google.com, pub-7314354026449841, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Aaj Ki Delhi: सदन को किया गया गुमराह, यूरिया खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं किसान -सैलजा

सदन को किया गया गुमराह, यूरिया खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं किसान -सैलजा

- कृषि मंत्री ने सदन में किया था खाद की कमी न होने का दावा चंडीगढ़ 30, दिसंबर। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार द्वारा खाद की कमी के मामले पर विधानसभा के अंदर समूचे सदन को गुमराह किया गया है। कृषि मंत्री ने दावा किया था कि प्रदेश में यूरिया खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन प्रदेश में आज भी यूरिया खाद की किल्लत बनी हुई है। किसान यूरिया के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। यूरिया का इंतजाम करने के लिए किसानों को कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह पांच बजे मंडी में पहुंचना पड़ रहा है। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि धान की फसल के मंडी में पहुंचने के साथ ही किसान गेहूं की फसल की तैयारी शुरू कर देते हैं। धान को बेचने से मिलने वाली राशि से वे बीज व खाद खरीदने का सिलसिला शुरू करते हैं। ऐसे में कायदे से अक्टूबर के महीने में खाद का इंतजाम हो जाना चाहिए, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी खाद के लिए किसान धक्के खाने को मजबूर हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि किसान विरोधी भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए कृषि मंत्री को आगे कर दिया और उनसे विधानसभा में बयान दिलवा दिया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। अब कृषि मंत्री व प्रदेश सरकार को यूरिया की कमी के बारे में श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि किस जिले में कितना खाद मौजूद है और किसानों के सामने बन रहे मौजूदा खाद संकट के लिए जिम्मेदार कौन है। कुमारी सैलजा ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से भी ज्यादा समय तक चले किसान आंदोलन के कारण प्रदेश सरकार किसानों से रंजिश पाले हुए है। प्रदेश सरकार नहीं चाहती कि किसान अपनी मेहनत के साथ फसल को तैयार करें और फिर उसे बाजार तक पहुंचाएं। सरकार की मंशा है कि किसान को फसल की पैदावार अच्छी न मिले। उसकी फसल अच्छे दाम पर न बिके। वह किसी भी तरीके से आर्थिक तौर पर मजबूत न हो, ताकि भविष्य में कभी भी सरकार के खिलाफ बोलने की हिम्मत न उठा सके। कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में इन दिनों यूरिया का संकट कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूरिया आने की सूचना मात्र से ही किसान मंडी में खाद खरीदने के लिए पहुंचने लगते हैं। जींद जिले में एक तरफ कृषि विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने यूरिया की डिमांड सरकार को भेजी हुई है, लेकिन दूसरी तरफ अपनी हठधर्मिता के कारण सरकार इस मांग को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से खाद की कमी जल्द से जल्द दूर करने की मांग की।

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