ਸਰਦਾਰ ਘੁੰਮਣ ਨੇ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਮੌਜੂਦਾ ਟੀਮ ਦੇ ਸਾਫ ਸੁਥਰੇ ਕੰਮਾਂ ਨੂੰ ਵੇਖਦਿਆਂ ਪਾਰਟੀ ਵਿਚ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਕੀਤੀ: ਹਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਕਾਲਕਾ, ਜਗਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕਾਹਲੋਂ
ਦਿੱਲੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਕਮੇਟੀ ਮੈਂਬਰ ਅਨੂਪ ਸਿੰਘ ਘੁੰਮਣ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦਿੱਲੀ ਸਟੇਟ ’ਚ ਸ਼ਾਮਲ
ਸਰਦਾਰ ਘੁੰਮਣ ਨੇ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਮੌਜੂਦਾ ਟੀਮ ਦੇ ਸਾਫ ਸੁਥਰੇ ਕੰਮਾਂ ਨੂੰ ਵੇਖਦਿਆਂ ਪਾਰਟੀ ਵਿਚ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਕੀਤੀ: ਹਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਕਾਲਕਾ, ਜਗਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕਾਹਲੋਂ
हरियाणा में कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है: कुमारी सैलजा
राहुल गांधी की मेहनत लाई रंग, कार्यकर्ताओं में किया नए जोश का संचार
DPCC president Shri Devender Yadav welcomes a large number of AAP leaders and workers into Congress—Workers desert AAP disillusioned with Kejriwal.
NEW DELHI, October 6, 2024—A large number of workers and leaders of Aam Aadmi Party, led by Subhash Bhagel, and the BJP, led by Nishant Mudgal, today joined the Congress in the presence of Delhi Pradesh Congress Committee president Shri Devender Yadav at the DPCC office, Rajiv Bhawan, here today. Shri Devender Yadav offered them the Congress scarfs to welcome into the party fold.
Besides Shri Devender Yadav, others present were AICC secretary Shri Jitendra Bhagel and District presiden Zubair Ahmed, Mahender Parasher, Sarvesh Baghel and Raju Pradhan.
Shri Devender Yadav said that Subhash Bhagel joined the Congress at the right time and his presence will further strengthen the party in Delhi. He said that those who joined the Congress would be given major responsibilities as Congress recognizes talent and rewards them with positions.
Shri Devender Yadav said that the Capital had witnessed unprecedented developments when Congress was in power in Delhi for 15 years under Chief Minister Smt. Sheila Dikshit when new flyovers and underpasses were built, the metro project got on rail and made it operational, modernized the DTC fleet with CNG buses to eliminate air pollution, but the Kejriwal government the ruined the civic infrastructure without doing any work over the past 10 years as he only made empty promises without fulfilling any of them.
Shri Devender Yadav said that Congress has been pitched at a vantage position in Delhi now as people want the party back in power as both BJP and AAP had let down the people without doing any work, as they wasted the past 10 years in shadow boxing and accusations to stall all development works.
ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਵਣਜਾਰਾ ਸਮਾਜ ਦੇ 42 ਅੰਮ੍ਰਿਤਧਾਰੀ ਬੱਚੇ ਦਿੱਲੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਦਫਤਰ ਪੁੱਜੇ
ਵਣਜਾਰਾ ਸਮਾਜ ਦੇ ਬੱਚਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਗੁਰਸਿੱਖੀ ਜੀਵਨ ਜਾਚ ਸਿੱਖਣਾ ਬਹੁਤ ਫਖ਼ਰ ਵਾਲੀ ਗੱਲ: ਹਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਕਾਲਕਾ, ਜਗਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕਾਹਲੋਂ
भाजपा के 10 साल के राज से परेशान जनता ने हरियाणा की किस्मत पहले ही लिख दी है:कुमारी सैलजा
भाजपा के लिए जनता ने किए सारे दरवाजे बंद, जनता के बीच जाने के लिए कोई मुद्दा नहीं
चंडीगढ़, 05 अक्तूबर।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा के दस साल के राज से परेशान हरियाणा की जनता ने हरियाणा की किस्मत पहले ही लिख दी है, कांग्रेस ही एक मात्र विकल्प है। मतदाता ने साफ कर दिया है कि भाजपा जा रही है और कांग्रेस की सरकार आ रही है। भाजपा के लिए जनता ने सारे दरवाजे बंद कर दिए है, आज भाजपा के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई मुद्दा ही नहीं बचा है।
वे शनिवार को हिसार में मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थी, सीएम पद पर दावेेदारी को लेकर किसी को कोई परेशानी नहीं है, सबको पता है कि कांग्रेस में सीएम का फैसला हाईकमान ही करती है। उन्होंने कहा कि हम सभी 90 सीटों पर जीत के लिए ही लड़ रहे है इसमें कोई दो राय नहीं हरियाणा में कांग्रेस की बहुमत के साथ सरकार बनने जा रही है। जब उनसे पूछा कि भाजपा नेताओंं ने आपको भाजपा में लाने के लिए जोर लगाया पर सफल नहीं हुए तो उन्होंने कहा कि सैलजा कांग्रेस की सच्ची सिपाही है कांग्रेस में ही रहेगी, भाजपा कमजोर हो चुकी है, भाजपा के पास कोई मुद्दा तो है नहीं, इधर उधर की बात कर रही है। कांग्रेस कितनी सीटें जीतने जा रही है के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो 90 सीटों पर ही जीत के लिए लड़ रही है। पर इसमें कोई दो राय नहीं कि कांग्रेस बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के दस साल के राज से जनता परेशान है, जनता भाजपा सरकार से मुक्ति चाहती है, जनता के पास कांग्रेस विकल्प है। हरियाणा की जनता ने हरियाणा की किस्मत पहले ही लिख दी है। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि कांग्रेस जो वायदा करती है उसे पूरा करती है, उन्होंने कहा कि आज भाजपा एक झूठ को छिपाने के लिए झूठ पर झूठ पर बोले जा रही है पर जनता अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सात गारंटियां अपने आप में एक शपथ पत्र है।
सुपरस्टार खेसारीलाल यादव की बहुप्रतीक्षित फिल्म "राजाराम" का फर्स्ट लुक जारी, फैंस में उत्साह
