Director Jehangir Irroni most waited web series “Peshawar” trailer is out now

 

 


Director Jehangir Irroni’s most awaited web series “Peshawar” trailer is out now on Ullu Social Media Platform which is produced by Ullu App CEO Vibhu Agarwal. “Peshawar” is the deadliest and most heart-wrenching attack in history, where terrorists ambushed a school in Pakistan, leaving behind hundreds of corpses and the screeches of helpless and innocent children. The trailer is receiving a very good response from the audience. 

 

 

While talking to the media Director Jehangir Irroni said, “The series is based on a terrorist attack that took place at Peshawar's Army Public School on December 16, 2014, in which more than 148 people, most of them being children were killed.The Series was shot in Dehradun, Masuri , Mumbai, Pavana lake and a few more locations which was really challenging as it was based on a sensitive topic.But the script was well written, I had wonderful actors who looked so convincing in their performances and a very supportive crew that got the story to life.  I am grateful to Vibhu Agarwal (CEO of Ullu App) for giving me this wonderful opportunity to Direct this amazing series."

 

Rajeev Sen, brother of Sushmita Sen will be seen making his digital debut with "Peshawar" as Dev Raj, an officer with RAW. Actor Ashmit Patel is playing the evil mastermind behind that Peshawar attack in the web series. The web series claims of a celestial cast member that involves Rakshanda Khan, Aadarsh Balakrishna, Rushad Rana, Shishir Sharma and Amitriyaan.

 

Ullu App has announced the official release date of Peshawar which is 16 December 2020. Its release date is the same as the terrorist attack that happened on the day. It seems so amazing so let’s see how the audience reacts to the web series.


" 7 "S " करे जीवन को सार्थक।


लेखिका निवेदिता मुकुल सक्सेना झाबुआ



   मेने एक चाइल्ड ऐक्टिविस्ट के रुप मे कार्य करते हुये ये मेहसूस किया की बढता डिजिटलीकरण व बढते भोतिक संसाधन पारिवरिक रिश्तो की  भावनाओं की ड़ोर की पकड को कमजोर कर रहे क्युकी माता पिता दोनो व्यस्त रहते हैं जिससे वह अपने बच्चो को वह समय नही दे पा रहे जिनकी उन्हे बेह्द आवश्यक्ता हैं खासकर विद्यार्थी वर्ग आज कयी जगह इन्ही कारणो से भटक कर एडिक्शन की गिरफ्त मे आता जा रहा। ओर एक् गुमराह सी अन्धकार गली मे बढ रहा जीसे रोकना , हमारी पीढी को बचाने के लिये एक बढा सम्वेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है।


2019 फरवरी तक एक हल्की सी हवा चली जिसने बताया जीवन की धारा एक अलग रुख लेने वाली हैं। मार्च मे उस हवा ने तुफान का रुप लेकर सबकी जीन्दगी के खिडकी दरवाजे बंद कर दिए। उन दरवाजों की सन से भी कैसे कहा से वह विषाणु ( वायरस) अन्दर दस्तक दे गया यह यक्ष प्रश्न है। कई घरो मे सुना पन छा गया कई जिंदगिया अस्त व्यस्त हो गयी आर्थिक,समाजिक राजनैतिक या कार्यक्षेत्र सभी परिप्रेक्ष्य बदल गये। 


       बहरहाल एक असमंजस सा वातावरण सब जगह बन गया। तो कयी जगह सकारात्म्क पहलू भी जाहिर हुये जो रिश्तो को मजबुत भी बनाता गया , जहां दुरिया थी वही करीबियो मे बदल गयी। शहरो मे भोतिकवाद के चलते व्यक्ति अपनी दिनचर्या को प्राकृतिक रुप से नही निभा पा रहा। उस पर कोरोना कहर ने शारिरीक क्षमता को भी जीर्ण क्षीण किया हालाकि बढता तनाव , व्यसन ,खान पान की अनियमितता  ने कई व्याधियाँ उत्पन्न कर दी।

