नैमिषारण्य तीर्थ में 5000 मातृशक्तियों द्वारा किया जाएगा सुंदरकाण्ड


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 नैमिषारण्य तीर्थ में 5000 मातृशक्तियों द्वारा किया जाएगा सुंदरकाण्ड

रविवार को भूतनाथ मार्केट के सावित्री प्लाजा में हुई संगोष्ठी

लखनऊ 2 जून 2024 रविवार। सत्य सनातन नारी शक्ति-लक्ष्मणपुरी, की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुवाई में रविवार 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में पांच हजार मातृशक्तियों द्वारा सुंदरकाण्ड महायज्ञ का आयोजित किया जा रहा है। यह जानकारी सपना गोयल ने रविवार दो जून को भूतनाथ मार्केट के B-209, सावित्री प्लाजा में आयोजित मासिक संगोष्ठी के दौरान संवाददाताओं को दी।

सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल ने 15वीं संगोष्ठी में बताया कि जिस तरह से उनके एक मात्र संयोजन में बीते माह 10 मार्च को पांच हजार मातृशक्तियों के साथ झूलेलाल घाट में वृहद स्तर पर राष्ट्रीय स्तर का सुंदरकांड महा पाठ करवाया गया उसी तरह से अब देश के विभिन्न प्रतिष्ठित तीर्थों पर भी भव्य सुंदरकाण्ड पाठ के आयोजन किये जा रहे हैँ। इसी क्रम में अब नैमिषारण्य तीर्थ में पांच हजार मातृशक्तियों द्वारा सामूहिक सुंदरकांड का पाठ 23 जून को किया जाएगा। सपना गोयल के अनुसार नैमिषारण्य लखनऊ से 80 किलोमीटर दूर सीतापुर जिला में गोमती नदी के बाएँ तट पर स्थित सिद्ध तीर्थ है। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार नैमिषारण्य 88000 ऋषियों की तपःस्थली रही है। अब वहां पांच हजार सनातनी महिलाओं द्वारा सामूहिक सुंदरकांड का पाठ कर राष्ट्र उत्थान और विश्व कल्याण की कामना से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत की पावन पुण्य भूमि संतों और देवों की भूमि है। उन संतों और देवों ने ही भारतीय संस्कृति को विश्व में अद्वितीय संस्कृति के रूप में प्रतिष्ठित किया है। उस मार्ग पर चल कर ही विश्व के मानवों का कल्याण संभव है। वास्तव में सनातन का मार्ग, धर्म विशेष तक सीमित न होकर विश्व उत्थान का मार्ग है, जो जीव के परस्पर प्रेम और समर्पण पर आधारित है। उन्होंने बताया कि बीते 7 मई को उत्तराखंड कोटद्वार के सिद्ध प्राचीन मंदिर सिद्धबली परिसर में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का अनुष्ठान, सफलतापूर्वक किया गया। उसी क्रम में नवम्बर महीने में हरिद्वार तीर्थ में पांच हजार महिलाओं द्वारा वृहद सामूहिक सुंदरकांड का पाठ प्रस्तावित है। इसके साथ ही सपना गोयल ने हिन्दुओं का आवाहन किया कि हिंदू अपने अपने स्थानीय मंदिरों पर हर मंगलवार को एकत्र होकर सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें। उन्होंने बताया कि इस साल सावन महीने में पांच सौ मंदिरों में महिलाएं एकत्र हो कर सुंदरकांड का पाठ करेंगी। सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल के संकल्प को धरातल पर साकार करने में उनके द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर गठित 51 शक्तिपीठ सनातनी महिला समूह अहम् भूमिका अदा कर रहे हैं। सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के जिले पीलीभीत, बरेली, मुरादाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, लखीमपुर, रायबरेली, बनारस, सुल्तानपुर, बाराबंकी, अयोध्या नगरी, बदायूं, बिजनौर, अमरोहा, सीतापुर, कानपुर, जौनपुर सहित प्रदेश के पचास गांव और देश में मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उड़ीसा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु तक में यह अभियान पहुंच चुका है। विदेशों में मॉरिशस, अमेरिका, साउथ अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात तक में यह अभियान सक्रिय हैं। सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल के अनुसार भगीरथ ने अपने पूर्वज राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को जिस तरह मुक्ति दिलवायी थी उसी तरह उनका भी संकल्प, मानव जाति का कल्याण करना है। इसकी प्रेरणा उन्हें साल 2022 में बाबा अमरनाथ से मिली थी। सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल ने बताया कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को प्रभु श्रीराम के अनुज लक्ष्मण के नाम पर बसी लक्ष्मणपुरी, के मूल नाम को लोकप्रिय करवाने और सनातन धर्म के पुनरुत्थान के लिये वह बीते कई वर्षों से मंदिर निर्माण और मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य करवा रही हैं। जनजागृति के लिए समय-समय पर वह जगह-जगह पर भंडारे भी करवाती हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा तीर्थों पर भी सेवाएं और भंडारे आयोजित किये जा रहे हैं। सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल के प्रयासों से धर्म जागरण के साथ-साथ नारी सशक्तिकरण को भी बल मिल रहा है।

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