देश में एक बार फिर “हिंदू राष्ट्र” को लेकर बहस तेज हो गई है। अभिनेता अनुपम कपूर के हालिया बयान ने इस मुद्दे को सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है।
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“हिंदू राष्ट्र पर फिर छिड़ी बहस: अभिनेता अनुपम कपूर का बयान चर्चा में”
देश में एक बार फिर “हिंदू राष्ट्र” को लेकर बहस तेज हो गई है। अभिनेता अनुपम कपूर के हालिया बयान ने इस मुद्दे को सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है।
*टी बी मुक्त युवा से ही बनेगा टी बी मुक्त भारत: सेहत सही लाभ कई*
स्मार्ट संस्था के संयुक्त तत्वावधान में सेहत सही लाभ कई सेहत श्रृंखला के अंतर्गत सलाम नमस्ते सामुदायिक रेडियो द्वारा टी बी मुक्त भारत के लिए युवाओं के साथ कनावनी गांव में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया I
टीबी मुक्त भारत अभियान में युवाओं का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। यह समूह समाज का सबसे सक्रिय और प्रभावशाली हिस्सा है , और उनकी भागीदारी से टीबी के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता मिल सकती है।
*युवाओं का योगदान:*
*जागरूकता फैलाना*: युवा टीबी के बारे में जागरूकता फैला सकते हैं और लोगों को इसके लक्षणों और उपचार के बारे में शिक्षित कर सकते हैं।
- *समुदाय में बदलाव*: युवा अपने समुदाय में बदलाव लाने के लिए काम कर सकते हैं और टीबी के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
- *टीबी के मरीजों का समर्थन*: युवा टीबी के मरीजों का समर्थन कर सकते हैं और उन्हें उपचार के दौरान प्रेरित कर सकते हैं।
*महिलाओं का योगदान:*
- *परिवार में जागरूकता*: महिलाएं अपने परिवार में टीबी के बारे में जागरूकता फैला सकती हैं और अपने परिवार के सदस्यों को टीबी के लक्षणों के बारे में शिक्षित कर सकती हैं।
- *समुदाय में बदलाव*: महिलाएं अपने समुदाय में बदलाव लाने के लिए काम कर सकती हैं और टीबी के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।
- *टीबी के मरीजों का समर्थन*: महिलाएं टीबी के मरीजों का समर्थन कर सकती हैं और उन्हें उपचार के दौरान प्रेरित कर सकती हैं।
सलाम नमस्ते सामुदायिक रेडियो द्वारा टी बी मुक्त भारत अभियान में महिलाओं की भागीदारी के लिए भी सक्रिय प्रयास किया जायेगा I
टीबी मुक्त भारत अभियान में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए, हमें उन्हें शिक्षित और सशक्त बनाने की आवश्यकता है। हमें उन्हें टीबी के बारे में जानकारी प्रदान करनी चाहिए और उन्हें अपने समुदाय में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
कर्तव्य भवन में जनजातीय विकास योजनाओं पर उच्चस्तरीय चर्चा
नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में हाल ही में जनजातीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मनीष ठाकुर (आईएएस), अतिरिक्त सचिव, जनजातीय कार्य मंत्रालय से मुलाकात एवं विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान डॉ. राजा डोडुम, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, अरुणाचल प्रदेश सरकार, तथा थ. विपुनी रुमाई, सचिव, एसटी मोर्चा, भाजपा दिल्ली प्रदेश भी उपस्थित रहे।
बैठक में जनजातीय समुदायों के समग्र विकास हेतु मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें ट्राइबल सब-स्कीम (TSS) के अंतर्गत विशेष केंद्रीय सहायता (SCA), संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत अनुदान, तथा TRIFED के माध्यम से जनजातीय उत्पादों के विपणन समर्थन जैसी योजनाएं प्रमुख रहीं।
इसके अतिरिक्त, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के विकास, जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs) को अनुदान, तथा अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए कार्यरत स्वैच्छिक संगठनों को सहायता प्रदान करने पर भी विचार किया गया।
डिजिटल एवं कौशल विकास पहल के अंतर्गत GOAL (Going Online As Leaders) कार्यक्रम, ‘आदि प्रशिक्षण’ क्षमता निर्माण पहल, ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ (नेतृत्व एवं सुशासन) तथा ‘आदि वाणी’ (एआई आधारित जनजातीय भाषा उपकरण) जैसी योजनाओं की प्रगति पर भी समीक्षा की गई।
वहीं सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास के तहत जनजातीय त्योहारों, कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहन, अनुसंधान एवं दस्तावेजीकरण कार्यक्रमों तथा जनजातीय भाषाओं एवं विरासत के संरक्षण से संबंधित योजनाओं पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जनजातीय क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-भागीदारी को और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मिड डे मील वितरण व्यवस्था की प्रक्रिया संदेह के घेरे में, शिक्षा निदेशक को मिली शिकायतें
