पाकिस्तान
के महंगे सौदे के बाद भारत की ओर झुका बांग्लादेश, यूनुस सरकार ने मांगी मदद
भारत–बांग्लादेश के रिश्तों में
भले ही राजनीतिक स्तर
पर तल्खी दिख रही हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी
बयां कर रही है।
पाकिस्तान के साथ चावल
सौदे में महंगाई झेलने के बाद बांग्लादेश
की अंतरिम सरकार ने व्यावहारिक रुख
अपनाते हुए भारत से 50,000 टन
चावल
खरीदने का फैसला किया
है।
बांग्लादेश
सरकार ने साफ किया
है कि व्यापारिक
फैसलों
को राजनीति से अलग रखा जाएगा। इसी सोच
के तहत भारत से चावल खरीदना
पाकिस्तान की तुलना में
कहीं ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत
से चावल की कीमत 355 डॉलर प्रति टन है, जबकि पाकिस्तान से यही चावल
395 डॉलर प्रति टन में मिल रहा है।
इस
फैसले से बांग्लादेश को
प्रति टन करीब 40 डॉलर की बचत होगी। कुल 50,000 टन की खरीद
पर यह बचत लगभग
20 लाख डॉलर, यानी
करीब 18 करोड़
रुपये
तक पहुंचती है। मुश्किल वक्त में भारत ने एक बार
फिर पड़ोसी देश के साथ दोस्ती
निभाते हुए सस्ती दर पर चावल
की आपूर्ति सुनिश्चित की है।
यह
घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि पाकिस्तान
के रवैये के बाद बांग्लादेश
को आखिरकार भारत की आर्थिक ताकत
और भरोसेमंद साझेदारी का अहसास हुआ
है।
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