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद संपर्क में आए लोगों का पता लगाता है तो यह उपयोगकर्ता के स्थान का पता लगाता है और उसे सुरक्षित सर्वर में, इन्क्रिप्ट (कूट) और अनाम तरीके से रखता है. उपयोगकर्ता द्वारा होम स्क्रीन पर प्रदर्शित कोविड-19 के आंकड़ों को एक स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करके रेडियस और अक्षांश देशांतर में बदलाव करके हासिल करने के मसले पर आरोग्य सेतु ने कहा कि यह सभी जानकारी पहले से ही सभी स्थानों के लिए सार्वजनिक है और इसलिए इसमें कोई निजी या संवेदनशील डेटा नहीं होता है.
Reliance की JioMart ऑनलाइन ग्रॉसरी सर्विस अब 200 शहरों में उपलब्ध
Reliance Industries ने हाल ही में अपनी नई ऑनलाइन ग्रॉसरी सर्विस प्लेटफॉर्म JioMart को लॉन्च किया था, जो कि अब भारत के 200 से अधिक शहरों में उपलब्ध है। जियोमार्ट का कहना है कि उनका यह कदम भारतीय बाजार में मौजूद Amazon.com की लॉकल यूनिट और फ्लिपकार्ट को टक्कर देगा। जियोमार्ट के सीईओ Damodar Mall ने ट्वीट में जानकारी दी कि जियोमार्ट भारत के 200 से भी ज्यादा शहरों में ग्रॉसरी डिलीवर करने का काम कर रहा है।
आपको बता दें, पिछले महीने Reliance ने भारतीय वित्तीय राजधानी मुंबई की चुनिंदा जगहों पर अपनी JioMart डिलीवरी सर्विस को पायलट प्रोडक्ट के तौर पर पेश किया था। इससे कुछ समय पहले ही Facebook ने Reliance Jio के डिजिटल यूनिट में $5.7 बिलियन 9.99 की हिस्सेदारी खरीदी थी।
इस पार्टनशिप की मदद से रिलायंस 400 मिलियन स्ट्रॉन्ग यूज़र बेस के लिए फेसबुक और व्हाट्सऐप के द्वारा ग्रॉसर्स और छोटे बिजनेस की सुविधा रोलआउट कर पाया।
क्या है यह सर्विस?
जियोमार्ट की सेवाओं के लिए इच्छुक ग्राहकों को JioMart के WhatsApp नंबर 8850008000 अपने फोन के कॉन्टेक्ट में स्टोर करना होगा। यहां ग्राहकों को ऑर्डर के लिए जियोमार्ट द्वारा एक लिंक मिलता है। एक बार ऑर्डर प्लेस हो जाने के बाद कंपनी इसे व्हाट्सऐप पर एक ग्रॉसरी स्टोर से साझा करती है।JioMartLite की वेबसाइट के मुताबिक, इसके बाद ग्राहकों को ऑर्डर का नोटिफिकेशन दिया जाता है और साथ ही स्टोर का विस्तृत ब्योरा दिया जाता है।
हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि इस सुविधा के तहत होम डिलीवरी नहीं की जाती। ऑर्डर प्लेस करने के बाद इस ऑर्डर को आप अपने नजदीकी किराना स्टोर से उपलब्ध कर सकते हैं।
गौरतलब है कि यह सुविधा कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान पेश की गई थी, ताकि ग्रोसरी शॉपिंग के लिए लोगों को अपने घरों से बाहर न निकलना पड़े वह खरीद का सामान ऑनलाइन बुक करा ले और जब उनका सामान तैयार होगा, वह उसे अपनी नजदीकि किराना स्टोर से उपलब्ध कर सके।
WhatsApp Scam: व्हाट्सऐप यूज़र्स सावधान, अकाउंट चुराने की हो रही है साज़िश
WhatsApp पर एक और नया स्कैम (धोखाधड़ी) का मामला समाने आया है, जिसमें व्हाट्सऐप टेक्नोलॉजी टीम के आधिकारिक कम्युनिकेशन सोर्स के रूप में दिखावा करने वाला एक अकाउंट यूज़र्स को उनके वैरिफिकेशन कोड को साझा करने के लिए कह रहा है। यह नकली अकाउंट यूज़र्स को अकाउंट को सच दिखाने के लिए व्हाट्सऐप लोगो को प्रोफाइल पिक्चर के रूप में इस्तेमाल करता है। जबकी हम आपको बता दें कि WhatsApp टीमें यूज़र्स के साथ किसी भी तरह का संवाद करने के लिए मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करती ही नहीं हैं। इसके बजाय टीम द्वारा सोशल मीडिया चैनलों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें ट्विटर या कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग शामिल हैं, जो सार्वजनिक घोषणाएं पोस्ट करते हैं।
WhatsApp के फीचर्स को ट्रैक करने वाले ब्लॉग WABetaInfo ने इस लेटेस्ट स्कैम को उजागर करने के लिए एक ट्वीट पोस्ट किया, जिसके बाद एक ट्विटर यूज़र Dario Navarro ने यूज़र्स को मिले इस स्कैम मैसेज के बारे में पूछताछ की। नवारो द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट के अनुसार, स्कैमर स्पेनिश में एक मैसेज भेजता है और यूज़र्स को उनके फोन पर अकाउंट वैरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल होने वाला छह अंकों के फैरिफिकेशन कोड मांगता है, जो यूज़र्स को एसएमएस के जरिए मिलता है।
बता दें कि नए डिवाइस पर व्हाट्सऐप अकाउंट को एक्टिवेट करने के लिए वैरिफिकेशन कोड का इस्तेमाल किया जाता है, जो यूज़र्स को उनके फोन पर SMS के जरिए मिलता है। इस सिक्योरिटी कोड का उद्देश्य मैसेजिंग ऐप पर यूज़र्स के अकाउंट को बुरे कारकों से बचाना है।
जैसा कि हमने आपको बताया कि यह स्कैमर अपने अकाउंट में व्हाट्सऐप लोगो को प्रोफाइल पिक्चर के रूप में लगाते हैं, जिससे अन्य यूज़र्स को यह अकाउंट आधिकारिक अकाउंट जैसा लगे और वे स्कैम करने वाले के झांसे में आ जाए। हालांकि जैसा कि WABetaInfo द्वारा बताया गया है कि WhatsApp अपने यूज़र्स को ऐप के जरिए संपर्क नहीं करती है और यदि किसी परिस्थिति में कंपनी यूज़र से संपर्क करती भी है, तो आधिकारिक अकाउंट के नाम के साथ एक हरे रंग का सत्यापित मार्क भी शामिल होगा, जो उसके आधिकारिक अकाउंट होने का संकेत है। यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी यूज़र्स से वैरिफिकेशन कोड सहित उनके किसी भी डेटा से संबंधित जानकारी नहीं मांगती है।
इसलिए यह साफ है कि स्क्रीनशॉट में देखा गया अकाउंट और मैसेज एक घोटाले के अलावा कुछ नहीं है। आपको ऐसे किसी भी संदेश पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

















