Kejriwal himself remains a big problem for Delhi's development in eight years-Adesh Gupta



Despite the help of the central govt, Kejriwal did not take any concrete step for the cleaning of mother Yamuna-Adesh Gupta

Kejriwal always keeps issuing Tughlaqi decrees to ban the festival of Hindus-Adesh Gupta

Despite repeatedly raising the issue of cleaning Yamuna in the assembly, Kejriwal govt did not take any concrete steps-Ramvir Singh Bidhuri

New Delhi, 27 October. State Bharatiya Janata Party president Shri Adesh Gupta along with other office bearers of the party including Leader of Opposition Shri Ramvir Singh Bidhuri inspected the Chhath Puja Ghat at ITO and took stock of the preparations for Chhath. After taking stock of the ghats. Shri Gupta while talking to reporters later said that like every year, once again Kejriwal has started memorizing his old script regarding the cleaning of mother Yamuna. Whereas since eight years ago, Kejriwal has been saying that he will end the problem of pollution in Yamuna and take a dip with everyone. But in these eight years, Kejriwal himself has become a big problem for the development of Delhi.

Shri Gupta said that the Modi government at the Center gave Rs 2419 crore to Kejriwal to set up STP plants, but today what happened to those STP plants, which Kejriwal talks about in other states. But the Kejriwal government has forced the mothers and sisters of Delhi to take a dip in the poisonous water during his tenure. He said that Delhi is the reason behind 80 per cent pollution of Yamuna, but a government is sitting here which is doing only politics instead of cleaning Yamuna.

Shri Adesh Gupta said that the work of setting up the biggest STP plant in Okhla not only in the country but in the whole of Asia is going on by the Central Government. But the question is, where has Kejriwal's Rs 25 crore gone which were kept for the preparations for Chhath Puja in Delhi. There is neither any kind of preparations nor cleaning of Yamuna. Like other claims, this claim of his has also proved to be a failure. Describing the Kejriwal government as anti-Hindu, he said that whenever any festival of Hindus comes, they try to stop it by issuing Tughlaqi decree.

Leader of Opposition Shri Ramvir Singh Bidhuri said that the issue of cleaning Mother Yamuna has always been raised by the BJP in the Vidhan Sabha, but instead of discussing it, Kejriwal works to divert the issue by bringing other issues, but on the contrary, when a festival like Chhath comes he starts talking of cleaning Yamuna and taking a dip in it.He said that Kejriwal has been doing this for the last eight years and now the people of Delhi have also understood it. The government of Prime Minister Shri Narendra Modi also helped Kejriwal to clean the Yamuna, but Kejriwal misused that money in his election tours. Even today the condition of Yamuna has become worse than before. BJP MLA Shri Abhay Verma, spokesperson Shri Shubhendu Shekhar Awasthi and other office bearers were present on this occasion.

केजरीवाल स्वयं आठ सालों में दिल्ली के विकास के लिए एक बड़ी समस्या बने हुए हैं-आदेश गुप्ता


 प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आईटीओ स्थित छठ घाट जाकर छठ पूजा की तैयारियों का लिया जायजा



केंद्र सरकार की मदद के बावजूद केजरीवाल मां यमुना की सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया-आदेश गुप्ता

केजरीवाल हमेशा हिंदुओं के पर्व पर रोक लगाने के लिए तुगलकी फरमान जारी करते रहते हैं-आदेश गुप्ता

विधानसभा में बार-बार यमुना सफाई के मुद्दे उठाने के बावजूद केजरीवाल सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया-रामवीर सिंह बिधूड़ी

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता ने आज नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ आईटीओ स्थित छठ पूजा घाट का निरीक्षण किया और छठ की तैयारियों का जायजा लिया। घाटों का जायजा लेने के बाद श्री गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हर साल की तरह एक बार फिर मां यमुना की सफाई को लेकर केजरीवाल अपनी पुरानी स्क्रिप्ट रटना शुरू कर चुके हैं। जबकि आठ साल पहले से केजरीवाल  कहते आ रहे हैं कि मां यमुना में प्रदूषण की समस्या को खत्म कर सबके साथ डुबकी लगाएंगे। लेकिन इन आठ सालों में केजरीवाल खुद दिल्ली के विकास के लिए एक बड़ी समस्या बन चुके हैं।

