नववर्ष शोभायात्रा के लिए निमंत्रण देने निकली युवाओं की टोली — महाराणा भूपाल स्टेडियम में हुआ भूमि पूजन

 


उदयपुर। भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 9 अप्रैल को उदयपुर में भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के तत्वावधान में होने जा रही विशाल शोभायात्रा और धर्मसभा के निमंत्रण के लिए युवाओं की टोली ने गुरुवार को शहर के प्रमुख बाजारों में निमंत्रण रैली निकाली। साथ ही, प्रात: वेला में महाराणा भूपाल स्टेडियम में धर्मसभा के निमित्त भूमि पूजन भी किया गया। 

समिति के संयोजक रविकांत त्रिपाठी ने बताया कि युवाओं की टोली शाम को टाउन हॉल प्रांगण में एकत्र हुई और प्रस्तावित शोभायात्रा मार्ग का अनुसरण करते हुए सूरजपोल, बापू बाजार, देहलीगेट, अश्विनी बाजार, हाथीपोल, चेतक सर्कल होते हुए महाराणा भूपाल स्टेडियम पहुंची। हरिदासजी की मगरी स्थित चतुर्भुज हनुमान मंदिर के महंत इंद्रदेव दास के सान्निध्य में निकली इस निमंत्रण रैली में शामिल युवाओं ने मार्ग में व्यापारी बंधुओं, आम नागरिकों, ग्राहकों आदि को आने वाले भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए 9 अप्रैल को होने वाली विशाल शोभायात्रा और धर्मसभा में पधारने का न्योता दिया। न्योते के साथ यह भी आग्रह किया गया कि वे धर्मसभा के पश्चात प्रसाद लेकर ही लौटें। महाराणा भूपाल स्टेडियम के बाहर युवाओं की टोली ने भगवा पताकाएं लहराते हुए जयघोष भी लगाए। निमंत्रण यात्रा में मातृशक्ति का नेतृत्व अंजू सोनी, रजनी डांगी ने किया।

इससे पूर्व, गुरुवार प्रात: वेला में महाराणा भूपाल स्टेडियम में कार्यक्रम के निमित्त भूमि पूजन किया गया। पंडित यज्ञ आमेटा व पंडित नीरज के पौरोहित्य में वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ जजमान गजेन्द्र सिंह देवड़ा – श्रीमती उगम कुंवर ने भूमि पूजन कर कार्यक्रम के निर्विघ्न सम्पन्न होने की कामना की। इस अवसर पर समिति के संरक्षक विष्णु नागदा, कपिल चित्तौड़ा, नारायण मेहता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक आनंद प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।

चैत्र नवरात्र पर टेलीविजन प्रीमियर में देखिए "वरदान बनल अभिशाप बा माई"


 भोजपुरी के नंबर एक टीवी चैनल भोजपुरी सिनेमा पर इस चैत्र नवरात्रि बरसेगी संतोषी माता की कृपा. इस पावन अवसर पर शुभी शर्मा स्टारर "वरदान बनल अभिशाप बा माई"  का टेलीविजन प्रीमियर दिनांक 13 अप्रैल 2024 को संध्या 5:00 बजे से किया जा रहा है. भोजपुरी के नंबर एक टीवी चैनल भोजपुरी सिनेमा द्वार प्रस्तुत जे ए एस मोशन पिक्वर्स के बैनर तले बनी फिल्म "वरदान बनल अभिशाप बा माई" संतोषी माता की अटूट आस्था की कहानी पर बनी है. भोजपुरी की दिग्गज अभिनेत्री जैसे शुभी शर्मा, ऋचा दीक्षित, अंशुमान सिंह राजपूत, प्रकाश जैस, अनीता रावत मुख्य भूमिका में नज़र आने वाले हैं. इस फिल्म का टेलीविजन प्रीमियर 13 अप्रैल शाम 5:00 और 14 अप्रैल सुबह 10 बजे भोजपुरी के न.एक टीवी चैनल भोजपुरी सिनेमा पर होगा.

