उपायुक्त एसडीएम व सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारियों को निर्देशित करें कि वे मौके पर जाकर बाढ़ नियंत्रण कार्यों का निरीक्षण करें – संजीव कौशल
नई दिल्ली 24 जून - हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने सभी जिला उपायुक्तों को 30 जून से पहले अपने अधिकार क्षेत्र में ड्रेनों व सीवरेज लाइनों की सफाई और अन्य बाढ़ नियंत्रण कार्यों को सुनिश्चित करने और इस संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
श्री कौशल ने ये निर्देश सभी मंडलआयुक्तों और जिला उपायुक्तों के वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नई एवं चल रही बाढ़ सुरक्षा योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए दिये।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए पूर्व व्यवस्था की जानी चाहिए । उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से संबंधित सभी कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि ये सभी समय से पहले पूरी हो जाएं। उन्होंने अधिकारियों को राज्य में अतिप्रवाहित पानी के चैनलों की पहचान करने और पंपों के माध्यम से अतिरिक्त पानी की निकासी के आवश्यक प्रबंध करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा, नालों की सफाई और गाद निकालने का कार्य भी तुरंत किया जाए।
नालों की जल्द से जल्द सफाई सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि जिला उपायुक्त बाढ़ नियंत्रण कार्यों में तेजी लाने के लिए उपमंडल अधिकारियों और सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारियों को नियुक्त करें और ये अधिकारी व्यक्तिगत रूप से नालों और बाढ़ नियंत्रण कार्य स्थलों की सफाई का निरीक्षण करें। उन्होंने अधिकारियों को किए गए कार्यों के सत्यापन के बाद रिपोर्ट सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपने के निर्देश दिए।
आगामी मानसून सीजन में भारी बारिश के दौरान राज्यभर में जलमग्न क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए श्री कौशल ने संबंधित अधिकारियों को पंपसैट की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने लघु, मध्यम और दीर्घकालीन बाढ़ सुरक्षा योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के पास बाढ़ नियंत्रण के लिए उपलब्ध मशीनरी की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि मानसून सीजन के दौरान सिंचाई विभाग को जहां भी बिजली कनेक्शन की आवश्यकता हो, उन्हें उपलब्ध होने चाहिए ।
बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, सीईओ एचडब्ल्यूआरए डॉ. सतबीर सिंह कादियान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नशे के खिलाफ सरकार व सामाजिक संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा - अरोड़ा
नई दिल्ली चण्डीगढ़ , 24 जून - हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश के 12 जिलों के नागरिक अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं और शेष बचे जिला नागरिक अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्र शीघ्र खोले जाएंगे। इसके अलावा, नशा मुक्ति केंद्र में मैनपावर बढ़ाई जाएगी।
श्री राजीव अरोड़ा ने यह बात आज पंचकूला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग व पुलिस आयुक्तालय पंचकूला के सयुक्त तत्वाधान में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में ‘प्रेविंटिग ड्रग एब्यूज’ विषय पर आयोजित सेमिनार में सम्बोधन के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि नशे को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार के साथ-साथ एन.जी.ओ व सामाजिक संस्थाओं को मिलकर कार्य करना होगा। स्थानीय निकाय व पंचायत स्तर के साथ-साथ स्कूल, काॅलेज के विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कैंप लगाए जाने चाहिए ताकि लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए और उन्हें बताया जाए कि नशा दीमक की तरह है जो शरीर के साथ पैसे की भी बर्बादी है। हमें यह भी सोचना होगा कि अपने आस-पास फैले नशे को कैसे खत्म कर सकते हैं।