श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने 2419 करोड़ रुपये एसटीपी प्लांट लगाने के लिए केजरीवाल को दिए लेकिन आज उन एसटीपी प्लांट का क्या हुआ जिसकी चर्चाएं केजरीवाल दूसरे राज्यों में करते हैं। लेकिन केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की माता-बहनों को अपने कार्यकाल में जहरीले पानी के अंदर डुबकी लगाने को मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि यमुना का 80 फीसदी प्रदूषण होने का कारण दिल्ली है लेकिन दिल्ली में एक ऐसी सरकार बैठी है जो यमुना सफाई की जगह सिर्फ राजनीति करने का काम कर रही है।

श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ओखला में देश ही नहीं बल्कि पूरे एशिया का सबसे बड़ा एसटीपी प्लांट लगाने का काम जारी है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर दिल्ली में छठ पूजा की तैयारियों को लेकर केजरीवाल के 25 करोड़ रुपये कहाँ दिख रहे हैं। ना ही किसी तरह की तैयारियां है और ना ही यमुना की सफाई। बाकी दावों की तरह ही उनका यह दांव भी फेल साबित हो चुका है। उन्होंने केजरीवाल सरकार को हिन्दू विरोधी बताते हुए कहा कि जब भी हिंदुओ का कोई पर्व आता है तो वे तुगलकी फरमान जारी कर उसे रोकने का प्रयास करते हैं।

नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि मां यमुना की सफाई का मुद्दा हमेशा से ही विधानसभा में भाजपा ने उठाया लेकिन केजरीवाल उसपर चर्चा करने की बजाए इधर उधर के मुद्दे लाकर मुद्दे से भटकाने का काम करते हैं लेकिन ठीक इसके उलट जब छठ जैसा महापर्व आता है तो यमुना सफाई और उसमें डुबकी लगाने जैसी कोरी बातें करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल यह पिछले आठ सालों से करते आ रहे हैं और अब दिल्ली की जनता भी इसको समझ चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने यमुना सफाई के लिए केजरीवाल की मदद भी की लेकिन उन पैसों का दुरुपयोग केजरीवाल ने अपने चुनावी पर्यटन में कर दिया। आज भी यमुना की स्थिति पहले से ज्यादा बदतर हो चली है। इस मौके पर भाजपा विधायक श्री अभय वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता श्री शुभेन्दू शेखर अवस्थी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

हरियाणा से नॉन-एससीएस कोटे से 4 अधिकारी बने आईएएस




मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आईएएस नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और राज्य सरकार की डिस्क्रिशनरी पॉवर को खत्म करने का दिखा सकारात्मक असर

उम्मीदवारों को पारदर्शी तरीके से मिला पूरा मौका


चण्डीगढ़, 26 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के आईएएस नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और राज्य सरकार की डिस्क्रिशनरी पॉवर को खत्म करने के प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य के नॉन-एससीएस (गैर राज्य सिविल सेवा) कोटे से 4 अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त हुए हैं। इस संबंध में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की गई है।

सेलेक्ट लिस्ट 2019 के लिए नियुक्त सूची में डॉ. विवेक भारती, डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, डॉ. जयइंदर सिंह छिल्लर और डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी शामिल हैं।

गौरतलब है कि पहले की सरकारों के कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार के पास डिस्क्रिशनरी पॉवर होती थी, जिसके तहत सरकार द्वारा नामों का चयन कर आईएएस के लिए भेजा जाता था। उनमें से ही आईएएस अफसरों की नियुक्ति होती थी। लेकिन श्री मनोहर लाल ने इस प्रथा को बदलने के लिए बड़ा कदम उठाया और इस डिस्क्रिशनरी पॉवर को खत्म किया। पहली बार नॉन-एससीएस कोटे से आईएएस बनने के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री की इस पहल से उम्मीदवारों को पारदर्शी तरीके से पूरा मौका मिला है। लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर साक्षात्कार लिए गए। पूरी चयन प्रक्रिया बड़े ही पारदर्शी तरीके से पूरी हुई और हरियाणा से 4 अधिकारी आईएएस में नियुक्त हुए हैं।

केंद्र सरकार ने 2019 के रिक्त पदों पर इन अधिकारियों को नियुक्त किया है। डॉ. विवेक भारती और डॉ. जयइंदर सिंह छिल्लर उच्चतर शिक्षा विभाग तथा डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ व डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी पशुपालन विभाग में अफसर थे। इसके अलावा, 2021 की 3 रिक्तियों के लिए भी जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री द्वारा आईएएस नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और राज्य सरकार की डिस्क्रिशनरी पॉवर को खत्म करने की इस अनूठी और सकारात्मक पहल को अन्य राज्य सरकारें भी अपने प्रदेश में लागू करने पर विचार कर रही हैं।

पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न करवाएं-धनपत सिंह पंचायती राज चुनावों के लिए 27 पर्यवेक्षक नियुक्त नकदी, शराब, अवैध हथियार, असला पर सख्त रखें निगरानी



   
चंडीगढ़, 26 अक्तूबर - हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त श्री धनपत सिंह ने चुनाव पर्यवेक्षक को निर्देश दिए कि वे राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्वक एवम पारदर्शी ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए पूरी जिम्मेवारी के साथ कार्य करें और चुनाव से दो दिन पहले 28 अक्तूबर सुबह 10 बजे तक अपनी ड्यूटी पर उपस्थित हो।
राज्य चुनाव आयुक्त आज पंचायती राज संस्थाओं के प्रथम चरण का चुनाव करवाने के लिए नियुक्त सामान्य पर्यवेक्षक, खर्च पर्यवेक्षक एवम पुलिस पर्यवेक्षक की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।  बैठक में सचिव राज्य चुनाव आयोग डॉक्टर इंद्रजीत भी मौजूद रहे।
 
राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि प्रथम चरण के पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए सभी जिलों में 27 चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए जिनमे एक सामान्य, एक पुलिस एवम एक खर्च चुनाव पर्यवेक्षक शामिल है। उन्होंने कहा कि चुनाव पर्यवेक्षक संबंधित जिले में पहुंच कर मुख्यालय को ईमेल के माध्यम से सूचित करें।
उन्होंने कहा कि चुनाव पर्यवेक्षक राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों एवम हिदायतों की दृढ़ता से पालना करें और उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत आए तो वे राज्य चुनाव आयोग से संपर्क करें। सामान्य पर्यवेक्षक के पास स्वतंत्र और बिना किसी भय के चुनाव संपन्न करवाने के लिए कोई शिकायत आती है तो उस पर तुरंत संज्ञान ले।
उन्होंने कहा कि पहले चरण में भिवानी, झज्जर, जींद, कैथल, महेंद्रगढ़, नूह, पंचकूला, पानीपत एवम यमुनानगर में जिला परिषद व पंचायत समिति का चुनाव 30 अक्तूबर तथा पंच, सरपंच का चुनाव 2 नवंबर को संपन्न करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी जिले में किसी कारणवश पुनः मतदान करवाया जाना है तो उस जिले के पर्यवेक्षक मतगणना तक तैनात रहेंगे।

उन्होंने कहा कि चुनाव पर्यवेक्षक पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव मंें नकदी, शराब, कपड़े एवं मतदाताओं की संतुष्टि के लिए बांटने वाले अन्य सामान पर सख्त निगरानी रखें और जिले में पूर्ण रूप से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी सर्तक रहें। इसके अलावा अवैध हथियार, असला एवं अवैध शराब पर भी निगरानी बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि चुनाव की रिपोर्ट निर्धारित प्रोफार्मा में ही भेजे और चुनाव संपन्न होने के बाद परिणाम आयोग की  sec@hry.nic.in पर अपलोड करवाएं। उन्होंने सभी पर्यवेक्षक को चुनाव कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया।

राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भिवानी के लिए पुलिस पर्यवेक्षक राहुल शर्मा, खर्च पर्यवेक्षक अनुपमा रानी, झज्जर के लिए सामान्य पर्यवेक्षक वजीर सिंह गोयत, पुलिस पर्यवेक्षक अशोक कुमार, खर्च पर्यवेक्षक आनन्द सिहं, जीन्द के लिए सामान्य पर्यवेक्षक वीरेन्द्र सिंह लाठर, पुलिस पर्यवेक्षक सुनील कुमार, खर्च पर्यवेक्षक अंजु, कैथल के लिए सामान्य पर्यवेक्षक धर्मबीर ंिसह, पुलिस पर्यवेक्षक विनोद कुमार, खर्च पर्यवेक्षक कुलबीर ंिसंह, महेन्द्रगढ जिला के लिए सामान्य पर्यवेक्षक जयबीर सिंह आर्य, पुलिस पर्यवेक्षक डा. राजश्री सिंह, खर्च पर्यवेक्षक शफिक मोहम्मद, नूह के लिए सामान्य पर्यवेक्षक शेखर विद्यार्थी, पुलिस पर्यवेक्षक श्रीमती सुलोचना गजराज, खर्च पर्यवेक्षक वन्दना चौधरी, पंचकूला के लिए सामान्य पर्यवेक्षक अशोक कुमार मीणा, पुलिस पर्यवेक्षक हरदीप सिंह दून, खर्च पर्यवेक्षक संजीव राठी, पानीपत के लिए सामान्य पर्यवेक्षक नरहरि सिंह बांगड, पुलिस पर्यवेक्षक किरत पाल सिंह, खर्च पर्यवेक्षक सुरत सिंह मलिक तथा यमुनानगर के लिए सामान्य पर्यवेक्षक रिपुदमन सिंह ढिल्लो, पुलिस पर्यवेक्षक राजेन्द्र कुमार एवं खर्च पर्यवेक्षक समीर यादव को नियुक्त किया गया है।

