बिहार के 33 थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट, मिली नई जिंदगी की उम्मीद

 


बेंगलुरु: बिहार के थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगाने वाले एक सराहनीय और महत्वपूर्ण प्रयास के तहत 33 थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया। इस उपलब्धि के लिए नारायण हेल्थ के संस्थापक अध्यक्ष, पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी तथा उनकी चिकित्सा टीम को बिहारवासियों की ओर से सम्मानित किया गया।

बेंगलुरु में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में किए गए इस महत्वपूर्ण कार्य की सराहना की गई। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि बिहार के 33 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया, जिससे उन्हें इस गंभीर बीमारी से राहत और एक स्वस्थ भविष्य की नई उम्मीद मिली है।

यह उपलब्धि चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है और थैलेसीमिया से जूझ रहे अन्य बच्चों एवं उनके परिवारों के लिए भी आशा की नई किरण बनकर सामने आई है।

90 से अधिक बच्चों के उपचार की योजना पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान बिहार के 90 से अधिक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के भविष्य के उपचार को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई। इन बच्चों के सगे भाई-बहनों के साथ 100 प्रतिशत बोन मैरो मैच पाए जाने की जानकारी सामने आई है।

इन बच्चों के लिए एक व्यापक और प्रभावी बोन मैरो ट्रांसप्लांट योजना तैयार करने को लेकर डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी और उनकी टीम के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को समय पर आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर

कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत माँ वैष्णो देवी सेवा समिति एवं माँ ब्लड सेंटर परिवार से जुड़े सेवकों और उनके परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

समझौते के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं, उन्नत चिकित्सा सुविधाएं और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में रहे प्रमुख लोग उपस्थित

समिति परिवार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री रामकृष्ण कुमार (फाउंडर मेंबर, बबलू भगत), श्री राजकमल (फाउंडर मेंबर, निंटू भैया) तथा श्री सूरज भारती (आजीवन सदस्य एवं माँ ब्लड सेंटर के निर्माण में महत्वपूर्ण सहयोगी) उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सभी ने थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए चिकित्सा संस्थानों, सामाजिक संगठनों और सेवा से जुड़े लोगों के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

यह पहल केवल थैलेसीमिया से जूझ रहे बच्चों के लिए नई जिंदगी की उम्मीद नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। आने वाले समय में यह प्रयास बिहार सहित देश के अन्य जरूरतमंद बच्चों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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