जल एवं सीवर शुल्क में केजरीवाल सरकार द्वारा बेतहाशा वृद्धि - लोगों पर पड़ेगी आर्थिक मार
दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 6 अक्तूबर , 2020 से दिल्ली के रिहायशी एवं कमर्शियल क्षेत्री , धार्मिक स्थानों , शमशान घाट, कब्रगाहों , आदि पर इंफ़्रास्ट्रक्चर के नाम पर जल एवं सीवर शुल्क में बेतहाशा वृद्धि कर लोगों की कमर तोड़ दी है । नए शुल्क के मुताबिक़ ए एवं बी श्रेणी के क्षेत्रों में 250 मीटर यानी लगभग 2600 वर्ग गज के प्लॉट पर जल एवं सीवर शुल्क के नाम पर लगभग 25 लाख रुपए का शुल्क देना पड़ेगा जबकि पिछले दो वर्षों में इस तरह का कोई शुल्क नहीं था । केजरीवाल सरकार ने ये शुल्क तो लगा दिया लेकिन दिल्ली में जल और सीवर की बदतर हालत को ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं और नए शुल्क के लिए जारी आदेश में यह नहीं बताया गया की इस बेतहाशा वृद्धि से प्राप्त होने वाले शुल्क का इस्तेमाल किस तरह से होगा ।
कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने आज यहाँ ये जानकारी देते हुए बताया की ऐसे समय में जब पूरी दिल्ली कोरोना के क़हर से जूझ रही है , ऐसे में दिल्ली सरकार के निकाय दिल्ली जल बोर्ड ने बेहद गुप चुप तरीक़े से 24 सितम्बर 2020 को एक प्रस्ताव
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