नई दिल्ली | दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी पीएम-पोषण (मिड-डे मील) टेंडर प्रक्रिया को लेकर कुछ गंभीर सवाल खड़े होते दिखाई दे रहे हैं। विश्व मानवाधिकार संगठन (WHRO) की ओर से इस संबंध में एक शिक्षा निदेशक दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर शिकायत की है जिसमें टेंडर प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संगठन ने 14 नवंबर 2025 को जारी मिड डेल मील वितरित करने वाली एनजीओ को दिए जाने वाले टेंडर प्रक्रिया
में काफी नाम लीक हो गए है और कई संस्थाओ ने इसकी लिखित शिकायत भी डायरेक्टर एजुकेशन
दिल्ली सरकार को दी है। इन शिकायतो में कुछ ऐसे तथ्यों की ओर इशारा किया है, जैसे कुछ एनजीओ की टेकनीकल कमियां है, तो कुछ की
बैलेंसशीट आदि में, जिनसे चयन
प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है। हालांकि इन बिंदुओं की
आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है। इन शिकायतो के बाद इस टेंडर को घोषित करने में विभाग
ने रोक लगा रखी है। इतना ही नहीं कुछ एनजीओ ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग में
विजिलेंस जांच के लिए भी दी है जिनमें कुछ निचले स्तर के अधिकारियो और एक रिटायर्ड
अधिकारी के नाम भी मिलीभगत करने के आरोप के साथ दिए गए हैं।
प्रतिनिधित्व में संकेत दिया गया है कि कुछ एनजीओ द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों
और योग्यता संबंधी दावों में समानताएं देखी गई हैं, जिससे प्रक्रिया
में समन्वय या गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, कुछ मामलों में
बुनियादी ढांचे से जुड़े मानकों में ढील दिए जाने की बात भी सामने आई है।
शिकायत में ये भी लिखा है कि कुछ सूत्रों के हवाले से यह भी संकेत मिला है कि
चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए वित्तीय लेन-देन हो सकता है। हालांकि इस
संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले की
निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि यदि
टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं, तो इसका असर
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर पड़ सकता है, जिससे स्कूली
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
विश्व मानवाधिकार संगठन ने संबंधित प्राधिकरण से आग्रह किया है कि पूरे मामले
की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई
सामने आ सके। साथ ही, जांच पूरी होने तक टेंडर प्रक्रिया
को अस्थायी रूप से रोकने की भी मांग की गई है। इस मामले में शिक्षा विभाग या अन्य
संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले
की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
सांसद सैलजा ने किया चौधरी भजनलाल की प्रतिमा का अनावरण, भाजपा पर धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का आरोप
पंचकूला, कुमारी सैलजा, जो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद हैं, ने आज पंचकूला के सेक्टर-15 स्थित बिश्नोई भवन में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी भजनलाल की प्रतिमा का अनावरण किया।
इस अवसर पर सांसद सैलजा ने चौधरी भजनलाल को दूरदर्शी और कुशल राजनीतिज्ञ बताते हुए कहा कि हरियाणा के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि चौधरी भजनलाल सामाजिक एकता, भाईचारे और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक थे, यही कारण है कि आज भी सभी वर्गों के लोग उन्हें सम्मानपूर्वक याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा का अनावरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है और यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती रहेगी। इस अवसर पर बिश्नोई सभा द्वारा सांसद का सम्मान भी किया गया।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में कुमारी सैलजा ने पंचकूला नगर निगम की वार्डबंदी और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हर स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से खिलवाड़ कर रही है, जो उनकी राजनीतिक कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचकूला की जनता आगामी नगर निगम चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को विजय दिलाएगी।