भोजपुरी सिनेमा के मेगा स्टार खेसारीलाल यादव की बहुप्रतीक्षित फिल्म "राजाराम" का फर्स्ट लुक आज जारी किया गया। फर्स्ट लुक रिलीज होते ही फैंस के बीच भारी उत्साह का माहौल बन गया है। फर्स्ट लुक मुंबई में आउट किया गया। साथ ही प्रेस कांफ्रेंस भी किया गया। जिसे संबोधित करते हुए खेसारीलाल यादव ने पत्रकारों के जरिए अपील की कि दर्शक उनके काम को सराहें और सकारात्मक रूप से समर्थन दें। खेसारीलाल यादव ने कहा कि वे हमेशा अपने प्रशंसकों के प्यार और समर्थन के आभारी हैं और उनका प्रयास है कि वे अपने काम से सभी को मनोरंजन प्रदान करें। उन्होंने यह भी अपील की कि भोजपुरी सिनेमा को बेहतर बनाने में सभी का सहयोग मिले। फिल्म "राजाराम" को लेकर खेसारीलाल यादव ने आगे कहा कि यह उनके करियर की सबसे खास फिल्मों में से एक है, जिसमें उन्हें एक चुनौतीपूर्ण और अनोखा किरदार निभाने का मौका मिला है। इस फ़िल्म के सभी गाने सारेगामा हम भोजपुरी के यूट्यूब चैनल के साथ साथ सभी लीडिंग म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होंगे।
"राजाराम" एक सुपरस्टार की कहानी है, जो उसके व्यक्तित्व और उसने आने वाले परिवर्तन के साथ साथ उसके समाज में योगदान को भी दर्शाती है। इस फ़िल्म में खेसारी जी ने एक से बढ़कर एक किरदार निभाये है। इन सभी के साथ साथ, एक किरदार उन्होंने भगवान राम का भी निभाया है, जो भोजपुरी सिनेमा के इतिहास में एक अनूठा और खास किरदार होने वाला है जो प्रभावशाली होने के साथ साथ, दर्शकों को आकर्षित भी कर रहा है। इसका लुक, आउट होते ही, फ़ैन्स की उत्सुकता और बढ़ गई है। इतनी सारी भूमिकाओं के बीच, श्री राम की भूमिका, को निभाना आपने आप में ही एक सहनीय चीज़ है।
इस फिल्म में खेसारीलाल यादव के दमदार व्यक्तित्व और उनके अनूठे अभिनय की आभा पूरी फिल्म को खास बनाती है। भोजपुरी सिनेमा में इस तरह की फिल्म लंबे समय बाद आई है, जिससे दर्शकों को इसका बेसब्री से इंतजार है। वहीं, फिल्म के निर्देशक पराग पाटिल ने कहा कि “राजा राम मैंने निर्देशित किया है और खेसारीलाल यादव जी से इतने सारे किरदार पर काम करवाना मेरे लिए एक चैलेंज था, जिसमें मुझे बेहद मजा आया। अब उम्मीद है कि जब फिल्म थिएटर में आएगी, तब दर्शकों को भी खूब मजा आयेगा।” फिल्म का निर्देशन और निर्माण बड़े स्तर पर किया गया है,अब फैंस को केवल इस फिल्म का इंतजार है, जो खेसारीलाल यादव के करियर की एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान जल्द ही किया जाएगा, लेकिन फिलहाल "राजाराम" का लुक फैंस के दिलों में जगह बनाने में कामयाब हो चुका है। इस फिल्म में अभिनेता राहुल शर्मा भी प्रमुख किरदार में नज़र आ रहे हैं। यह फिल्म टेक्नीशियन फिल्म फैक्ट्री के बैनर तले बनाई जा रही है और इसका निर्देशन पराग पाटिल ने किया है। फिल्म में खेसारीलाल यादव के साथ आर्य बब्बर, राहुल शर्मा, सोनिका गौड़ा, सपना चौहान,के के गोस्वामी,विनोद मिश्रा,संजय महानंद,सुबोध सेठ,वीणा पाण्डेय,निशा तिवारी,अमित शुक्ला, और संजय पांडे मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फ़िल्म के निर्माता पराग पाटिल और आर आर प्रिंस है। पोस्टर जारी करने के साथ साथ इस फ़िल्म के पहले गाने ,चुम्मा चुम्मा का प्रदर्शन किया गया।जिसे उपस्थित सभी लोगो ने तारीफ करते हुए कहा कि यह गाना दर्शकों की बीच धमाल मचाएगी। यह गाना ९ अक्टूबर को सारेगामा हम भोजपुरी के यूट्यूब चैनल के साथ साथ सभी लीडिंग म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगा.
