मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित Bhojshala Complex में कमाल मौला मस्जिद को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।
एएसआई ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में संकेत दिया है कि मौजूदा ढांचे का निर्माण प्राचीन मंदिर के अवशेषों का उपयोग कर किया गया हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण, खुदाई, शिलालेखों, मूर्तियों, स्थापत्य शैली और संरचनात्मक विश्लेषण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि यह स्थल कभी देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर रहा होगा।
यह रिपोर्ट Archaeological Survey of India ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में सौंपी। सुनवाई के दौरान जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट की प्रति सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जाए। अदालत ने संबंधित पक्षों को दो सप्ताह के भीतर आपत्तियां और सुझाव दाखिल करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को तय की गई है।
रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद भोजशाला से जुड़े हिंदू पक्ष ने संतोष जताया है, जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से भी कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने की तैयारी की जा रही है।
यह मामला लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक बहस का विषय रहा है। अब अदालत में आगे की सुनवाई के बाद ही इस विवाद पर अगला कानूनी कदम तय होगा।

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