महिला सशक्तिकरण की मिसाल है नरेंद्र कौर

 


योगराज शर्मा

विवाह के बाद संबध बिगड़ें तो कितनी तकलीफें एक महिला को हो सकती है इसकी पराकाष्ठा देखने को मिलती है राजौरी गार्डन दिल्ली की नरेंद्र कौर के जीवन में। पति ने प्रताडित किया, बेटे को छीना, दिव्यांग बेटी के साथ अकेला छोड दिया। न जाने कितनी मुश्किलों से भरा था उनका जीवन, लेकिन इस महिला ने हार नहीं मानी। संघर्ष किया। मुसीबतों से लड़ी। जीतीं। और आज पूरे विश्व में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर उभरी है नरेंद्र कौर। इन्ही नरेंद्र कौर की एक पुस्तक का विमोचन 15 अगस्त को दिल्ली के ललित होटल में किया गया। विमोचन समारोह मे बडी हस्तियां शामिल हुईं।  नरिंदर कौर द्वारा लिखित तीन सौ पृष्ठों की इस पुस्तक में महिलाओं की तुलना फीनिक्स नामक उस पक्षी से की है जिसके पंख जल कर राख हो जाते हैं और नए पंखों से उसका पुनर्जन्म होता है एक नई उड़ान के लिए। ऐसी महिलाओं को प्रेरित करने का प्रयास है जो पीड़ित और दासता की बेड़ियों में जकड़ी है।एक आत्मविश्वास और संबल की कमी के कारण पल पल स्वाभिमान और आत्मसम्मान को ठेस अपनी नियति समझ लेती हैं। अपने जीवन से जुड़ी और देश विदेश की  कुछ महिलाओं की दास्तान को इस पुस्तक में स्थान दिया गया है। जिन्होंने अपने आत्म सम्मान की रक्षा की

नरिंदर एक ऐसी महिला जो अपनी शतप्रतिशत जन्म से ही आश्रित बेटी जिसके लालन-पालन के  साथ साथ समाज की उन महिलाओं की मार्गदर्शक भी हैं जो कमजोर और शब्द हीन है जिनपर समाज ने अबला की छाप लगा दी है जिसे वह अपनी नियति समझ बैठी हैखुद नरेंद्र कौर ने जब आपबीति सुनाई तो वहां बैठे हर शख्स ने उनपर गर्व करते हुए साथ देने का वायदा किया। इस मौके पर उन विशिष्ठ महिलाओं को सम्मानित भी किया गया जिन्होने विभिन्न क्षेत्रो में अपना नाम कमाया है।

सम्मानित की गई महिलओ के नाम थे- रीटा गंगवानी, लाइफ कोच, विधायक धनवंती चंदीला, ममता सूरी जी, दिल्ली पुलिस की सब इंसपेक्टर किरण सेठी, समाजसेवी गुरमीत कौर, राजयोगा शिक्षिका सविता कुमारी, देविंदर कौर, पेरिस में प्रोफेसर भूमिका गुप्ता प्रमुख थे। नरेंद्र कौर के पिता श्री एस पी सिंह और माता तजिंद्र कौर को भी समाज की तरफ से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुशील सूरी जी व शिवगोपाल मिश्रा, दयानंद चंदीला व वर्ल्ड ह्यूमन राइटस ओर्गेनाइजेशन के योगराज शर्मा व विजय मलिक थे। इसी दिन नरेंद्र कौर का जन्मदिन भी मनाया गया और डब्लूएचआरओ की तरफ से नरेंद्र कौर व सुशील सूरी जी को वर्ल्ड ह्यूमन राइटस अवार्डस 2021 से सम्मानित किया गया। 






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