28 अक्टूबर को एनआईटी फरीदाबाद बस अड्डा होगा जनता को समर्पित - परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा

 फरीदाबाद के सेक्टर-12 में जन उत्थान रैली कल


- गृह मंत्री अमित शाह करेंगे राज्य की 6600 करोड रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल करेंगे रैली की अध्यक्षता


चण्डीगढ़, 26 अक्टूबर - देश के गृह मंत्री अमित शाह 27 अक्टूबर को फरीदाबाद के सेक्टर-12 के मैदान से राज्य की 6600 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस रैली की अध्यक्षता करेंगे। जन उत्थान रैली के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आजादी अमृत काल में हरियाणा प्रदेश में भाजपा सरकार के 8 साल पूरे होने पर आयोजित जन उत्थान रैली में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री  श्री अश्वनी वैष्णव, हरियाणा के डिप्टी सीएम श्री दुष्यंत चौटाला, हरियाणा के गृह मंत्री श्री अनिल विज, केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन तथा योजना राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय भारी उद्योग और ऊर्जा राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर भी उपस्थित रहेंगे।
इन योजनाओं का होगा आगाज
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णवी व मुख्यमंत्री हरियाणा श्री मनोहर लाल की मौजूदगी में गुरुवार को पलवल से हरसाना कलां तक हरियाणा आर्बिटल रेल कोरिडोर का शिलान्यास करेंगे। वहीं रोहतक एलिवेटेड रेल पथ, रेल कोच नवीनीकरण कारखाना बड़ी (सोनीपत) तथा हरियाणा पुलिस आवासीय परिसर भोंडसी का लोकार्पण करेंगे।
क्रमांक-2022







चण्डीगढ़, 26 अक्तूबर - हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल 28 अक्तूबर को एनआईटी फरीदाबाद बस अड्डे को जनता को समर्पित करेंगे। इस बस अड्डे के निर्माण कार्य पर लगभग 130 करोड़ रुपये की धनराशि की लागत आई है। यह बस स्टैण्ड अत्याधिक आधुनिक व सभी मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित है। इस बस स्टैण्ड में 17 बस काऊंटर हैं , जहां से दिल्ली, चण्डीगढ़, जयपुर, हरिद्वार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब प्रदेशों के यात्रियों को बस सुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने आगे बताया कि 4 एकड़ भूमि पर बने इस बस स्टैंड में यात्रियों के बैठने के लिए वातानुकूलित गैलरी बनाई गई है। इसमें आरामदायक कुर्सियों का प्रावधान किया है। जहां यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक शौचालय, पीने के लिए आर.ओ. का शीतल जल, समान रखने के लिए क्लोक रूम तथा जलपान आदि सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध रहेगी और संपूर्ण बस स्टैण्ड सी.सी.टी.वी. कैमरे की निगरानी में रहेगा। बस अड्डे के नीचे वाहनों की पार्किंग के लिए बैसमैटं में 1000 गाडिय़ों को खड़ी करने की व्यवस्था की गई है।

हरियाणा पुलिस का पलवल में अपराधियों सटीक निशाना गत एक वर्ष में 34 इनामी बदमाश किए काबू, 2500 से 50000 तक था इनाम

