नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने विजयादशमी के पावन पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सीधा और कड़ा राजनीतिक हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान जारी करते हुए संघ को "पुरुष प्रधान और संविधान विरोधी संगठन" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ की विचारधारा महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानती है, जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के बिल्कुल विपरीत है।
'शिव-शक्ति में आस्था, इसलिए वैचारिक लड़ाई में मिलता है आनंद'
संघ की विचारधारा को चुनौती देते हुए कांग्रेस नेता ने अपनी आस्था और वैचारिक रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा, "आरएसएस एक पुरुष प्रधान और संविधान विरोधी संगठन है, जो यह मानता है कि महिलाएं पुरुषों की संपत्ति हैं। मैं शिव-शक्ति में विश्वास करता हूं, इसलिए मुझे उनके इस संकीर्ण दृष्टिकोण से वैचारिक रूप से मुकाबला करने में आत्मिक आनंद मिलता है। सबसे सुखद पहलू यह है कि संघ से जुड़ी कई जागरूक महिलाएं भी इस लड़ाई में मेरे विचारों के साथ खड़ी हैं।"
अन्याय और अहंकार पर विजय: देशवासियों को दी विजयादशमी की बधाई
वैचारिक और तीखे राजनीतिक हमलों के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष ने समस्त देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व अहंकार, अन्याय और अत्याचार पर सत्य और न्याय की सार्वभौमिक विजय का प्रतीक है। राहुल गांधी ने कामना व्यक्त की कि यह पावन त्योहार सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और समानता के मूल्यों का संचार करे।
क्या आप इस खबर के लिए बिना किसी चैनल लोगो वाला केवल मुख्य हेडलाइन टेक्स्ट (Plain Text Layout) या यूट्यूब वीडियो के लिए आकर्षक टाइटल तैयार करवाना चाहते हैं?

No comments:
Post a Comment
Note: Only a member of this blog may post a comment.