श्री अरोड़ा ने कहा कि पुलिस द्वारा नशाखोरी में संलिप्त लोगों को पकडने के अलावा ऐसे लोगों की प्रोपर्टी भी जब्त की जा रही हैं । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे को खत्म करने, सप्लाई चैन को तोड़ने और नशा बेचने वाले व्यक्तियों को पकड़ने के लिए हरियाणा नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि भारत युवाओं का देश है और युवाओं को नशे से बचाकर और उन्हें सही दिशा देकर अपने देश को नई बुलंदियों पर ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ- साथ समाज व देश के लिये भी घातक है। श्री अरोड़ा ने कहा कि पुलिस विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और स्वास्थ्य विभाग नशे को लेकर लगातार लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं । नशे की सप्लाई चैन को तोड़ने में पुलिस विभाग अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश से नशे को खत्म करने के लिये सरकार के स्तर पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है । सेमिनार के दौरान लघु फिल्म के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि आज का युवा कैसे नशे की गिरफ्त में आकर शरीर व पैसे की बर्बादी कर रहा है।
पुलिस आयुक्त डाॅ. हनीफ कुरैशी ने कहा कि नशा एक ऐसी समस्या है, जो युवाओं के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करता है । उन्होंने नशे को खत्म करने के लिये लोगों में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नशे बेचने वाले स़्त्रोतों तक पहुंचना बहुत आवश्यक है ताकि नशे की सप्लाई चैन को तोडा जा सके ।
उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस नशे के विरुद्ध पूरी ततपरता से लडाई लड़ रही है और एक विशेष अभियान के तहत इस वर्ष अब तक 86 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 83 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, जिला पुलिस द्वारा स्कूल, काॅलेजो के साथ-साथ मार्केंट व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता फैलाने का काम कर रही है।
सेमिनार में डाॅ आदित्य कौशिक, डाॅ अभिमन्यु रामपाल, डाॅ मनोज, एडवोकेट प्रतीक गुप्ता, अतुल लखनपाल ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री सुरेंद्र पाल सिंह सहित सामाजिक न्याय अधिकारिता, स्वास्थ्य, पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व एनजीओ और सामाजिक कार्यों से जुड़े लोग भी उपस्थित थे।
भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने में हरियाणा के खिलाड़ियों का अहम योगदान - राज्यपाल
नई दिल्ली चण्डीगढ, 23 जून - हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दतात्रेय ने कहा कि भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने में हरियाणा के खिलाड़ियों का अहम योगदान है। सरकार की नई खेल नीति युवाओं के लिए बड़ी कारगर सिद्व हुई है। इसमें युवाओं को नकद पुरस्कार के साथ साथ नौकरियां भी प्रदान की जा रही हैं ।
राज्यपाल आज पंचकूला के इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस पर आयोजित समारोह में खिलाड़ियों को राज्य के सर्वश्रेष्ठ भीम अवार्ड से सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के 52 खिलाड़ियों को भीम अवार्ड, 5 लाख रुपए की नकद राशि, ब्लेजर और अलंकरण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें 19 विशेष पैरा खिलाड़ी भी शामिल हैं।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, खेल एवं युवा मामले मंत्री सरदार संदीप सिंह, मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, एसीएस डा. महाबीर सिंह, खेल एवं युवा मामले विभाग के निदेशक पंकज नैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्यपाल ने कहा कि ओलंपिक, राष्ट्रमंडल जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में हरियाणा की रैंकिंग देखने योग्य होती है। हरियाणा को खेलों का पर्याय समझा जाने लगा है। जहां भी खेलों की चर्चा होती है तो सबसे ऊपर हरियाणा का नाम आता है। उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने खेलों में निरन्तर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनको भीम अवार्ड से नवाजा जाता है। इसके अलावा उन्हें हर माह 5 हजार रुपए की राशि मानदेय के रूप में भी प्रदान की जाती है।
श्री दतात्रेय ने कहा कि सरकार की पदक लाओ पद पाओ नीति के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं । इस नीति के तहत अब तक पदक लाने वाले 190 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं । इसके अलावा खिलाड़ियों की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुरस्कार राशि में भी बढौतरी की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने लगभग 12 हजार खिलाड़ियों को 425 करोड़ रुपए की राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान करने का कार्य किया है। खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से तैयार करने के लिए 1100 खेल नर्सरियां तथा 1100 गांवों में योग एवं व्यायामशालाएं खोली गई हैं । राज्यपाल ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को पर्वतारोहण की चढाई करने पर 5 लाख रुपए की राशि व ग्रेड सी का प्रमाण पत्र पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया जाता है। इसके अलावा खिलाड़ियों को 700 से 1000 रुपए तक की मासिक छात्रवृति देने का भी प्रावधान किया है।
