नई दिल्ली: नेशनल जूलॉजिकल पार्क (दिल्ली जू) से जुड़े एक
गंभीर और सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं। कर्मचारी यूनियन का दावा है कि पिछले साल दिसंबर में एक
सियार को उसके बिल के अंदर मिर्च पाउडर डालकर आग लगाकर जिंदा मार दिया गया। आरोप यह भी है कि घटना के बाद
बिना पोस्टमार्टम के शव को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगा दिया गया, ताकि सबूत न मिल सकें।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जांच के आदेश दिए हैं। मंत्रालय की एक टीम ने चिड़ियाघर का दौरा कर प्राथमिक पड़ताल भी की है। सियार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्राणी है, ऐसे में आरोप सही पाए जाने पर यह कानून का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
यूनियन की शिकायत के अनुसार, नवंबर में कुछ सियार अपने बाड़े से निकल गए थे। इनमें से एक सियार कथित तौर पर हिमालयी काले भालू के बाड़े (बीट नंबर-4) में चला गया। आरोप है कि उसे सुरक्षित निकालने के बजाय कथित तौर पर उसे वहीं खत्म करने की योजना बनाई गई। हालांकि, चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
जांच एजेंसियां अब घटना की परिस्थितियों, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और प्रक्रियात्मक चूक की पड़ताल कर रही हैं। सच क्या है, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा
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