हर्निया एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें शरीर के अंदरूनी अंग जैसे आंत, फैट या टिश्यू कमजोर मांसपेशियों की दीवार को तोड़कर बाहर निकल आते हैं। यह समस्या अधिकतर पेट या ग्रोइन (जांघ के ऊपरी हिस्से) में देखी जाती है।
नई दिल्ली के Sir Ganga Ram Hospital के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के चेयरमैन Dr. Anil Arora के अनुसार, मांसपेशियों की कमजोरी, बढ़ती उम्र, पुरानी खांसी, कब्ज के दौरान जोर लगाना, भारी वजन उठाना, चोट या पहले की सर्जरी हर्निया के प्रमुख कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में यह जन्मजात भी हो सकता है।
शुरुआती अवस्था में हर्निया हल्की सूजन या उभार के रूप में दिखाई देता है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय के साथ दर्द, जलन और असहजता बढ़ सकती है। गंभीर स्थिति में सर्जरी ही सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है।
हालांकि शुरुआती स्टेज में डॉक्टर दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह दे सकते हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है। हर्निया की पुष्टि के लिए अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन जांच कराई जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जांच और इलाज करवाने से जटिलताओं से बचा जा सकता है।
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