फिल्म की शूटिंग अयोध्या के वास्तविक स्थानों पर की गई है। फिल्म के लेखक अरविंद तिवारी हैं, जबकि डीओपी आर.आर. प्रिंस और म्यूजिक कृष्णा बेदर्दी का है।
योग द्वारा हृदय रोग से मुक्ति
उमेश कुमार सिंह
मेडिकल सांइस की दुनिया में डॉ. बिमल छाजेड़, एम.बी.बी.एस., एम. डी. एक जाने-पहचाने व्यक्ति हैं। ये भारत में नॉन इन्वेसिव कॉर्डियोलॉजी के जन्मदाता हैं। डॉक्टर छाजेड़ ने विख्यात अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में छह वर्ष तक सीनियर रेसीडेण्ट और सहायक प्रोफेसर के पद पर काम कर चुके हैं। वर्ष 1995 में इन्होंने AIIMS छोड़ दिया और अपनी रिसर्च के आधार पर 'साओल' की स्थापना की। साओल का मतलब है- विज्ञान तथा जीवन जीने की कला (साइंस एण्ड आर्ट ऑफ लीविंग) जो आधुनिक मेडिकल साइंस और जीवन जीने की कला को जोड़ता है। इनका हृदय रोग के रिवर्सल के लिए चलाया गया त्रिदिवसीय कार्यक्रम बहुत प्रसिद्ध हुआ। यह कार्यक्रम भारत के लगभग सभी मुख्य शहरों में शुरू किया गया है। हृदय की देखभाल के लिए इन्होंने जो 'साओल हृदय कार्यक्रम' चलाया है वह भारत में हृदय की देखभाल का सबसे लोकप्रिय तरीका है जिसमें चीर-फाड़ की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती।
डॉ. छाजेड़ ने सौ से ज्यादा किताबें लिखी हैं, जिनकी गिनती सर्वाधिक बिकने वाली किताबों में होती है। इनकी किताबों का भारत की लगभग सभी क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है। इन्होंने 'जीरो ऑयल कुकिंग' के माध्यम से भोजन बनाने का नया तरीका भी बताया, जो पूरे भारत में बहुत प्रसिद्ध हुआ । इन्होंने हृदय रोगियों के लिए बिना तेल के 1000 व्यंजन तैयार किए हैं तथा भारत में सौ से ज्यादा शहरों में तथा विदेशों में भी व्याख्यान दिए हैं। इनकी तनाव प्रबंधन की कक्षाओं और तकनीकों ने हजारों लोगों की जिंदगी बदल दी है। इस क्षेत्र में अपनी इन उपलब्धियों के लिए इन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। लोग इन्हें नॉन-इनवेसिव डॉक्टर, हार्ट केयर और लाइफ स्टाइल एक्सपर्ट पुकारते हैं। यह खुद को उन डॉक्टरों (कॉर्डियोलॉजिस्ट्स और हार्ट सर्जन्स) से पूरी तरह अलग मानते हैं जो हृदय संबंधी अस्पतालों में हृदय रोगियों का उपचार करते हैं। इनकी संस्था साओल यानी ( साइंस एंड आर्ट ऑफ लिविंग) हृदय रोगियों की जीवनशैली में बदलाव करके बाईपास, एंजियोप्लास्टी किए बिना उनका उपचार करती है। हृदय रोगियों को हृदय सुरक्षा संबंधी चिकित्सकीय पहलुओं के साथ-साथ पारंपरिक दवाइयों, खानपान में बदलावों और योग के बारे में भी बताया जाता है।
डायमंड बुक्स द्वारा “योग द्वारा हृदय रोग से मुक्ति” पुस्तक प्रकाशित की गयी है जिसके लेखक डॉ. बिमल छाजेड़ हैं। हृदय रोगियों को इस नई प्रकार की परिवर्तित चिकित्सा पद्धति ( रिवर्सल थैरेपी) योग वस्तुतः जीवनशैली और जीवन को जीने का मार्ग बताया है, जिसमें आसन, प्राणायाम और ध्यान का समावेश होता है। यह एक विशाल विषय है और इस पर अनेक पुस्तकों की रचना की जा सकती है। चूंकि अलग-अलग लोग योग के ग्रंथों की अपने-अपने तरीके से व्याख्या करते हैं इसलिए इसके विभिन्न संस्करण होना स्वाभाविक है। यह 5,000 वर्ष पुरानी साधना और विषय है। जो प्रागैतिहासिक काल में यकीन करते हैं, उनका कहना है कि योग अनादिकाल ( लगभग 15,000 वर्षों) से चला आ रहा है। योग के हर अंश के कई रूप हैं किंतु इसका एक अभिन्न अंग है जिसमें यम और नियम के दर्शन का समावेश है जो योग में क्या करें और क्या न करें, का बोध कराता है। यह जीवन को किस प्रकार जीना चाहिए संबंधी निर्देश देता है। योग का दर्शन अत्यंत वृहद है जिसमें राजयोग, भक्तियोग, कर्मयोग आदि शामिल हैं।
