पिछले पांच वर्षों (2021–2025) के दौरान विदेशों से कुल 1,68,665 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट कर भारत वापस भेजा गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक डिपोर्टेशन के मामले सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से सामने आए हैं, जहां बड़ी संख्या में भारतीय कामकाज के लिए जाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर लोगों को वीजा नियमों के उल्लंघन, अवैध रूप से ठहरने, गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल करने और स्थानीय कानूनों का पालन न करने जैसे कारणों से वापस भेजा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश जाने से पहले सही एजेंट और वैध दस्तावेजों की जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
सरकार और भारतीय दूतावासों ने भी लोगों से अपील की है कि वे विदेश यात्रा से पहले सभी नियमों और शर्तों की पूरी जानकारी लें और केवल अधिकृत माध्यमों से ही नौकरी या वीजा प्रक्रिया पूरी करें। इससे डिपोर्टेशन जैसी परेशानी से बचा जा सकता है और विदेश में सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित किया जा सकता है

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