बेगमपुर पुलिस थाने में ‘श्चाइल्ड फ्रेंडली रूम ’ बनाने और आईएएस/आईपीएस परीक्षाओं की खातिर दिल्ली पुलिस कर्मियों के 50 बच्चों को नि:शुल्क संरक्षण देने के लिए एमके यादव को किया सम्मानित
नई दिल्ली, 27 दिसंबर 2021 : दिल्ली पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस संचालित स्कूल टेस्टिंग प्लेटफॉर्म एआई टेस्टिफाइड के सीएमडी एमके यादव को सम्मानित किया, जिन्होंने बेगमपुर पुलिस थाना, रोहिणी में शिशु अनुकूल कक्ष स्थापित किया और आईएएस/आईपीएस की तैयारी करने वाले दिल्ली पुलिसकर्मियों के 50 प्रतिभाशाली बच्चों का नि:शुल्क मार्गदर्शन किया है। एम के यादव खुद आईबी और निगरानी विभाग के अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने दिल्ली पुलिसकर्मियों के उन 500 प्रतिभाशाली बच्चों को 100 फीसदी छात्रवृत्ति देने की घोषणा की है जो नौवीं से बारहवीं परीक्षाओं के सत्रों की तैयारी कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के कमिश्नर राकेश अस्थाना (आईपीएस) ने स्कूली शिक्षा प्रणाली और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल करने के लिए एमके यादव के असाधारण योगदान की सराहना की। इस मौके पर अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों में प्रणव तायल, आईपीएस, डीसीपी, रोहिणी, एआई टेस्टिफाइड टीम तथा माई स्टेम लैब टीम के सदस्य शामिल थे। यादव ने बताया कि एआई टेस्टिफाइड एक स्टार्टअप है जिसकी परिकल्पना आईआईटी कानपुर में तैयार की गई थी और अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस संचालित वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं के जरिये सरकारी स्कूलों की कमियां दूर करने के लिए दिल्ली सरकार के 10 स्कूलों में (सीएसआर मुहिम के तहत) यह एआई आधारित समाधान लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसका महत्व तब और बढ़ गया है जब से सीबीएसई ने घोषणा की है कि वह नई शिक्षा नीति 2020 के मुताबिक टर्म आधारित परीक्षा नीति (एमसीक्यू संचालित) लागू करने जा रही है।
यादव ने कहा, एआई टेस्टिफाइड एक विशेष टेस्ट प्लेटफॉर्म है, जहां प्रत्येक छात्र की कॉन्सेप्ट आधारित कमजोरी और ताकत की पहचान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल किया जाता है। इसके टेस्ट प्रत्येक छात्र के सुधारवादी क्षेत्रों के मुताबिक तैयार किए गए हैं। जानकारी की कमी वाले क्षेत्र के लिए वीडियो लेक्चर भी प्रदान किए जाते हैं। साथ ही छात्रों को विकल्प छांटने का इस्तेमाल करने का मौका दिया जाता है और सबसे उपयुक्त विकल्प चुनने के लिए 50/50 तकनीक बताई जाती है। इससे छात्रों को अपने कॉन्सेप्ट्स की सटीक आकलन करने तथा अपनी कठिन सोच क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली में बढ़ते कोरोना मामले को देख विद्यालयों को बंद करने की मांग की
कोरोना के बढ़ते मामलों पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर केजरीवाल अपनी तैयारियों की जनकारी दें-आदेश गुप्ता
विद्यालयों को खोलकर केजरीवाल सरकार बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही है-आदेश गुप्ता
नई दिल्ली, 27 दिसम्बर। प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता ने दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए केजरीवाल सरकार से मांग की कि विद्यालयों को जल्द से जल्द बन्द करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उसके हिसाब से विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति देकर केजरीवाल सरकार बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही है। इतना ही नहीं कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर केजरीवाल सरकार ने क्या तैयारियां की है, उसकी जानकारी सर्वदलीय बैठक बुलाकर दें। साथ ही बाजारों में उमड़ती भीड़ को काबू करने के लिए जरूरी निर्देश दें और कैसे वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, यह सुनिश्चित करें।