भीम अवार्ड को पारदर्शी ढंग से ऑनलाईन दर्शा कर देने वाला पहला राज्य-संदीप सिंह
खेल एवं युवा मामले मंत्री सरदार संदीप सिंह ने भीम अवार्डियों को अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को मेडल जीतते समय जो खुशी होती है उससे ज्यादा खुशी अवार्ड लेते समय होती है। अर्जुन अवार्ड व भीम अवार्ड से सम्मानित होना गौरव की बात है। इन अवार्ड की मेहनत में अभिभावक व कोच की भी अहम भूमिक होती है। उन्होंने कहा कि भीम अवार्ड को पारदर्शी ढंग से ऑनलाईन दर्शाने वाला हरियाणा पहला राज्य है जिसमें सभी लोगों के समाने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को रखकर भीम अवार्डियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाता है।
खेल मंत्री ने कहा कि सरकार ने खिलाड़ियों की डाईट बढाकर 400 रुपए करने का कार्य किया है और 2020 से अर्जुन अवार्ड, भीम अवार्ड, खेल रत्न, तेंजिंग नेशनल अवार्ड वालों को 20 हजार रुपए की राशि भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि खेलों को बढावा देने के लिए खेलो इंडिया यूथ गेम की तर्ज पर मण्डल, जिला, उपमण्डल व खण्ड स्तर पर खेलों का आयोजन करवाया जाएगा। खेलों में घायल होने वाले युवाओं के स्वास्थ्य सुधार के लिए पंचकूला में नार्थ इंडिया का पहला स्पोर्ट्स रिहेबिलेशन सैंटर बनकर तैयार हो चुका है। इसके अलावा चार अन्य स्थानों पर भी ऐसे सेंटर खोले जाएगें। उन्होंने कहा कि नेशनल स्तर के खिलाड़ियों को खेल नर्सरियां दी जाएगीं ताकि वे अच्छे खिलाड़ी तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 12 रिकॉर्ड बने, उनमें 11 हरियाणा के खिलाड़ियों के नाम हैं ।
खेल क्षेत्र में हरियाणा के युवा रच रहे इतिहास-संजीव कौशल
हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा कि हरियाणा के युवा खेल क्षेत्र में नया इतिहास रच रहे हैं। हरियाणा सरकार भी खेलों को बढावा देने के लिए कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 250 करोड़ रुपए की लागत से विश्व स्तर का खेलों का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। युवाओं को बेहतर सहुलियतें प्रदान करने में हरियाणा अग्रणी राज्य है। इसके साथ ही खिलाड़ियों को ग्रुप डी की नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया में हरियाणा के खिलाड़ियों ने बड़े राज्य महाराष्ट्र को पछाड़ने का कार्य किया। यह गौरवान्वित करने वाली उपलब्धि हैं।
खेल एवं युवा मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. महावीर सिंह ने कहा कि ग्रामीण आंचल में खेलों के प्रति जुनून है। इसीलिए प्रदेश के खिलाड़ियों ने हरियाणा ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम फहराकर हिन्दुस्तान का सिर गर्व से ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पदक लाने वालों का भविष्य सुनिश्चित करने का कार्य किया है। मुख्य सलाहकार योगेन्द्र चौधरी, खेल एवं युवा मामले विभाग के निदेशक पंकज नैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आगामी 3 माह में सर्वे के बाद जेलों में शुरू होगा फायर सेफ्टी का कार्य
नई दिल्ली चंडीगढ़, 23 जून - हरियाणा की जेलों को आग की घटनाओं से सुरक्षित करने के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुरूप फायर फाइटिंग स्कीम बनाई जाएगी। मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने जेल अधिकारियों को आगामी 3 माह में जेलों में फायर सेफटी मानदंडों को पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आज यहाँ जेलों में फायर सेफ्टी ऑडिट को लेकर बैठक कर रहे थे।
श्री संजीव कौशल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार प्रदेश में सभी सरकारी भवनों जैसे लघु सचिवालयभवनो, नागरिक अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों, नगर निकायों और जेल भवनों में आग से बचाव की घटनाओं के सभी प्रबंध होने चाहिए।
श्री कौशल ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला जेलों में जो भी आवश्यक बदलाव किए जाने हैं, उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाए और जल्द संबंधित विभागों के साथ बैठक कर कार्य योजना बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी सरकारी भवनों में आग की घटनाओं से बचाव के लिए फायर सेफटी के प्रबंधों को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है। इसलिए जेलों को भी जल्द से जल्द फायर सेफ्टी उपकरणों से सुसज्जित किया जाए, ताकि आग की घटनाओं पर रोक लग सके और किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो।
