अच्छी सेहत का सीधा संबंध हमारे पेट से जुड़ा है। शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया अगर संतुलन में रहें, तो न सिर्फ पाचन तंत्र मजबूत रहता है, बल्कि इम्युनिटी भी बेहतर होती है और बीमारियां दूर रहती हैं। मेडिकल भाषा में इन अच्छे बैक्टीरिया के समूह को गट माइक्रोबायोटा कहा जाता है।
कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. के. गौतम के अनुसार, सही खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर गट माइक्रोबायोटा को मजबूत रखा जा सकता है।
क्या है गट माइक्रोबायोटा?
गट माइक्रोबायोटा पेट और आंतों में रहने वाले करोड़ों अच्छे बैक्टीरिया का समूह होता है। ये बैक्टीरिया भोजन को पचाने, जरूरी पोषक तत्वों को शरीर तक पहुंचाने और हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पेट की समस्याओं से मिलती है राहत
डॉ. गौतम बताते हैं कि गट माइक्रोबायोटा संतुलित होने पर:
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गैस
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कब्ज
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एसिडिटी
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बार-बार पेट खराब होने की समस्या
अपने आप कम हो जाती है। साथ ही इसका सीधा असर रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है।
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