मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्ते एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। Donald Trump के नेतृत्व में United States ने Geneva में हुई अहम बैठक के दौरान Iran के सामने पांच प्रमुख शर्तें रखीं।
सूत्रों के अनुसार, वॉशिंगटन ने तेहरान से परमाणु कार्यक्रम पर सख्त निगरानी स्वीकार करने, मिसाइल विकास पर रोक लगाने, क्षेत्रीय मिलिशिया समूहों को समर्थन बंद करने, अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण के लिए पूर्ण पारदर्शिता और भविष्य में परमाणु हथियार न बनाने की ठोस गारंटी देने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि अमेरिका ने साफ संकेत दिया है कि यदि इन शर्तों पर सहमति नहीं बनी तो सैन्य विकल्प भी खुला है। वहीं, ईरान ने अपनी संप्रभुता और सुरक्षा हितों का हवाला देते हुए दबाव की राजनीति को स्वीकार करने से इनकार किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक निर्णायक साबित हो सकती है। अगर समझौता होता है तो क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद बढ़ेगी, लेकिन वार्ता विफल रहने की स्थिति में तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति सफल होगी या हालात टकराव की ओर बढ़ेंगे।

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