झारखंड के Godda जिले से एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां 25 साल बाद घर लौटी बुजुर्ग मां को बेटे ने अपनाने से इनकार कर दिया। वजह बनी उनकी धार्मिक आस्था।
रिपोर्ट के मुताबिक, सुशीला मुर्मू करीब दो दशक पहले अपने पति की मौत के बाद लापता हो गई थीं। उनके पति हिंदू थे, जबकि उन्होंने शादी से पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। पति के निधन के बाद गांव में विरोध का सामना करना पड़ा और परिस्थितियों के चलते उन्हें घर छोड़ना पड़ा। बाद में वह कोलकाता के एक शेल्टर होम में रहने लगीं।
हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से उनका परिवार खोजा गया और वे अपने गांव पहुंचीं। लेकिन बेटे मदन बेसरा ने उन्हें स्वीकार करने से यह कहकर इनकार कर दिया कि यदि उन्हें परिवार में लौटना है तो हिंदू धर्म अपनाना होगा। सुशीला मुर्मू ने धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया।
इस घटना ने क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक सहिष्णुता को लेकर बहस छेड़ दी है। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने मामले में संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की बात कही है।
यह मामला दर्शाता है कि समय बीत जाने के बाद भी धार्मिक पहचान कभी-कभी पारिवारिक रिश्तों पर भारी पड़ जाती है।

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