श्री आदेश गुप्ता ने आज एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि 20 दिसम्बर से लगातार कोरोना पॉजिटिव केस की दर बढ़ती जा रही है। दिल्ली सरकार ने रात्रि कर्फ़्यू लगाकर साथ ही कई प्रतिबंध लगाये हैं। लेकिन हमने पहले ही मांग की थी कि जो लापरवाही दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना के पहले दोनों लहर में किया गया था वह अब ना दोहराए। उन्होंने दूसरे राज्यों में चुनावी प्रचार और झूठी घोषणाओं में व्यस्त केजरीवाल और उनके अन्य नेताओं को कहा कि अभी स्थिति भयावह बने उससे पहले इससे लड़ने की तैयारी कर लेनी चाहिए। इस मौके पर प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख श्री नवीन कुमार जिंदल एवं प्रदेश प्रवक्ता सुश्री पूजा सूरी उपस्थित थे।
श्री गुप्ता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने पहले दो लहरों में समय से पहले तैयारियां कर लोगों को इस महामारी से बचाया और देश में 140 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन के डोज लग चुके हैं, वह एक कुशल नेतृत्व की पहचान है। फ्रंट लाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज लगाने का भी फैसला ले लिया गया है। एक तरह मोदी सरकार 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग को भी वैक्सीन लगाने की अनुमती दे दी है तो दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार बच्चों को विद्यालय और शिक्षण संस्थानों में जाने की अनुमति देकर उनके जान जोखिम में डालने में लगे हुए हैं।
श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि इस समय दिल्ली कि स्थिति क्या है और कोरोना को लेकर तैयारियां क्या है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है क्योंकि इस वक्त केजरीवाल के सभी मंत्री, विधायक एवं पदाधिकारी पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं गोआ में व्यस्त हैं। उन्होंने केजरीवाल सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि पहली दो लहरों में पेपर पर की गई घोषणाएं जमीनी स्तर से नदारद थी। जब लोगों को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन, जांच, बेड की जरूरत थी उस समय अफरा तफरी पैदा हो गई थी।
मुख्य संवाददाता, योगराज शर्मा वटसअप - 7011490810 आज की दिल्ली, नेशनल ओनलाइन मैग्जीन (आज की दिल्ली अखबार भी वर्ल्ड ह्यूमन राइटस ओर्गेनाइजेशन समूह का ही एक पब्लिकेशन है)
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1984 सिख कत्लेआम पीड़ितों को सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता हुआ सुगम
नई दिल्ली (21 दिसंबर, 2021) 1984 सिख कत्लेआम पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने की केंद्र सरकार की 2006 की अधिसूचना के माध्यम से अब पीड़ितों को सरकारी नौकरी मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। दिल्ली कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने इस मामले को लेकर 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अब दिल्ली सरकार पीड़ितों को सरकारी नौकरियां देने के लिए सिद्धांतक तौर पर सहमत हो गई है। इस बात की जानकारी दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के संभागीय आयुक्त श्री संजीव खेरवाल ने जागो पार्टी और शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को दी। प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली कमेटी के 3 पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना, हरविंदर सिंह सरना, मनजीत सिंह जीके, कमेटी के पूर्व सदस्य गुरलाड सिंह, दिल्ली कमेटी के सदस्य और निगम पार्षद परमजीत सिंह राणा, जागो पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. परमिंदर पाल सिंह और 1984 सिख नरसंहार के पीड़ित शामिल थे।
जीके ने श्री संजीव खेरवाल को बताया कि उन्होंने 16 साल पहले केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को लागू करने के लिए 2016 में पूर्व गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण 2018 में दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसलिए दिल्ली सरकार जल्द ही कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए पीड़ितों को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू करे। श्री परमजीत सिंह सरना और श्री हरविंदर सिंह सरना ने भी सहमति व्यक्त की कि सरकार को योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरियां देनी चाहिए। श्री संजीव खेरवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सरकार इस संबंध में सौहार्दपूर्ण ढंग से काम कर रही है और हम जल्द ही आपके साथ विवरण साझा करेंगे