उम्र के एक पड़ाव पर आज के समय मे सेहत के लिये सतर्क होना आवश्यक है।  हालाकि विचारणीय है की वर्तमान मे इसकी व्य्ख्या की गयी ।क्युकी बढती उम्र मे कयी होर्मोनिकल बदलाव आते है चाहे पुरुष हो या स्त्री। वैसे मैडिकल साइंस भी यही कहता है की तीस की उम्र से ही व्यक्ति को अपने प्रति जागरुक हो जाना चाहिये फिर उस पर "कोरोना काल" । इस काल मे भी या तो व्यक्ति सेहत को लेकर अती जागरुक हैं या बिल्कुल ही लापरवाह। 

मार्च मे पुर्ण भारत मे लॉक डाउन के चलते लाखो लोगो ने कयी काढे  का सेवन किया,योगा को नियमित दिनचर्या मे लागू किया जिसके कारण पर्यावरण सुधार की तरह लोगो की सेहत मे भी सुधार देखने को मिला।  लॉक डाउन एक ऐसा समय भी था जिसने परिवार के साथ साथ स्वयं को भी आत्मसात करने का मोका दिया या यूं कहे की खुद से खुद की पहचान बनाने में सर्थक रह ।  बहरहाल, हाल ही मे हमारी  संस्था (स्कूल) मे हुई  एक कर्मचारियो की  बैठक में संस्था प्रमुख प्राचार्य इम्बानाथन  ने अपने  ने अपने कर्मचारीयो को हल्के फुल्के वातावरण को विकसित करते हुये व उनका उत्साहवर्धन के लिये  सेवन  "एस"" की जीवन मे विशेषता का मह्त्व बताया । जो कही न कही आज के कोरोना त्रासदी मे सरल सहज जीवन की ओर अग्रसर करता नजर आया । ये सेवन एस (7 s)         पोषण,आध्यात्म,चिकित्सा परिवार व समाज को ओर अधिक विकसित करने मे सहायक होता हैं। या कहे व्यक्ति का समग्र विकास करने में सहायक सिद्ध होते है।  

कहते है , जीवन मे दो चीजे सफेद जहर का काम करती हैं । 


* नमक (साल्ट) - जो कम या ज्यादा होने पर ह्रदय सम्बंधित बिमारी हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर जैसी व्याधियाँ उत्पन्न कर ह्रदय के साथ किडनी व अन्य अंगो पर भी हानी पहुचाती है। ये सत्य हैं , नमक याने सोडियम क्लोराइड रक्त परिवहन को सुचारु बनाता है।


         साल्ट मानव शरीर की मेटाबोलिक ऐक्टिविटी के लिये अती सक्रियता के साथ ही तंत्रिका तंत्र द्वारा शरीर की सभी चलित क्रियाओ को नियंत्रित करता हैं। 


* शर्करा (शूगर) - जरुरत से ज्यादा मीठा या कम मीठा नमक की तरह शरीर मे शक्कर की बिमारी ( डाईब्टीज)   उत्प्न्ं करती हैं।  साथ ही लौ बी पी  व डिहाईड्रेशन मे भी नमक व शक्कर का काफी मह्त्व है।


 *स्ट्रेस ( तनाव)- आज की भौतिकवादी संसाधनों के विकास के दौर मे फिजिकल लेबर कम हुआ वही डिजिटल तकनीक का विकास जिसमे सम्वेदांग आंख - कान की भुमिका बढ़ती जा रही हैं , जिसके कारण स्क्रीन टाईम मे वृद्धि के साथ आँखो तनाव बढता जा रहा व नन्हे नन्हे को भी चशमा  लग रहा। साथ ही कोरोना काल ऑन लाइन कार्यो की बढती संख्या मानसिक व शारिरीक दोनो पर हानिकारक प्रभाव डाल रही है। 