चंडीगढ , 26 अक्तूबर - हरियाणा पुलिस ने पलवल जिले में अपराधियों व असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसते हुए गत एक वर्ष की अवधि में 2500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक के 34 ईनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों में भेजने में सफलता हासिल की है। इसके अतिरिक्त काफी लंबे समय से फरार चल रहे 73 उद्घोषित अपराधी व 121 बेल जम्पर्स को गिरफ्तार किया गया। हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज इस संबंध में यहां जानकारी देते हुए बताया कि साथ ही पुलिस द्वारा आधा दर्जन बदमाशों की अवैध सम्पति पर बुलडोजर चलवाकर आर्थिक रूप से कड़ा प्रहार किया गया है। यह कार्रवाई सिविल प्रशासन के सहयोग से की गई जिससे अपराधियों में भय का माहौल व्याप्त है। इन बदमाशों पर हत्या, लूट, डकैती, जानलेवा हमला आदि संगीन धाराओं के तहत मामले दर्ज थे। अवैध असला रखने वालों के खिलाफ गत एक साल में की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए प्रवक्ता ने बताया कि पलवल जिले में पुलिस ने इस अवधि में 197 अभियोग दर्ज करे 208 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनके कब्जे से 4 देशी गन, 53 पिस्तौल, 200 देसी कट्टे, एक देसी पोना, 16 मैगजीन, एक बंदूक, 174 जिंदा कारतूस व अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए अवैध हथियार बनाने का काफी मात्रा में सामान बरामद किया गया। नशे के सौदागरों पर किए गए प्रहार की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ 55 अभियोग दर्ज कर 80 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 4499.701 किलोग्राम गांजा पत्ती, 791.145 किलोग्राम चूरा पोस्त, 2 किलो 83 ग्राम सुल्फा, 27.730 किलोग्राम अफीम पौधे, 3.60 ग्राम स्मैक, 443 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल, 2715 प्रतिबंधित टेबलेट एवं 213720 कैप्सूल बरामद किये गये। पुलिस ने इस अवधि में चोरी के 62 वाहन जिनमें ट्रक, कार, ट्रैक्टर, मोटरसाईकिल, कैन्टर, डम्पर, पिकअप व अन्य वाहन शामिल हैं को बरामद कर 54 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने चोरी, डकैती, सेंधमारी, लूट आदि करीब 4 करोड़ रुपये की सम्पति भी बरामद की है।

हरियाणा से नॉन-एससीएस कोटे से 4 अधिकारी बने आईएएस

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आईएएस नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और राज्य सरकार की डिस्क्रिशनरी पॉवर को खत्म करने का दिखा सकारात्मक असर उम्मीदवारों को पारदर्शी तरीके से मिला पूरा मौका चण्डीगढ़, 26 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के आईएएस नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और राज्य सरकार की डिस्क्रिशनरी पॉवर को खत्म करने के प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य के नॉन-एससीएस (गैर राज्य सिविल सेवा) कोटे से 4 अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त हुए हैं। इस संबंध में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। सेलेक्ट लिस्ट 2019 के लिए नियुक्त सूची में डॉ. विवेक भारती, डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, डॉ. जयइंदर सिंह छिल्लर और डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी शामिल हैं। गौरतलब है कि पहले की सरकारों के कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार के पास डिस्क्रिशनरी पॉवर होती थी, जिसके तहत सरकार द्वारा नामों का चयन कर आईएएस के लिए भेजा जाता था। उनमें से ही आईएएस अफसरों की नियुक्ति होती थी। लेकिन श्री मनोहर लाल ने इस प्रथा को बदलने के लिए बड़ा कदम उठाया और इस डिस्क्रिशनरी पॉवर को खत्म किया। पहली बार नॉन-एससीएस कोटे से आईएएस बनने के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री की इस पहल से उम्मीदवारों को पारदर्शी तरीके से पूरा मौका मिला है। लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर साक्षात्कार लिए गए। पूरी चयन प्रक्रिया बड़े ही पारदर्शी तरीके से पूरी हुई और हरियाणा से 4 अधिकारी आईएएस में नियुक्त हुए हैं। केंद्र सरकार ने 2019 के रिक्त पदों पर इन अधिकारियों को नियुक्त किया है। डॉ. विवेक भारती और डॉ. जयइंदर सिंह छिल्लर उच्चतर शिक्षा विभाग तथा डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ व डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी पशुपालन विभाग में अफसर थे। इसके अलावा, 2021 की 3 रिक्तियों के लिए भी जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा आईएएस नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और राज्य सरकार की डिस्क्रिशनरी पॉवर को खत्म करने की इस अनूठी और सकारात्मक पहल को अन्य राज्य सरकारें भी अपने प्रदेश में लागू करने पर विचार कर रही हैं।