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सुहानी सर्दी आन्दोलन और प्रधानमंत्री योजना बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं
सुहानी सर्दी आन्दोलन और प्रधानमंत्री योजना बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं के संयुक्त तत्वाधान में इस वर्ष देश की 20 हजार जरूरतमंद बेटियों को निःशुल्क स्वेटर वितरण किया जा रहा हैं जो कि सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत हैं। सुहानी सर्दी आन्दोलन का शुभारम्भ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा जी राजे द्वारा 24 नवम्बर 2021 को उदयपुर में किया गया था।
दिनांक 21 दिसम्बर 2021 को नमो विचार मंच द्वारा प्रधामनंत्री योजना ‘‘बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं’’ और सुहानी सर्दी आन्दोलन के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बुझड़ा गिर्वा व राजकीय प्राथमिक विद्यालय बेडावल लसाडिया, उदयपुर में कक्षा पहली से पांचवी तक अध्ययनरत जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को स्वेटर वितरित किए गए। सुहानी सर्दी आन्दोलन नमो विचार मंच द्वारा किया जा रहा हैं और नमो विचार मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण रतलिया हैं।
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दुर्लभ जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित तीन वर्षीय बच्ची की मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया से जान बचाई
नई दिल्ली: दुनिया भर के हर 1000 बच्चे में किसी एक बच्चे को होने वाली दिल की एक दुर्लभ बीमारी वोल्व पार्किसंस व्हाइट (डव्ल्यूपीडब्लू) से ग्रस्ति एक तीन वर्षीय बच्ची का मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल साकेत के डॉक्टरों द्वारा इनवेसिव रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन से नया जीवन मिला। इस जटिल बीमारी का सफलतापूर्वक इलाज मैक्स के कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष बलबीर सिंह व बाल रोग कार्डियोलॉजी के प्रधान डा.नीरज अवस्थी ने किया।
बीकानेर निवासी इस बच्ची को वोल्फ-पार्किंसंस-व्हाइट (डब्ल्यूपीडब्लू) सिंड्रोम नामक बीमारी थी। इस बीमारी में दिल की धड़कन में अनियमितता के कई गंभीर दौरे (एपिसोड) होते हैं, जिसके लिए जन्म से ही आईसीयू में कई बार प्रवेश की आवश्यकता होती है। विभिन्न अस्पतालों में रेफर किए जाने के बावजूद, उसकी उम्र और अन्य जटिलताओं से संबंधित, मैक्स अस्पताल साकेत में लाए जाने से पहले, उसे किसी भी प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया था। जहां और अधिक जानकारी देते हुए बलबीर सिंह ने बताया कि न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया ने उसके आगे एक पूर्ण जीवन को संरक्षित करने में मदद की। सामान्य रूप से होने वाली हृदय की स्थिति होने के बावजूद, इस स्थिति का वैश्विक प्रसार एक हजार में से एक है। इस स्थिति में, बच्चा दिल के एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड में एक अतिरिक्त विद्युत तंत्रिका मार्ग के साथ पैदा होता है, जो अतिरिक्त आवेग की आपूर्ति करता है, जिससे असामान्य रूप से तेज दिल की धड़कन (250 बीपीएम से अधिक) होती है।
“ऐसे रोगियों को तत्काल इलाज की आवश्यकता होती है और यदि समय पर इलाज नहीं किया जाता है, तो वे जीवन की खराब गुणवत्ता का अनुभव करते हैं और यहां तक कि अचानक मृत्यु भी हो जाती है। हालंाकि, प्रसव पूर्व प्रतिध्वनि के दौरान बेबी दिविका को बहुत अधिक हृदय गति (250 बीपीएम) का पता चला था और 3 किलो जन्म वजन के साथ पूर्ण जन्म के बावजूद, उसने टैचीकार्डिया (दिल की धड़कन में उतार-चढ़ाव) के कई दौरे विकसित किए और तुरंत वेंटिलेटर पर भर्ती कराया गया। 10 दिनों के लिए समर्थन जहां उसकी स्थिति को कई एंटी-एरिथमिक दवाओं के साथ नियंत्रित किया गया था। बच्चे का पांच महीने की उम्र में अस्पताल में भर्ती होने का इतिहास भी था, जब उसे निमोनिया हो गया था। मुंबई सहित कई बार विभिन्न अस्पतालों में भर्ती होने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद माता-पिता ने यूएस के एक डॉक्टर से राय ली, जिन्होंने फिर उन्हें हमारे पास रेफर कर दिया। उसे उसकी स्थिति के आगे के जांच और इलाज के लिए मैक्स अस्पताल, साकेत लाया गया था। डा.