वैश्विक राजनीति और शक्ति संतुलन पर चर्चा के बीच Ideas of India Summit में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रख्यात विशेषज्ञ John Mearsheimer ने भारत-अमेरिका संबंधों पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की।
मियरशाइमर ने कहा कि अमेरिका भारत को एशिया में चीन के संतुलन के लिए एक अहम रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। उनके अनुसार, वॉशिंगटन की इंडो-पैसिफिक रणनीति में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब चीन का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भारत के लिए जरूरी है कि वह अमेरिका के बहुत ज्यादा करीब न जाए। मियरशाइमर का मानना है कि भारत को अपनी पारंपरिक रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखनी चाहिए और किसी एक धड़े के साथ अत्यधिक जुड़ाव से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी स्वतंत्र विदेश नीति और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में संतुलन साधने की क्षमता में है। यदि भारत पूरी तरह अमेरिकी खेमे में चला जाता है, तो इससे उसकी कूटनीतिक लचीलापन प्रभावित हो सकता है।
समिट में यह चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत कैसे अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखते हुए अमेरिका, यूरोप और एशियाई देशों के साथ संतुलित संबंध कायम रख सकता है।

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