ब्रिटेन में भारतीय मूल की 56 वर्षीय मंजीत संघा की कहानी चेतावनी देती है कि छोटी लापरवाही भी कितना बड़ा खतरा बन सकती है। एक मामूली खरोंच पर उनके पालतू कुत्ते के चाटने से शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया और उन्हें सेप्सिस हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए दोनों हाथ और दोनों पैर काटने पड़े।
रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में यह एक साधारण खरोंच थी। लेकिन कुछ ही घंटों में मंजीत को तेज ठंड लगना, होंठ नीले पड़ना और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण महसूस होने लगे। अस्पताल पहुंचने तक संक्रमण पूरे शरीर में फैल चुका था। इलाज के दौरान उनका दिल छह बार धड़कना बंद हुआ, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने उन्हें हर बार वापस जीवन दिया।
सेप्सिस एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जो संक्रमण के शरीर में तेजी से फैलने पर होती है। समय पर पहचान और इलाज न मिले तो यह अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले घावों को साफ रखना, संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।
मंजीत अब लोगों को जागरूक कर रही हैं कि पालतू जानवरों के संपर्क के बाद घावों की अनदेखी न करें। उनकी कहानी इस अदृश्य लेकिन खतरनाक खतरे के प्रति सतर्क रहने का संदेश देती है।

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