इसकी जानकारी आज भोजपुरी सिनेमा और जे ए एस मोशन पिक्वर्स के अधिकारियों ने दी है. उन्होंने बताया कि शनिवार के बाद भी इस फिल्म को भोजपुरी के दर्शक अपने परिवार के साथ मिलकर अगले दिन रविवार 14 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे से दोबारा परिवार के साथ मिलकर अगले दिन रविवार 14 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे से दोबारा देख पाएंगे. उन्होंने बताया कि नवरात्रि के अवसर को ध्यान में रखते हुए फिल्म का प्रीमियर किया जा रहा है. फिल्म वरदान बनल अभिशाप बा माई संतोषी माता की महिमा का गुणगान करती है, साथ ही फिल्म माता के व्रत रखने के फायदे और विधि को भी दर्शाती है.  

वहीं इस फिल्म के निर्माता विनय सिंह और अंशुमन सिंह ने कहा कि फिल्म 'वरदान बनल अभिशाप बा माई की कहानी माता संतोषी का गुणगान करती है और दर्शाती  है कि सच्ची भक्ति और सही विधि विधान से पूजा करने पर माता अपने भक्तों का साथ जरूर देती हैं. हमने इसका निर्माण बड़े पैमाने पर भव्यता के साथ किया है, जो अब दर्शकों को टीवी के माध्यम से दिखाया जा रहा है. हम तमाम भोजपुरी के दशकों से आग्रह करेंगे कि आप सभी इस फिल्म को देखें और अपनी प्रतिक्रिया से हमें अवगत कराएं, ताकि हम आगे भी ऐसी ही भक्ति पूर्ण और अच्छी फिल्में लेकर आपके पास आने को प्रेरित होते रहे. उन्होंने कहा कि इसकी कहानी गीत संगीत और संवाद बेहद पसंद आने वाला है. इसलिए इस फिल्म को आप सभी एक बार जरूर देखें.
 

आपको बता दें कि फिल्म "वरदान बनल अभिशाप बा माई के निर्देशक प्रवीण गुडूरी हैं, छायांकन माही शेलार हैं. पी आर ओ रंजन सिन्हा हैं.  डांस प्रवीण शेलार का है, कथा- पटकथा- संवाद सुरेंद्र और विवेक मिश्रा का है. संगीत साजन मिश्रा का है, गीत प्यारेलाल कवि, सुरेंद्र मिश्रा, शेखर मधुर ने दिया है. फिल्म में शुभी शर्मा के साथ ऋचा दीक्षित, अंशुमान सिंह राजपूत, प्रकाश जैस, अनीता रावत, सहित कई अन्य सितारें मुख्य भूमिका में नज़र आने वाले हैं.

पराग पाटिल की फिल्म "लेडिज स्पेशल" में धमाल मचाएंगे विमल पांडेय, प्रीति सिंह और पल्लवी गिरी


 टेक्नीशियन फिल्म फैक्ट्री के बैनर तले बन रही पराग पाटिल की भोजपुरी फिल्म "लेडिज स्पेशल" में अभिनेता विमल पांडेय, अभिनेत्री प्रीति सिंह और पल्लवी गिरी के साथ धमाल मचाते नजर आएंगे। इन दिनों इस फिल्म की शूटिंग जोर शोर से चल रही है जहां सेट पर विमल पांडेय के साथ-साथ प्रीति सिंह और पल्लवी गिरी का जबरदस्त अपीरियंस देखने को मिल रहा है। इस फिल्म का निर्माण पराग पाटिल पूरी भव्यता के साथ कर रहे हैं और दावा किया जा रहा है कि इस साल की यह सबसे अनोखी फिल्म होगी जो भोजपुरी के दर्शक फिल्म को खूब एंजॉय कर पाएंगे। फिल्म में अभिनेता देव सिंह और मोस्ट टैलेंटेड अभिनेत्री रिंकू घोष भी नजर आएंगे।