“योग द्वारा हृदय रोग से मुक्ति” में इसी बात को सुस्पष्ट तरीके से बताने जा रहा है। यौगिक आसनों को हृदय रोगियों के लिए प्रायः सबसे लाभकारी और श्रेष्ठ व्यायाम माना जाता है। पिछले 20 वर्षों से हृदय रोगियों के साथ कार्य करने के दौरान हमने कई आसनों का प्रयोग किया और अंततः 20 मिनट के योग आधारित व्यायाम और आसनों से ही हृदय के खतरों को शून्य कर दिया।
जहां तक प्राणायाम की बात है तो हृदय रोगियों को कपालभाति और भास्त्रिका जैसे कठिन प्राणायाम करने की मनाही है क्योंकि उनके लिए ये खतरनाक साबित हो सकते हैं। बाबा रामदेव जी की कृपा से आजकल ये दोनों प्राणायाम बहुत लोकप्रिय हो गए हैं। यद्यपि आम लोगों के लिए ये सही हैं किंतु ऐसे हृदय रोगियों को ये नहीं करने चाहिए जिन्हें हार्ट अटैक का खतरा हो। ऐसे रोगियों के लिए अनुलोम-विलोम प्राणायाम ( नाक के दोनों नथुनों से बारी-बारी से सांस लेना) करना बेहतर प्राणायाम है। हृदय रोगियों के लिए योग का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण भाग जीवनशैली में बदलाव लाने संबंधी परामर्श और ध्यान (मेडिटेशन) लगाना है। ये हमारे जीवन को बदलते हैं, हमारी इच्छाशक्ति को बढ़ाते हैं, हमें शांति प्रदान करते हैं, तनाव को कम करते हैं, हमारे भावनात्मक चिड़चिड़ेपन को कम करते हैं और (साइको न्यूरो इम्युनोलॉजी - पीएनआई) के द्वारा कार्य करके रुकावट कम करने में सहायता करते हैं। कई प्रकार की ध्यान संबंधी विधियों का अध्ययन करने के उपरांत मैंने हृदय रोग को स्वस्थ हृदय में बदलने (रिवर्सल ऑफ हार्ट डिज़ीज़) अर्थात उसके निवारण हेतु प्रशिक्षण आधारित योग में प्रेक्षा- ध्यान पद्धति ( प्रेक्षा मेडिटेशन सिस्टम) को सर्वश्रेष्ठ योग पाया।
लेकिन यह याद रखना चाहिए कि योग आम आदमी के लिए सेहत को सुधारने, खुशी और आंतरिक शांति प्राप्त करने का साधन है, लेकिन हृदय रोगियों के लाभार्थ मैंने इस पद्धति में कई बदलाव और सुधार किए। साओल कार्यक्रम के अंतर्गत जीरो ऑयल कुकिंग, गिरीदार वसायुक्त खाद्य पदार्थों से परहेज, तनाव विश्लेषण और प्रबंधन आदि अन्य तत्व शामिल किए। साओल के अंतर्गत चिकित्सा ज्ञान, सरल चिकित्सा शिक्षण, मेडिकल टेस्ट, दवाइयों, ईसीपी, बीसीए, आयुर्वेद और होम्योपैथी का भी समावेश किया।
साओल का तात्पर्य है - 'साइंस एंड आर्ट ऑफ लिविंग'। मेडिकल साइंस और आर्ट ऑफ लिविंग को एक साथ मिलाया। मेडिकल साइंस यानी चिकित्सा विज्ञान में से हमने बाईपास सर्जरी और एंजियोप्लास्टी के प्रचलित उपचारों को शामिल नहीं किया क्योंकि ये प्रकृति के विरुद्ध हैं। ये शरीर को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं जिसमें स्वयं ही हृदय रोग को दूर और उसका उपचार करने की शक्ति है। विदित हो कि हृदय रोग कोई अकस्मात् होने वाला रोग नहीं है और हम हृदय रोग होने के सही कारणों को भी भलीभांति जानते हैं तो क्यों न हम इन्हीं कारणों को दूर करने का भरसक प्रयास करें और हृदय को शक्तिशाली बनाकर हृदय रोग के खतरे को दूर करें। साओल में हम यही कर रहे हैं।




