क्या आपने कभी 13 किलो का ओल देखा है? बिहार के गया जिले में आयोजित किसान मेले में इस बार सबसे बड़ा आकर्षण 13.2 किलो का जंबो ओल रहा। Gaya के चंदौती स्थित बाजार समिति परिसर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय किसान मेला सह जैविक उत्पाद प्रदर्शनी में टनकुप्पा प्रखंड के बरसौना गांव के किसान ईश्वर कुमार वर्मा ने यह विशाल ओल प्रदर्शित किया।
ईश्वर कुमार जैविक खेती के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने करीब 8 महीने की मेहनत से 13.2 किलो का ओल तैयार किया। यह ‘गजेंद्र’ प्रजाति का ओल है, जो अधिक उपज देने वाली और लोकप्रिय किस्म मानी जाती है। इसकी खासियत है कि यह 7–8 महीने में तैयार हो जाता है और प्रति कट्ठा 2 से 3 क्विंटल तक उत्पादन दे सकता है।
इस किस्म के कंद का रंग हल्का नारंगी होता है, स्वाद में तीखापन नहीं होता और वजन सामान्यतः 5 किलो से ज्यादा हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बलुई दोमट मिट्टी, अच्छी जल निकासी और जैविक खाद का नियमित उपयोग बेहतर उत्पादन की कुंजी है।
ईश्वर कुमार के मुताबिक, सही बीज चयन, समय पर निराई-गुड़ाई और रोग नियंत्रण पर ध्यान देकर किसान प्रति कट्ठा लगभग 20 हजार रुपये तक मुनाफा कमा सकते हैं।

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