* स्लीपिंग (सोना)- डिजिटलीकरण के बढते चरणो से तनाव के कारण नीन्द का दैनीक मे छ से साथ घन्टे अनिवार्यत होना आवश्यक है। एक अच्छी नींद से शरीर मे चुस्ती फुर्ती बनी रह्ती हैं व मेटाबोलिक ऐक्टिविटि मजबुत करती हैं। नींद का समय पर्याप्त होने से व्यक्ति खुद भी रिलैक्स मेहसूस करता साथ ही वातावरण मे हल्कापन आता जायेगा ।


*पसीना (स्वेट)-  जब शरीर थकेगा नही तो नींद आयेगी केसे । एक किसान या श्रमिक वर्ग को कभी नींद की गोली नही खानी पड़ती क्युकी अथक श्रम उन्हे ये भी सोचने पर मजबुर नही करता की जमीन पर सोना या  डनलप के  गद्दे पर। वैसे भी श्रम का पसीना रोगो से दुरी बनाता है ओर रक्त परिसंचरण भी सुचारु बना देता हैं। 


* जीरो स्मोक - (एडिक्शन -स्मोकिंग, ड्रिंकींग) किशोर व युवा वर्ग का एक बहुत बढा हिस्सा आज इस मार्ग पर चल रहा जो उनके शरीर के साथ उनके भविष्य को भी अंधकारमय बना रहा है। विधि के विरोध  की बच्चो व किशोरवय की श्रंखला भी इन्ही  कारणो से बढती जा रही। 

*स्माइल- 

एक मुस्कुरात चेहरा स्वयं के साथ कयी लोगो मे सार्थक उर्जा का निर्माण कर देता हैं। एक क्लासरुम मे शिक्षक की मुस्कुराहट से विद्यार्थी एक सरल सहज माहौल पाता हैं।

अब बात ये भी जरुर है की कुण्ठाग्रस्त मुस्कान या फिर दुखते दिल के बाद भी मुस्कुराना एक अलग बात है। 


    -जिम्मेदारी हमारी-


सेवन S हमारे जीवन के साथ कोरोना काल को भी आसानी से पार लगा सकते है क्युकी समय अभी सतर्कता व सावधानी का है। जिसमे नियमों का पलान हम स्वयं के लिये कर रहे। बिल्कुल वैसे ही जैसे एक संस्था प्रमुख अपने कर्मचरियो के प्रति जो स्नेह व सहानूभूति रखता हैं वही जीवन मे साल्ट व शुगर के साथ स्माइल देते हुये प्रगतिपथ पर अग्रसर करते हुये बेहतर परिणाम देता हैं।   

रिपोटर चंद्रकांत सी पूजारी   

पढाई का लोकडाउन : स्लम के बच्चो को कंप्यूटर दिया


 

नई दिल्ली, योगराज शर्मा। आज यष्वी महिला एवं बाल विकास फाऊंडेशन ने बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमे NGO ने मायापुरी स्लम मे रहने वाले परिवार को कंप्यूटर दिया जँहा स्लम में रहने वाले 20 बच्चे घर से ही कंप्यूटर कोर्स की शिक्षा ले सकते है कार्यकर्म में मौजूद संस्थापक श्री हेमन्त सेतिया चेयरमैन बॉबी दुग्गल अध्यक्ष लवली बख्शी व संस्था के सभी गणमान्य सदस्य व स्थानिय लोग शामिल हुए। इस बारे मे जानकारी देते हुए श्री बख्शी ने कहा कि जहां लोकडाउन के कारण स्कूल कालेज बंद है। उनकी संसथा द्वारा चलाया जा रहा स्कूल भी बंद है, वहीं उनकी संस्था ने फैसला किया कि घर बैठे गरीब बच्चो को कंप्यूटर देकर घर से ही उन्हें कंप्यूटर से ओनलाइन क्लास शुरु करवा दी जाए। इसीलिए संस्था द्वारा ये कंप्यूटर डोनेट किया गया है। 