महानिदेशक, जेल मुहम्मद अकील ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि कुछ भवन में फायर सेफ्टी उपकरण लगे हुए हैं और कुछ स्थानों पर और अधिक उपकरणों की आवश्यकता है। तदनुसार सर्वे करवाकर पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के माध्यम से 3 माह के अंदर अंदर सभी जिलों में फायर सेफ्टी के मानदंड पूर्ण कर लिए जाएंगे।
बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, महानिदेशक, अग्निशमन सेवाएं, हरियाणा श्री अशोक कुमार मीणा सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी नगर परिषद व नगरपालिका हर वर्ष अपना-अपना बजट बनाएंगे-मनोहर लाल -मुख्यमंत्री से मिले नवनिर्वाचित चेयरपर्सनस
नई दिल्ली चंडीगढ़, 23 जून - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि सभी नगर परिषद व नगरपालिका हर वर्ष अपना-अपना बजट बनाएंगे और क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तैयार करेंगे।
मुख्यमंत्री आज यहां ‘संत कबीर कुटीर’ में प्रदेश के ‘स्थानीय नगर निकायों’ के नवनिर्वाचित चेयरपर्सनस को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सभी चेयरपर्सनस को निर्वाचित होने पर बधाई दी और पार्षदों, विधायकों व संगठन के लोगों से परामर्श करके विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के टिप्स दिए। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही चंडीगढ़ में सीएम हाऊस पर ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे नगर निकायों के प्रतिनिधि अपनी समस्या को लेकर मार्गदर्शन ले सकेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार नगर निकायों के चेयरपर्सनस का सीधा जनता द्वारा चयन किया गया है। ऐसे में वे पार्षदों से तालमेल बनाकर पिछड़े क्षेत्रों का प्राथमिकता के आधार पर विकास करें और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को पूरी ईमानदारी व पारदर्शिता से कार्य करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने नवनिर्वाचित चेयरपर्सनस तथा संगठन के पदाधिकारियों को विचारधारा के अनुसार अन्य लोगों को भी साथ जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से लगातार पार्टी का ग्राफ बढ़ रहा है और इस गति को आगे भी बनाए रखना है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने भी सभी नवनिर्वाचित चेयरपर्सनस को बधाई दी और चुनाव के दौरान जारी किए गए संकल्प-पत्र को पूरा करने के लिए कदम बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों की जीत का श्रेय केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों व पार्टी के कार्यकर्ताओं की मेहनत व जनता के विश्वास को दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पार्टी की अभूतपूर्व जीत पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री श्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने बधाई संदेश भेजा है।
इस अवसर पर सांसद श्री नायब सिंह सैनी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा, विधायक श्री दुड़ा राम, कृष्ण मिड्ढा, निर्मल रानी, हरविंद्र कल्याण के अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
रवि किशन के बाद भोजपुरी सनसनी अक्षरा सिंह ने बढ़ा दी अपनी फ़ीस, अब करेंगी इतना चार्ज
भोजपुरी इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेसेस में से एक अक्षरा सिंह हर दिन नया अचीवमेंट हासिल करती जा रही हैं. अब खबर आ रही है कि अक्षरा सिंह ने अपनी फीस बढ़ा दी है. यानी रवि किशन के बाद बाद अब अक्षरा सिंह भी अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स से लिए पहले से ज्यादा चार्ज करने वाली हैं. तभी अक्षरा ने अपनी आने वाली फिल्म 'डार्लिंग' के लिए दुगना पैसे लिए हैं. इस तरह वह भोजपुरी में सबसे महंगी हेरोइन बन गयी हैं. आपको बता दें कि अक्षरा के साथ इस फिल्म में निर्माता प्रदीप के शर्मा के बेटे राहुल शर्मा लांच हो रहे हैं.
अक्षरा की महंगी कीमत पर साईन करने को लेकर फिल्म डार्लिंग के निर्माता प्रदीप के शर्मा ने कहा कि अक्षरा सिंह डिजर्व करती हैं. वे सेलेक्टेड काम करती हैं और वे हमारी स्क्रिप्ट की डिमांड है. ये तो अच्छी बात है. इसमें कोई बड़ी बात नहीं है. उन्होंने कहा कि डार्लिंग की पटकथा में फीमेल लीड सिंगर हैं, जिसको वो पूरी तरह शूट करती हैं. इसको लेकर निर्देशक रजनीश मिश्रा ने कहा कि इस कहानी में अक्षरा से बेहतर कोई नहीं हो सकता है. इसलिए हमने उन्हें फिल्म की कहानी के अनुसार उनको महंगे दाम पर साईन किया.
