काबुल समेत सारे अफगानिस्तान में तालिबानी तानाशाही से विश्व मानव अधिकारों का सरेआम हनन हो रहा है। महिलाओं और मासूम बच्चों को छोडकर भी लोग भाग रहे है। ऐसेमें अफगानिस्तान में आम इंसान, महिलाओं और मासूम बच्चो कीजो दुर्गति हो रही है। वो टीवी चैनलो के माध्यम से पूरा देश देख रहा है। वर्ल्ड ह्यूमन राइटस ओर्गेनाइजेशन के अधय्क्ष योगराज शर्मा ने आज यूनाईटेड नेशनल को लिखे एक पत्र में यूनाइटेड नेशन और उससे जुडे सभी देशो से मांग की है किमानव अधिकारों के हनन के इस अंतरराष्ट्रीय मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें। तालिबानों पर लगाम लगाने से लेकर अफगान नागरिकों के जान माल व इज्जत पर जो हमले हो रहे है, उन्हें रोकने के लिए सख्त कार्यवाही करें। डब्लूएचआर के चेयरमेन ने अपने इस बयान में कहा है कि ये समय यूनाइटेड नेशन से अपने सभी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुएसभी मानव अधिकार संगठनों के एकजुट होने का है। इसके लिए हमारा संगठन यूनाइटेड नेशन के साथ है। श्री शर्मा ने अपने बयान में कहा कि सबसे पहले जिन पडोसी देशो को तालिबानी कब्जे का विरोध करना चाहिए, वो पाकिस्तान वचीन इस पर खुश दिखाई देरहे है। लेकिन ये तालिबानी कल को उनपर भी संकट का कारण बन सकते हैं। उन्होने कहा कि आतंकवाद दुनिया पर खतरा है चाहे वो कश्मीर में हो या काबुल में। इसकी भर्तसना की जानी चाहिए। योगराज शर्मा ने कहा कि मानवता को आतंकवाद से कुचला नहीं जा सकता। उन्होने आतंकियों को अतिथि बनाने वाले पाकिस्तान चीन जैसे देशो की भी आलोचना की है और कहा है कि आतंकवाद पर डबल स्टेंडर्ड नहीं चलेगा। मानव अधिकारो को कुचलने वालो को शह देने वाले भी बराबर दोषी हैं।
डब्लूएचआरओ के मीडिया हेड विजय शर्मा ने पीएम मोदी के अफगान से आनेवाले शरणार्थियों को हर संभव मदद का आभार जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को अफगानिस्तान से सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने और अफगानिस्तान से भारत आने के इच्छुक सिख, हिंदू अल्पसंख्यकों को शरण देने के लिए कहा। श्री शर्मा ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द अफगानिस्तान में फंसे एक एक भारतीय को वापस लाए।

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