Snake bite सीज़न-2 का होगा पुनः भव्य आयोजन इंडियन फैशन फेस्टिवल देहरादून में

आज की दिल्ली, योगराज शर्मा। 



आस्था फैशन हब ओर आबी प्रोडक्शन हाउस के सौजन्य से अभिषेक वशिष्ठ जी(किंग ऑफ कांसेप्ट्स) में दिनांक 5 दिसंबर को स्नेक बाइट सीजन टू का भव्य आयोजन किया गया पर कुछ कारणों से  संपूर्ण रूप से प्रस्तुत नहीं किया जा सका अतः आलोक कुमार एवं अभिषेक वशिष्ट जी ने निष्कर्ष निकाला कि जिस तरह से इस विशाल कंसेप्ट को आयोजित किया जाना था वह आयोजन इंडियन फैशन फेस्टिवल में पुनः भव्य रुप से किया जाएगा यह कार्यक्रम देहरादून स्थित उत्तराखंड में संजीवनी रिसोर्ट में दिनांक 25 दिसंबर को संपन्न होगा.यह भारत का प्रथम फैशन फेस्टिवल होगा जो भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की प्रस्तुति से परिपूर्ण होगा। कार्यक्रम में बिग बॉस से मनु पंजाबी, फीलिंग सोंग फेम वत्सला, एमटीवी सेवन स्टेट विनर सोनाली जेटली, मिस इंडिया रह चुकी शालिनी भाटिया एवं आरोही खुराना कार्यक्रम में चार चांद लगाने आ रहे है। कार्यक्रम में एक  और कंसेप्ट लंकेश (crime has no gender)  का भव्य आयोजन किया जाएगा ऐसा पहली बार हो रहा है कि अभिषेक जी के दो कॉन्सेप्ट्स किसी एक फैशन वीक में आयोजित हो रहे हो। बहुत से दर्शक इन दोनों कॉन्सेप्ट्स का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं उन्हें संदेश है कि कुछ दिनों के इंतजार के पश्चात दोनों कंसेप्ट संपूर्ण तरह से प्रस्तुत किए जाएंगे और 5 दिसंबर को हुए कार्यक्रम को आस्था फैशन हाउस और एबी प्रोडक्शन हाउस की टीम स्नेक बाइट्स 2 का शीर्षक देने के पक्ष में नहीं है यह पुनः आयोजन सर्व सहमति से किया जा रहा हैं। कार्यक्रम के चेयरमैन अभिषेक नौगाई,को फाउंडर करण बिष्ट एवं ऑर्गेनाइजर आलोक कुमार ने यह जानकारी दी।

चंडीगढ़ की दीपिका ने भारत का नाम रौशन किया

 


बहुमुखी प्रतिभा की धनी है पंचकुला की दीपिका सेखों

चंडीगढ। योगराज शर्मा। मॉडलिंग की दुनिया में अब एक खास पहचान के साथ आगे बढ रही है। एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगता मे देश का नाम रौशन करके आई दीपिका सेखों की सोच मानवता की सेवा करना और गरीब, जरुरतमंदों के लिए काम करना है। इसी साल दीपिका के एक फोटोग्राफर मित्र ने उनके कुछ चित्र एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए क्लिक किए। लेकिन करोनाकाल की वजह से वो प्रदर्शनी तो आयोजित नहीं हो सकी, लेकिन उनकी मॉडलिंग की कला एक खास अंदाज में निकल कर सामने आई। बचपन से ही मॉडलिंग की शौकीन थी। लेकिन विवाह के बाद इस शौक में कुछ रुकावट आ गई थी। दो बच्चो की मां, इंटीरियर डिजाइनर और बॉडी टैटू की शौकीन दीपिका ने फिर से शुरुआत की है। यहां आपको बता दें कि दीपिका ने पूरे शरीर पर 14 टैटू बनवाएं हैं। उनके मॉडलिंग के सपने को एक नई उडान उस समय मिली जब उनकी एक सहेली ने नवंबर में दुबई में होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय मॉडलिंग प्रतियोगिता बीइंग शी यूनिवर्स 2020 के लिए उनका फार्म भर दिया। और किस्मत थी कि दीपिका सेखों का चयन उसमें हो गया और इस प्रतियोगित में वो फर्स्ट रनरअप रहीं। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होने भारत की तरफ से प्रतिनिधित्व किया और भारत का नाम रौशन किया। फर्स्ट रनरअप के साथ उन्हें मिस कंजेनिटी का खिताब भी मिला।

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर दिव्यांगो को मास्क व सैनिटाइजर दिए.