नीरज अवस्थी ने बताया कि बच्चे की पूरी तरह से जांच की गई और न्यूनतम इनवेसिव रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन प्रक्रिया के लिए सलाह दी गई। चूंकि बच्ची को इतनी कम उम्र में दवाओं के गंभीर प्रभावों के कारण कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इस लिए रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन के संचालन के मूल्यांकन में विभिन्न चुनौतियां थीं, जिनमें प्रमुख यह था कि उसके कमर की नसें अवरुद्ध हो गई थीं और प्रक्रिया को केवल उसकी धमनियों के माध्यम से करना पड़ा था।
पैन मैक्स कार्डियोलॉजी के चेयरमैन डॉ.बलबीर सिंह ने कहा कि रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन, जो एक सुरक्षित और प्रभावी हस्तक्षेप है, का उपयोग उस अतिरिक्त तंत्रिका मार्ग को काटने के लिए किया गया था। गर्भपात के बाद उसकी धड़कन सामान्य हो गई है। बच्ची अब डिस्चार्ज हो गया है और स्वस्थ जीवन जी रहा है। उसे उसकी बीमारी से ठीक घोषित कर दिया गया है। इलाज के परिणाम से परिजन खुश हैं। जबकि यह स्थिति काफी सामान्य है, यह मामला बच्चे की उम्र और दिल के बहुत छोटे होने के कारण चुनौतीपूर्ण था, जिसमें नसें थीं, जो प्रक्रिया को करने के लिए पिछले आईसीयू प्रवेश से पेट की नस सहित सभी को रोक दिया गया था।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने मोदी सरकार द्वारा कपड़ा और जूते पर जीएसटी को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने से व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो कोविड महामारी के कारण पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे है।
मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल मौहल्ला क्लीनिक में डाक्टर की गलती से मरे तीन बच्चों की पहचान इसलिए छिपा रहे है ताकि जवाबदेही बच सके।- चौ0 अनिल कुमार
नई दिल्ली, 21 दिसम्बर, 2021 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार चॉदनी चौक क्षेत्र व्यापारियों का क्षेत्र है और कोविड महामारी के दौरान आर्थिक मंदी झेल रहे व्यापारी वर्ग पर केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी से रेडीमेड कपड़ों, फेब्रिक और फुटवियर पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू करके देश भर के छोटे, मझले सहित सभी कपड़ा उघोग से जुड़े व्यापारियों की कमर तोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू करते समय केन्द्र सरकार ने वादा किया था कि कंज्यूमेबल आईटम पर जीएसटी 5 प्रतिशत निर्धारित किया जाऐगा जिस पर भविष्य में बढ़ौत्तरी नही होगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने मांग की अपने वादे के अनुसार केन्द्र सरकार को कपड़ों व फुटवियर पर लगे 12 प्रतिशत जीएसटी को तुरंत प्रभाव से वापस लेकर व्यापारियों को नए साल में राहत देकर व्यापारियों को कपड़ा उद्योग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। चौ0 अनिल कुमार ने बताया कि 2014 से पूर्व कांग्रेस की यूपीए सरकार के दौरान कपड़ा टैक्स फ्री था। उसके बाद मोदी सरकार ने कपड़े पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया और अब उसे बढ़ाकर 12 प्रतिशत करके व्यापारियों सहित भाजपा सरकार देश की जनता पर अतिरिक्त बौझ डालने का काम कर रही है।
चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में चॉदनी चौक जिला कांग्रेस कमेटी की मटिया महल विधानसभा के हौज काजी चौक, चावडी बाजार से जन जागरण अभियान के अर्न्तगत भाजपा और आम आदमी पार्टी की जनविरोधी और गरीब विरोधी नीतियों को उजागर करके दिल्लीवालों के सामने लाने के लिए पोल खोल यात्रा निकाली गई।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार द्वारा रेडिमेड कपड़ा उघोग पर जीएसटी को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करके व्यापारियों पर कुठाराघात किया है। उन्हांने कहा कि मोदी सरकार ने बड़े व्यापारियों को फायदा पहुॅचाने के लिए नीतियों को सरल बनाकर हजारों करोड़ रुपये माफ किए है और रिटेलर और छोटे व्यापारियों पर 12 प्रतिशत जीएसटी की मार से उनकी कमर तोड़ दी है। केन्द्र सरकार के कपड़ों और फुटवियर पर जीएसटी बढ़ाने से व्यापारियों सहित जनता को भी भारी नुकसान होगा। 1 जनवरी के बाद गरीब लोगों को अपनी जरुरतें पूरी करने के लिए मंहगे कपड़े खरीदने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि रेडीमेड कपड़ो और फुटवियर पर जीएसटी में दोगुना से भी अधिक वृद्धि के निर्णय से कपड़ों की कीमतें 20 से 25 प्रतिशत मंहगी हो जाऐंगी।