सांसद सैलजा ने प्रदेश में बढ़ती गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी को सरकार की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे, जिससे लोग परेशान हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है, जबकि विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश में न तो वास्तविक रूप से स्मार्ट सिटी विकसित हो पाए हैं और न ही शहरों में मूलभूत सुविधाएं, जैसे स्वच्छ पेयजल, सुनिश्चित हो पाई हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि पंचकूला जैसे आधुनिक शहर में भी आज कचरे के ढेर लगे हुए हैं और विकास की गति ठप हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इन मुद्दों को उन्होंने कई बार लोकसभा में उठाया है, लेकिन सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इस मौके पर पंचकूला के विधायक चंद्र मोहन बिश्नोई, विधायक अकरम खान, कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, रामकिशन गुर्जर, प्रदेश महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सुधा भारद्वाज सहित बिश्नोई सभा के पदाधिकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आपके द्वारा भेजी गई सामग्री को समाचार पत्र/पत्रिका के लिए उपयुक्त प्रेस नोट शैली में थोड़ा व्यवस्थित करके इस प्रकार लिखा जा सकता है:
सेवा में
माननीय महोदय,
प्रस्तुत पत्र के साथ निम्नलिखित सामग्री प्रेषित की जा रही है—
आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया इसे अपने प्रतिष्ठित समाचार पत्र/पत्रिका/मैगजीन/ऑनलाइन पोर्टल में प्रकाशित करने की कृपा करें। लेख अथवा कविता के संक्षिप्तीकरण के लिए आप स्वतंत्र हैं।
हमें विश्वास है कि AVK News Service को आपका सहयोग आगे भी मिलता रहेगा। एवीके न्यूज सर्विस की सामग्री वेबसाइट
पर भी उपलब्ध है।
“इंकलाब लिख दिया जिसने अपने खून से…”
दहक उठी थी ज्वाला मन में,
जब देश गुलामी में जकड़ा था,
नन्हीं आंखों ने जलियांवाला बाग हत्याकांड का
वो खूनी मंजर पकड़ा था।
मिट्टी को माथे से लगाकर
उसने कसम ये खाई थी,
गोरी सत्ता को उखाड़ने की
उसने अलख जगाई थी।
वह डरा नहीं फांसी के फंदों से,
न बेड़ियों की झंकार से,
वो गूंज उठा था इंकलाब बन
असेंबली की दीवार से।
अगर चाहें तो मैं इस कविता को शहीद भगत सिंह पर आधारित पूरी 20–25 पंक्तियों की विस्तृत देशभक्ति कविता के रूप में भी आगे बढ़ाकर दे सकता हूँ, जो अखबार या पत्रिका में और प्रभावशाली लगेगी।
रुपये की गिरावट से उजागर हुई आर्थिक कुप्रबंधन की सच्चाई: कुमारी सैलजा
चंडीगढ़, । कुमारी सैलजा, जो सिरसा से सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव हैं, ने देश की वर्तमान आर्थिक और कूटनीतिक परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आज भारत कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है और रुपये की गिरती स्थिति केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों, निर्णय क्षमता और वैश्विक साख पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बार-बार आर्थिक मजबूती के दावे करती रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा का अवमूल्यन आम जनता की कमर तोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रुपये की कमजोरी यह दर्शाती है कि सरकार आर्थिक प्रबंधन में संतुलन और दूरदर्शिता बनाए रखने में असफल रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीति हमेशा संतुलन, समावेशी विकास और जनहित पर आधारित रही है। कांग्रेस का मानना है कि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए छोटे व्यापारियों, किसानों और मध्यम वर्ग को सशक्त करना आवश्यक है। केवल बड़े उद्योगों पर केंद्रित नीतियां देश की आर्थिक नींव को कमजोर कर सकती हैं।
विदेश नीति के संदर्भ में कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न एलपीजी संकट जैसे मुद्दों ने भारत की कूटनीतिक स्थिति को चुनौती दी है। उनके अनुसार पहले भारत की पहचान एक मजबूत और संतुलित वैश्विक नेतृत्व की रही है, लेकिन वर्तमान में कई देशों के साथ संबंधों में स्पष्टता और स्थिरता की कमी दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विदेश नीति हमेशा संवाद, संतुलन और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा पर आधारित रही है। भारत को वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और स्थिर साझेदार के रूप में स्थापित करना आवश्यक है, न कि केवल आक्रामक बयानबाजी तक सीमित रहना चाहिए।
अंत में कुमारी सैलजा ने कहा कि देश को ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जो आर्थिक स्थिरता, सामाजिक न्याय और मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सुनिश्चित करें। कांग्रेस पार्टी हमेशा रचनात्मक सुझावों और जनहित के मुद्दों पर सरकार का मार्गदर्शन करती रहेगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह देशहित में ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए, ताकि भारत की आर्थिक स्थिति और वैश्विक साख को पुनः मजबूत किया जा सके।


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