google.com, pub-7314354026449841, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Aaj Ki Delhi: इंद्रप्रस्थ से नई दिल्ली तक: इतिहास में कितनी बार बदला राजधानी का नाम?

इंद्रप्रस्थ से नई दिल्ली तक: इतिहास में कितनी बार बदला राजधानी का नाम?


 राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की मांग एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि इतिहास बताता है कि इस शहर की पहचान समय-समय पर बदलती रही है। प्राचीन ग्रंथ महाभारत में वर्णित इंद्रप्रस्थ को पांडवों की राजधानी माना जाता है, जिसे वर्तमान दिल्ली क्षेत्र से जोड़ा जाता है।

मध्यकाल में तोमर वंश के शासकों ने ‘ढिल्लिका’ नामक नगर बसाया, जिससे ‘दिल्ली’ शब्द की उत्पत्ति मानी जाती है। 12वीं सदी में पृथ्वीराज चौहान ने किला राय पिथौरा का विस्तार किया, जो उस दौर का प्रमुख केंद्र बना।

इसके बाद दिल्ली सल्तनत के शासकों ने सीरी, तुगलकाबाद और फिरोजाबाद जैसे नए शहर बसाए। 17वीं सदी में मुगल सम्राट शाहजहां ने शाहजहानाबाद की स्थापना की, जो आज पुरानी दिल्ली के रूप में जानी जाती है।

ब्रिटिश शासनकाल में 1911 में राजधानी को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित किया गया और ‘नई दिल्ली’ नाम दिया गया, जिसका औपचारिक उद्घाटन 1931 में हुआ।

इतिहासकारों के अनुसार, दिल्ली केवल एक शहर नहीं बल्कि सभ्यताओं का संगम है, जिसने अलग-अलग कालखंडों में अलग नाम और पहचान पाई।

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.