जन जागरण अभियान में प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री हारुन यूसूफ, प्रदेश उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेश जैन, कुंवर करण सिंह, जिला अध्यक्ष मिर्जा जावेद अली, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृता धवन, निगम पार्षद प्रेरणा सिंह, सीमा ताहिरा, डा0 नरेश कुमार, पूर्व पार्षद कृष्ण मुरारी जाटव, डा0 आर.बी. सिंह, राम लाल बंसल, शमसाद, तोता राम, सुशील शर्मा, सहित सेवादल, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। बड़ी संख्या में यात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर भाजपा और आप पार्टी विरोधी नारे लगा रहे थे। जन जागरण अभियान में महिलाऐं भी बड़ी संख्या में शामिल हुई।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि मौहल्ला क्लीनिक के डाक्टर द्वारा गलत दवाईयां देने के कारण हुई 3 बच्चों की मृत्यु के बाद दिल्ली सरकार दिल्ली की जनता के सामने सही जानकारी पेश करें कि किस मौहल्ला क्लीनिक में यह घटना हुई, बच्चों के परिवारजनो के नाम व कहां रहते है। उन्होंने कहा कि डाक्टर को सस्पेंड करने की जानकारी मीडिया को देने से मरे हुए बच्चे वापस नही आ सकते। चौ0 अनिल कुमार ने मांग की कि मौहल्ला क्लीनिक की दवाई के कारण हुई बच्चों की मृत्यु के मामले में अरविन्द केजरीवाल सार्वजनिक तौर पर दिल्लीवासियों से माफी मांगे और स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन को बर्खास्त करें।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार मृतक बच्चों के परिवार जनों की पहचान क्यों छिपा रही है। पहचान छिपाने से साफ हो जाता है कि मौहल्ला क्लीनिकों की व्यवस्था और दिल्ली सरकार की कहीं न कहीं कमी जरुर रही है, जिसकी जानकारी दिल्ली के लोगों मिलनी चाहिए। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल के विश्वस्तरीय ख्याति प्राप्त मौहल्ला क्लीनिक भ्रष्टाचार का केन्द्र बन चुके है जिनमें गलत दवाई लेकर बच्चेंं अपनी जान गंवानी पड़ रही है।
मुख्य संवाददाता, योगराज शर्मा वटसअप - 7011490810 आज की दिल्ली, नेशनल ओनलाइन मैग्जीन (आज की दिल्ली अखबार भी वर्ल्ड ह्यूमन राइटस ओर्गेनाइजेशन समूह का ही एक पब्लिकेशन है)
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पानी पानी की सक्सेस के बाद स्टनिंग अक्षरा सिंह ने क्यों कहा -बस येही खाती आरा जानी, जानिए
बादशाह के ब्लॉकबस्टर गाना 'पानी पानी' के भोजपुरी संस्करण में धमाल मचाने के बाद स्टनिंग अक्षरा सिंह ने आरा जाने का फैसला कर लिया है और वो बाइक से ही आरा निकल पड़ी हैं। मतलब अक्षरा कह रही हैं कि वे किसी ख़ास मकसद से ही आरा जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुझे सोन का पानी पसन्द हैं, क्योंकि सोन के पानी से जवानी निखरती है।
लिंक : https://youtu.be/cd_JjNZTSNs
दरअसल, ये बातें अक्षरा सिंह ने अपने गाने में कही हैं, जो आज रिलीज हुई है उनके ऑफिसियल यूट्यूब चैनल से। गाना रिलीज के साथ अपने रिदम से वायरल भी होने लगी है। गाना है 'बस येही खाती आरा जानी'। इस गाने को अक्षरा सिंह ने अपनी खूबसूरत आवाज दी है। साथ ही इसके वीडियो में अक्षरा के नए डांस मूव्स बेहद आकर्षक हैं।
'बस येही खाती आरा जानी' गाने के लिए अक्षरा ने अपने इंस्टाग्राम से भी ऑडियंस से प्यार और आशीर्वाद मांगा है। वहीं एक अन्य पोस्ट में लिखा है कि मैं अपनी लाइफ खुद तय करती हूं। कोई मेरा स्क्रिप्ट नहीं लिखता। इसको अक्षरा ने अपने इसी गाने की तस्वीर के साथ लिखा है। बता दें कि अक्षरा के इस बेहद कर्णप्रिय गाने का लिरिक्स विष्णु विशेष और म्यूजिक रौशन ने दिया है। कोरियोग्राफर आर डी रामदेवन हैं। पीआरओ रंजन सिन्हा हैं। डीओपी साहिल अंसारी हैं।
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