नई दिल्ली, 20 मार्च 2026। Devender Yadav, अध्यक्ष Delhi Pradesh Congress Committee, ने कहा कि पालम गांव में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवारों को राहत और सहानुभूति देने के बजाय Bharatiya Janata Party और Aam Aadmi Party के कार्यकर्ताओं का आपस में हाथापाई और हिंसा पर उतर आना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस भीषण हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे, ऐसे समय में राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी।
देवेंद्र यादव ने कहा कि Arvind Kejriwal चुनाव हारने के बाद दिल्ली से दूर थे, लेकिन अब अचानक लौटकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। वहीं सत्तारूढ़ भाजपा पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आग की घटना के दौरान दमकल विभाग के मौके पर पहुंचने में देरी और बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को बचाने के लिए फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट के खराब होने की जिम्मेदारी लेने के बजाय सरकार बहाने बना रही है।
उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली फायर ब्रिगेड में कर्मचारियों और उपकरणों की कमी है तो इसके लिए पिछले 11 वर्षों तक शासन करने वाली आम आदमी पार्टी और वर्तमान भाजपा सरकार दोनों जिम्मेदार हैं। 2012 के बाद विभाग में पर्याप्त भर्तियां न होने से अग्निशमन व्यवस्था कमजोर हो गई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा की Rekha Gupta सरकार सत्ता में आने के बाद से बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं कर रही है। यहां तक कि Narendra Modi ने भी दिल्ली के विकास के लिए हजारों करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा की है, लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण उत्पन्न रसोई गैस संकट के बावजूद सरकार दावा कर रही है कि गैस की कोई कमी नहीं है, जबकि वास्तविकता यह है कि सरकार को मजबूर होकर गरीबों के लिए रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने वाली अटल कैंटीन तक बंद करनी पड़ी।
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार और नगर निगम में आम आदमी पार्टी के शासनकाल के दौरान बिना उचित अग्नि सुरक्षा उपायों के कई इमारतों को संचालित करने की अनुमति दी गई, जिसका खामियाजा लोगों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई भीषण आग की घटनाएं हुईं, जिनमें दमकल विभाग को संकरी गलियों और अव्यवस्थित इमारतों के कारण समय पर पहुंचने में कठिनाई हुई।
उन्होंने कहा कि भाजपा और केजरीवाल दोनों को राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए आपस में भिड़ने के बजाय प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए थे। उन्होंने याद दिलाया कि मई 2022 में मुंडका स्थित एक चार मंजिला वाणिज्यिक इमारत में भीषण आग लगने से करीब 40 लोगों की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे। उस समय भी जांच के आदेश तो दिए गए, लेकिन कार्रवाई के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई।
देवेंद्र यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के मानसून के दौरान जलभराव, बाढ़ और करंट लगने की घटनाओं में 43 लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन उस समय भी सरकार ने जिम्मेदारी नहीं ली। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भाजपा की सरकार के दौरान भी स्थिति में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है और जनता के हित में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पालम अग्निकांड से दिल्लीवासी स्तब्ध हैं और सरकार इस त्रासदी से खुद को अलग नहीं कर सकती। पिछले एक वर्ष में कई अग्निकांडों में लोगों की जान गई है, लेकिन इससे कोई सबक नहीं लिया गया।
देवेंद्र यादव ने दिल्ली अग्निशमन सेवा के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस वर्ष 1 जनवरी से 15 मार्च के बीच 2,716 फायर कॉल प्राप्त हुए हैं और वर्तमान में शहर में प्रतिदिन औसतन करीब 36 फायर कॉल आ रही हैं। उन्होंने कहा कि आग की घटनाओं में मौतों और घायलों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। इस वर्ष अब तक 13 लोगों की मौत और 111 लोग घायल हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 18 लोगों की मौत और 109 लोग घायल हुए थे।
उन्होंने कहा कि लोगों की जान जाने के बाद सरकार खुद को जिम्मेदारी से मुक्त नहीं कर सकती। दिल्ली में हो रही ऐसी घटनाओं के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी।
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