अक्षरा ने भी माना कि वे अब सेलेक्टिव काम करना चाहती हूँ. इसलिए उन्होंने फीस बढाई है. उन्हें लोग पे भी कर रहे हैं, तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है. यह भोजपुरी इंडस्ट्री के लिए भी अच्छी बात है कि हेरोइन भी अपनी प्रतिभा और काम के हिसाब से फिल्मों के चार्ज करने के लिए प्रेरित हो. इसमें बुरा कुछ भी नहीं है. हर कोई जिंदगी में आगे बढ़ाना चाहता है. मैंने कई प्रोजेक्ट्स फ्रेंडली नोट्स पर किये हैं और आज भी कर रही हूँ. वो एक अलग बात है. लेकिन अब मैं और भी अच्छे काम करना चाहती हूँ, इसलिए पैसे तो खर्चने होंगे.
पुरस्कार विजेता निर्देशक आनंद एल राय ने पेश किया 'रक्षा बंधन' का ट्रेलर
निर्माण की घोषणा के बाद से ही आनंद एल राय की फिल्म 'रक्षा बंधन' को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ रही हैं। हाल ही में फिल्म निर्माता ने फिल्म का एक मोशन पोस्टर लॉन्च किया और ट्रेलर के लिए टोन भी सेट किया। आनंद राय ने 'अतरंगी रे', 'तनु वेड्स मनु', 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स', 'रांझणा', 'मनमर्जियां' जैसी कामयाब फिल्मों के जरिये दुनिया भर में प्रशंसकों और परिवारों को मनोरंजन के क्षेत्र में बहुत कुछ दिया है, क्योंकि उनकी फिल्मों की कहानी भारत के छोटे शहरों की बानगी होती हैं। साल की सबसे बड़ी पारिवारिक तोहफा साबित होने वाली फिल्म 'रक्षा बंधन' भी भारत की हृदयभूमि की जड़ों से जुड़ी कहानी है जो आपके दिल के तार खींच देगी।
फिल्म का ट्रेलर एक भाई और उसकी चार बहनों के बीच प्यार भरे रिश्ते और चंचल मजाक को बेहतरीन तरीके से दिखाता है। यह भावनात्मक फिल्म 11 अगस्त को रिलीज होगी और उसी के साथ आपको अपने भाई-बहनों और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने के लिए ्रपेरित करेगी, जो रक्षा बंधन का भी अवसर है। दरअसल, 'रक्षा बंधन' चांदनी चौक के एक मध्यवर्गीय जीवन की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म है जिसमें अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर की लीड जोड़ी के साथ सहजमीन कौर, दीपिका खन्ना, सादिया खतीब और स्मृति श्रीकांत जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। इनके अलावा 'रक्षा बंधन' में नीरज सूद, सीमा पाहवा और अभिलाष थपलियाल भी हैं।
'रक्षा बंधन' के बारे में अक्षय कुमार ने कहा, 'मेरी बहन अलका के साथ मेरा रिश्ता मेरे पूरे जीवन का केंद्र बिंदु रहा है। एक रिश्ते को पर्दे पर इतना खास और शुद्ध रूप से साझा करने में सक्षम होना जीवन भर की भावना का उल्लेख करने के बराबर है। जिस तरह से आनंदजी ने दिल और आत्मा के साथ सरल कहानी को सामने लाया है, वह इस बात का प्रमाण है कि बहुत कम लोग हैं जो स्क्रीन पर इतनी नाजुकता से भावनाओं को पेश कर सकते हैं। मैं इस फिल्म का हिस्सा बनकर धन्य महसूस करता हूं।'
ट्रेलर के बारे में बात करते हुए निर्देशक आनंद एल राय ने कहा, ''रक्षा बंधन' के साथ हमारे पास भाई-बहनों के बीच प्यार भरे बंधन को फिल्म का केंद्र बिंदु रखने की दृष्टि थी। फिल्म के ट्रेलर ने इस भावना के सार को पकड़ लिया है। ऐसे में हम 11 अगस्त को सिनेमाघरों में इस फिल्म के साथ आपसे जुड़ने के लिए उत्सुक हैं!'
हिमांशु शर्मा और कनिका ढिल्लों द्वारा लिखित, आनंद एल राय निर्देशित इस फिल्म को आनंद एल राय, अलका हीरानंदनई और ज़ी स्टूडियो द्वारा संयुक्त रूप से बनाया गया है। कलर येलो, ज़ी स्टूडियोज और केप ऑफ गुड फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत यह फिल्म 11 अगस्त को स्क्रीन पर दस्तक देने के लिए तैयार है।
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