देश और दुनिया के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच Ideas of India Summit के मंच से एबीपी नेटवर्क के चीफ एडिटर Atideb Sarkar ने अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी सूरत में भारत के हित में नहीं है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यूरोप के साथ मजबूत संबंध भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
अतिदेब सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को संतुलित विदेश नीति अपनाते हुए अपने आर्थिक और कूटनीतिक हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका मानना है कि वैश्विक तनाव और संघर्ष की स्थिति में भारत को शांति, स्थिरता और बहुपक्षीय सहयोग की दिशा में भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप के साथ व्यापार, तकनीक, ग्रीन एनर्जी और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं पुनर्गठित हो रही हैं, भारत के पास अवसर है कि वह खुद को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित करे।
समिट में नीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक रणनीति से जुड़े कई विशेषज्ञों ने भी विचार साझा किए। चर्चा का केंद्र बिंदु रहा कि बदलती विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका क्या होनी चाहिए और किस तरह देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए वैश्विक साझेदारियों को मजबूत कर सकता है।

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