सबको रुलाकर चला गया इरफान खान
अभिनेता इरफान खान का आकस्मिक निधन विश्व सिनेमा की अपूरणीय क्षति,
अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ के राष्ट्रीय महासचिव दयानंद वत्स ने अभिनेता इरफान खान के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक जताया है। वत्स ने कहा कि अभिनेता इरफान खान का आकस्मिक निधन विश्व सिनेमा की अपूरणीय क्षति है। गत दिवस उनकी माता जी का निधन हुआ था और वे लॉकडाउन के कारण उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे। इसका उन्हें बडा गम था। इरफान खान के लिए माँ की मौत एक गहरा सदमा था। माँ की अंतिम यात्रा में शामिल ना हो पाना उस गम की पराकाष्ठा थी। वत्स ने कहा कि इरफान खान एक बेहतरीन अभिनेता थे। उन्होने बॉलीवुड और हॉलिवुड की फिल्मों के साथ टीवी सीरियल्स में भी अभिनय किया। पानसिंह तोमर फिल्म में अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। सरकार ने भी उन्हें उनकी अभिनय प्रतिभा के लिए पद्मश्री से अलंकृत किया। हासिल फिल्म के लिए इरफान खान को फिल्मफेयर अवार्ड मिला। स्लमडॉग मिलेनियर, लाइफ ऑफ पाई, द अमेजिंग स्पाइडरमैन में उनका अभिनय दर्शनीय था। इरफान खान ने फिल्म हिंदी मीडियम, लंचबॉक्स, मकबूल और हालिया रिलीज अंग्रेजी मीडियम में दर्शकों का दिल.जीत लिया।
टीवी सीरियल ग्रेट मराठा, चंद्रकांता, चाणक्य, भारत एक खोज में भी इरफान खान ने काम किया। वत्स ने कहा कि इमरान खान नेचुरल एक्टर थे। उनकी अभिनय प्रतिभा का दर्शक लोहा मानते थे। अपने अभिनय से सबका मनोरंजन करने वाला इरफान खान आज सबको रुलाकर चला गया। इरफान खान मरते नहीं हैं वे करोडों दर्शकों के दिलों में हमेशा हमेशा के लिए अमर हो गये हैं।
दयानंद वत्स
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