देश की आर्थिक दिशा और वैश्विक भूमिका पर केंद्रित Rising Bharat Summit का आगाज 27 फरवरी 2026 से हो गया है। दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन में नीति, व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश से जुड़े कई दिग्गज एक मंच पर जुटे हैं।
केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने समिट के मंच से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर वैश्विक या द्विपक्षीय हालात बदलते हैं तो ट्रेड डील को “री-बैलेंस” किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए संतुलित और न्यायसंगत समझौते का पक्षधर है।
समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi के संबोधन से होना है। उम्मीद है कि वे ‘विकसित भारत’ के विज़न, वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका और निवेश आकर्षण पर प्रकाश डालेंगे।
इस मंच पर Jyotiraditya Scindia समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी अपने विचार रखे। व्यवसाय और टेक्नोलॉजी जगत से रमेश दमानी, डेविड टेट, विशाल सिक्का और शशि शेखर वेम्पति जैसे वक्ता भी शामिल हो रहे हैं। सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर गहन चर्चा हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति और वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा दे सकता है।

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