नई दिल्ली। (AIGNF) ने केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग सेवाओं में आउटसोर्सिंग के विरोध में 25 मई 2026 से प्रतिदिन 2 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल सुबह 9 बजे से 11 बजे तक देश के चार प्रमुख केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में की जा रही है।
फेडरेशन के अनुसार पिछले छह महीनों से आउटसोर्सिंग रोकने के लिए लगातार ज्ञापन, काला बैज प्रदर्शन, जंतर-मंतर पर धरना और सरकार के साथ कई दौर की वार्ताएं की गईं। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
AIGNF ने कहा कि मार्च 2026 में सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि नर्सिंग सेवाओं में आउटसोर्सिंग नहीं की जाएगी और लंबित समस्याओं का समाधान किया जाएगा, लेकिन दूसरी ओर बंद कमरों में आउटसोर्सिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि नर्सों का यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और मरीजों की देखभाल उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। संगठन का कहना है कि नर्सिंग समुदाय अपनी सेवाओं के साथ-साथ अपने अधिकारों की रक्षा के लिए भी एकजुट होकर आवाज उठा रहा है।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन मास कैजुअल लीव और अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है। साथ ही देशभर के सभी नर्सिंग प्रोफेशनल्स से अनुशासन और एकता के साथ आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है।



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