नोएडा: 1 फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट 2026 हर वर्ग की उम्मीदों का केंद्र बन गया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार सदन में बजट पेश करेंगी, और यह पहली बार होगा कि रविवार को बजट पेश किया जाएगा. छात्रों, एजुकेशन एक्सपर्ट्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, व्यापारियों और आम लोगों की नजरें इस बजट पर हैं, जो सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करेगा.
छात्र और युवा चाहते हैं AI और स्टार्टअप्स पर फोकस
छात्र मेधांश का कहना है कि स्टार्टअप्स पर जीएसटी का बोझ कम किया जाना चाहिए और देश में पूंजी स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध कराई जाए. AI 2035 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में 1.7 ट्रिलियन डॉलर जोड़ सकता है, इसलिए बजट में इस सेक्टर को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. एजुकेशनलिस्ट अरुण मौर्य और छात्रा सनाया सेठ का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में AI-ओरिएंटेड शॉर्ट-टर्म कोर्सेज लाने चाहिए, ताकि युवा सीधे रोजगार से जुड़ सकें.
व्यापारी समीर सेठ का कहना है कि बीते साल लोकल बिजनेस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा. बजट में टैक्स और रेगुलेटरी बोझ कम, छोटे व्यापारियों के लिए ग्रांट्स और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सपोर्ट होना जरूरी है.
अनस्टॉप के फाउंडर अंकित अग्रवाल का कहना है कि स्टार्टअप्स पर टैक्स तभी लगाया जाए जब बिक्री हो. स्किल अपग्रेडेशन कोर्स और सर्टिफिकेट पर जीएसटी हटाने की मांग भी उठाई गई है.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट डेवलपर्स चाहते हैं कि बजट स्थिर नीतियों और वित्तीय सपोर्ट के जरिए खरीदारों का भरोसा बनाए. जेवर एयरपोर्ट, मेट्रो और एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी ने इलाके को हाई-ग्रोथ कॉरिडोर बनाया है.
कुल मिलाकर, बजट 2026 से उम्मीद की जा रही है कि सरकार स्टार्टअप्स, स्किल डेवलपमेंट और रियल एस्टेट को बढ़ावा देकर भविष्य की मजबूत नींव रखे.
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