गुरु तेग बहादुर 'शहीदी संदेश यात्रा' निकालना सराहनीय प्रयास: जगदीप सिंह काहलों

 


नई दिल्ली, विशाखा पाल छजलाना : नौवें पातशाह गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत और उनके अंतिम संस्कार जैसी विलक्षण घटना की मानव इतिहास में कोई तुलना नहीं मिलती। यह बात दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कही।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित 'शहीदी संदेश यात्रा' को रवाना किए जाने के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए काहलों ने कहा कि किसी भी धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देना और फिर शहादत के पश्चात सिर और शरीर का अंतिम संस्कार दो अलग-अलग स्थानों पर होना – यह एक ऐसी अद्वितीय घटना है जिसकी मानव इतिहास में कोई मिसाल नहीं है।

उन्होंने कहा कि उस समय के क्रूर शासक औरंगज़ेब ने तिलक और जनेऊ समाप्त करने की कसम खाई थी, लेकिन गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने शहादत देकर न केवल धर्म की रक्षा की, बल्कि देश और समाज की भी रक्षा की।

उन्होंने यह भी बताया कि 2022 में गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में लाल किले पर मनाया गया था और इस बार गुरु साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर भी लाल किले पर एक विशाल समारोह आयोजित किया जा रहा है। काहलों ने कहा, “यह समय का चक्र है कि जिस लाल किले से औरंगज़ेब ने गुरु साहिब को शहीद करने का आदेश दिया था, उसी लाल किले पर आज गुरु साहिब का शहीदी दिवस बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है, जबकि औरंगज़ेब की मजार पर आज एक दीपक भी नहीं जलता।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सिख धर्म और सिख समुदाय को सदैव सम्मान मिला है।

काहलों ने बताया कि यह 'शहीदी संदेश यात्रा' लखनऊ से शुरू होकर गुरु का ताल, आगरा से होते हुए आज गुरुद्वारा सीसगंज साहिब, चांदनी चौक, दिल्ली पहुंचेगी, जहाँ एक विशाल कीर्तन समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने तिलक और जनेऊ की रक्षा कर हिंदू धर्म की रक्षा की, इसलिए उन्हें 'हिंद की चादर' कहा जाता है। उन्होंने कहा कि औरंगज़ेब की धमकियों से न तो गुरु साहिब डरे, और न ही भाई मती दास, भाई सती दास, या भाई दियाला जी, बल्कि उन्होंने अपनी शहादत देकर उसकी विचारधारा को गलत साबित कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस बड़े स्तर पर मना कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। 

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