 दक्षिणी दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर कालका जी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अंध विद्यालय में कांग्रेस नेता एवं पूर्व पार्षद खविन्दर सिंह कैप्टन ने अपने सहयोगियों के साथ वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए हैंड सैनिटाइजर और मास्क का वितरण किया।श्री कैप्टन ने पहले भी इन दिव्यांगो को सेवाभाव के चलते सैनिटाइजर व जीवन उपयोगी उपकरणों का भी वितरण किया था। लेकिन आज अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर सुबह का नाश्ता इन बच्चों के साथ किया व प्रत्येक बच्चो को फल,मास्क व सैनिटाइजर वितरित किए। उन्होंने कहा,कि ये सभी दिव्यांग बच्चे मेरे परिवार के सदस्य हैं और जब भी इन्हें किसी भी चीज की जरूरत होती है तो मेरे दरवाजे सदा इनके लिए खुले है।इस अवसर पर नरे्दर कौर कैप्टन, जगदीश नागपाल, हरजीत सिंह जीता,भगविंदर जांगड़ा आदि भी मौजूद थे।..

जैकी श्रॉफ को मिला मून व्हाइट फिल्म्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्ट 2020 में बेस्ट एक्टर का अवार्ड



यहां बताया गया है कि तीसरे एडिशन से क्या उम्मीदें जगीं


नए नॉर्मल में काम करना सीखना आज बहुत महत्वपूर्ण है और मनोरंजन इंडस्ट्री इसका सबसे बड़ा उदाहरण है! भारत में शॉर्ट फिल्मों का आखिरकार दौर आ गया है। आज, कुछ सबसे बेहतरीन निर्देशक और ऐक्टर्स कम बजट के साथ कम लंबाई की फ़िल्में रिलीज़ करने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं और पहले से कहीं अधिक प्रभाव डाल रहे हैं। तीसरे मूनव्हाइट फिल्म्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्ट - एम डब्ल्यू एफ आई एफ एफ (MWFIFF) 2020 ने इस वर्ष डिजिटल रूप धारण कर लिया है और सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए इस वर्ष की कुछ प्रतिष्ठित फिल्मों की स्क्रीनिंग और पुरस्कार समारोह डिजिटल रूप से किया गया।


बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने फिल्म पाठ - द लेसन के लिए बेस्ट एक्टर का अवार्ड जीता जबकि ऋतुराज के. सिंह और पल्लवी जोशी ने फिल्म "पेनफुल प्राइड" में अपने अभिनय के लिए पुरस्कार जीता।इसके अलावा, अमेरिका की कई फिल्मों ने विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की। उनमें से एक फिल्म है "किस द ग्राउंड" जिसे जॉश टिकेल, रेबेका टिकेल मेे डायरेक्ट किया है और इसमें हॉलीवुड अभिनेता वुडी हैरेल्सन ने अभिनय किया है, उन्हें भी इस फिल्म महोत्सव में अवॉर्ड से नवाजा गया।


इस फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक और निदेशक देवाशीष सरगम ​​राज ने कहा, "फिल्म इंडस्ट्री ने कठिन समय देखा है लेकिन हम सभी को अपना काम जारी रखने और अपना अच्छा काम करने की आवश्यकता है। इस वर्ष अमेरिका और भारत की कुछ दिलचस्प शॉर्ट फिल्में देखी गईं। यह दिलचस्प है कि शॉर्ट फिल्में कई युवा और प्रतिभाशाली और साथ ही सीनियर अभिनेताओं के लिए रास्ते खोल रही हैं, जो दिलचस्प विषय के साथ इंसाफ कर सकते हैं। ”