वंचित बच्चों और उनकी माताओं के लिए पंख एनजीओ ने आयोजित की यादगार पिकनिक


कुतुब मीनार और इंडिया गेट का कराया भ्रमण, 40 से अधिक बच्चों ने लिया हिस्सा

नई दिल्ली, वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों के खुशहाल बचपन और सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्यरत पंख एनजीओ (पंजीकृत) ने रविवार को पहली बार वंचित बच्चों एवं उनकी माताओं के लिए विशेष पिकनिक का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा एवं देखभाल के साथ स्वस्थ मनोरंजन, सामाजिक सहभागिता और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना तथा उन्हें अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों से दूर रखते हुए सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करना था।

पिकनिक में 40 से अधिक बच्चों ने अपनी 15 माताओं के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को दिल्ली के ऐतिहासिक एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों कुतुब मीनार और इंडिया गेट का भ्रमण कराया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। बच्चों ने मनोरंजन के साथ ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त की और अपनी माताओं एवं साथियों के साथ यादगार समय बिताया।

कार्यक्रम की पूरी योजना और सफल संचालन पंख एनजीओ की मानद उपाध्यक्ष, मानद सचिव, मानद कोषाध्यक्ष, मानद सलाहकार, इंटर्न्स एवं स्वयंसेवकों की समर्पित टीम द्वारा किया गया। टीम के सदस्यों ने बच्चों की सुविधा, सुरक्षा और मनोरंजन का विशेष ध्यान रखा।

इस सामाजिक एवं मानवीय पहल को श्रीमती शिल्पा जैन, डॉ. ऋतु अरोड़ा एवं श्री उमेश माथुर का सहयोग एवं प्रायोजन प्राप्त हुआ। पंख एनजीओ ने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से बच्चों के लिए यह दिन और भी खास एवं यादगार बन सका।

पंख एनजीओ की अध्यक्ष श्रीमती नीलम मनचंदा ने कहा कि वंचित बच्चों को केवल शिक्षा उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें खुशहाल बचपन, सकारात्मक वातावरण, आत्मविश्वास, संस्कार और समाज के साथ जुड़ने के अवसर देना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंख एनजीओ बच्चों के हित में भविष्य में भी शिक्षा, जागरूकता, मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

एनजीओ ने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी इंटर्न्स, स्वयंसेवकों, सहयोगियों, प्रायोजकों एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।

“बचपन बचाएँ, खुशियाँ बाँटें और उज्ज्वल भविष्य बनाएँ।”

श्रीमती नीलम मनचंदा
अध्यक्ष, पंख एनजीओ (पंजीकृत)

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.