दिल्ली को विकसित नहीं, कर्ज में डूबी दिल्ली बना रही है रेखा गुप्ता सरकार - श्री देवेंद्र यादव


 नई दिल्ली, / विशाखा पाल छजलाना कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव ने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही एस.ए.एस.सी.आई. (राज्यों को पूंजीगत व्यय हेतु विशेष सहायता) योजना के अंतर्गत दिल्ली सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।


उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने पर्यटन परियोजनाओं के लिए 600 करोड़ परुपये के कर्ज का प्रस्ताव केंद्र को भेजा हैजबकि दिल्ली की प्राथमिक ज़रूरतें जैसे झुग्गी बस्तियों में रहने वाले नागरिकों के लिए आवासपीने का साफ पानीऔर राशन आदि योजनाएं आज भी अधूरी हैं।


श्री यादव ने आगाह किया कि यह कर्ज अंततः दिल्ली की जनता से ही टैक्स के रूप में वसूला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली बजट में घोषित एक लाख करोड़ रुपये की वास्तविकता अब उजागर हो रही हैऔर कल मुख्यमंत्री रेखा गुप्तावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं अधिकारियों के बीच हुई बैठक उसी रणनीति का हिस्सा थीजिसके तहत दिल्ली को धीरे-धीरे कर्ज के बोझ में डुबोया जा रहा है।


श्री यादव ने भाजपा सांसदों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे पिछले वर्षों में दिल्ली के लिए कोई विशेष अनुदान तक नहीं ला सके। श्री यादव ने पहले भी चेताया था कि यह बजट वास्तव में दिल्ली की जनता पर कर्ज और टैक्स का बोझ डालने वाला है। दिल्ली को विकसित नहीं कर्ज में डूबी दिल्ली बना रही है रेखा गुप्ता सरकार।


उन्होंने स्पष्ट किया कि एक लाख करोड़ रुपये के तथाकथित बजट में से 15,000 करोड़ रुपये कर्ज और 9,950 करोड़ रुपये अतिरिक्त टैक्स के रूप में दिल्लीवासियों से वसूले जाएंगे। कल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 600 करोड़ रुपये की कर्ज राशि भी दिल्ली पर लाद दी गई है - वह भी पर्यटन विकास के नाम परन कि प्रचारित विकास कार्यों” के लिए।


श्री देवेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे स्पष्ट करें कि अब तक एस.ए.एस.सी.आई. योजना के तहत केंद्र को कौन-कौन से प्रस्ताव भेजे गए हैंऔर उनमें से कितने वास्तव में दिल्ली की आम जनता की ज़रूरतों से जुड़े हैं।


श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि केजरीवाल सरकार की ग़लत आर्थिक नीतियों के चलते दिल्ली पहले ही 36,000 करोड़ रुपये के कर्ज तले दबी है। दिल्ली जल बोर्ड पर 75,000 करोड़ और डीटीसी पर 65,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। रेखा गुप्ता सरकार के आने के बाद यह बोझ और बढ़ गया है। जनता को उम्मीद थी कि नई सरकार टैक्स और कर्ज से राहत देगीलेकिन जिस मोदी सरकार की नीतियों ने देश को 200 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज में डुबो दिया है उसी प्रकार से रेखा गुप्ता की निति दिल्ली को कर्ज में डूबो रही है। उन्होंने मोदी सरकार से दिल्ली को कर्ज की जगह सहायता तथा टैक्स में हिस्सेदारी की मांग की।


उन्होंने बताया कि 2020 में शुरू हुई एस.ए.एस.सी.आई. योजना के तहत अब तक 23 राज्यों की लगभग 40 पर्यटन परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी हैलेकिन दिल्ली को अब तक कोई स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में उन्होंने मांग की कि पिछले वर्षों में दिल्ली सरकार ने एस.ए.एस.सी.आई. योजना के तहत जो भी प्रस्ताव भेजेउनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

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