लेकिन उससे पहले फिल्म को लेकर एक्साइटेड अभिनेता विमल पांडेय ने कहा कि यह फिल्म कई महीनो में मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सबसे पहले तो फिल्म की कहानी मुझे बेहद पसंद आई थी और उसके बाद फिल्म की कास्ट एंड क्रु भीलाजवाब है। हम सभी मिलकर सेट पर अपना बेस्ट दे रहे हैं और उम्मीद है कि हमारा काम दर्शकों को पसंद आएगा। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल करेगी। वही फिल्म की अभिनेत्री प्रीति सिंह ने कहा कि लेडिस स्पेशल वूमेन बेस्ड है और यह एक शानदार टीम के नेतृत्व में बनाई जा रही है। अब तक का सेट का एक्सपीरियंस हम लोगों ने काफी अच्छा शेयर किया है। उम्मीद है कि जब यह फिल्म पर्दे पर नजर आएगी तब दर्शकों का भी खूब मनोरंजन करेगी। वही फिल्म को लेकर पल्लवी गिरी ने कहा कि इस फिल्म में मेरा किरदार खास है, हालांकि उसे मैं अभी रिवील नहीं करूंगी। लेकिन इतना जरूर कहूंगी कि जब यह फिल्म आप लोग सिनेमाघर में देखेंगे, तो आपको बेहद मजा आने वाला है।

आपको बता दें कि निर्माता  पराग पाटिल और आर आर प्रिंस है। "लेडिज स्पेशल" में विमल पांडेय, प्रीति सिंह और पल्लवी गिरी के साथ रिंकू घोष, देव सिंह, बालेश्वर सिंह, रीना रानी, अनीता रावत, माया यादव, ओ पी कश्यप, खुशबू यादव, निशा तिवारी, संजीव मिश्रा और अवधेश मिश्रा मुख्य भूमिका में हैं। निर्देशक चिराग दत्त कश्यप हैं। डीओपी अमन पांडेय हैं। फिल्म के पी आर ओ रंजन सिन्हा हैं।


धर्मगुरुओं ने रोज़ेदारों के साथ इफ्तार करके दिया आपसी एकता व भाईचारे का सन्देश

 


रमज़ान मुबारक का पवित्र महीना चल रहा है ऐसे में आज मल्का गंज क्षेत्र में दिल्ली की रमज़ान-उल-मुबारक इन्तेज़ामिया कमेटी के मुख्य संरक्षक हाजी मौहम्मद अनवार व अध्यक्ष शमीम अहमद खान के द्वारा आयोजित रोज़ा इफ्तार के कार्यक्रम में कई धर्मगुरुओं ने शिरकत की तथा रोज़ेदारों के साथ इफ्तार करके आपसी एकता व भाईचारे का सन्देश दिया 
इस अवसर पर गौलोकधाम आश्रम के महंत श्री शुकदेव गिरी महाराज ऑल इण्डिया ईमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ क़ाज़ी मुफ्ती मौहम्मद ताहिर हुसैन मैं हूं हिन्दू संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य श्री देवेन्द्र आर्य ज़म ज़म फाउन्डेशन के प्रमुख संरक्षक श्री योगेन्द्र सिंह मान मल्का गंज क्षेत्र की निगम पार्षद रेखा अमरनाथ थाना सब्ज़ी मण्डी के एसएचओ श्री राम मनोहर मिश्रा भाजपा तिमारपुर विधानसभा के संयोजक सीनियर एडवोकेट श्री सूर्य प्रकाश खत्री भाजपा उत्तर-पूर्वी ज़िला के मंत्री श्री राजू बंसल भाजपा मल्का गंज मण्डल के अध्यक्ष श्री उमेश माथुर उपाध्यक्ष श्री विनय मल्होत्रा मदीना मस्ज़िद के ईमाम मौहम्मद ईमरान सहित मौहम्मद दानिश मतीन मौहम्मद कादिर मौहम्मद क़ामिल ज़हीर आलम सुमित भोजगी गुलज़ार अहमद हाजी कमालुद्दीन शकील अहमद मौहम्मद फारूक सुश्री वर्षा भारती हाजी अब्दुल सत्तार मौहम्मद सुहैल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित हुए
ज़म ज़म फाउन्डेशन के प्रमुख संरक्षक श्री योगेन्द्र सिंह मान ने कहा कि रमज़ान मुबारक का पाक महीना आपसी भाईचारे का सन्देश देता है पूरे देश मे जगह जगह रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया जाता है सभी धर्मों के लोग एक साथ बैठकर रोज़ेदारों के साथ इफ्तार करते है इससे भाईचारा और मजबूत होता है

उदयपुर, 08 अप्रैल। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 2081 का आरंभ उदयपुर में विशाल शोभायात्रा व धर्मसभा के साथ होगा। शंखनाद व मंगलाचार के साथ निकलने वाली शोभायात्रा में मातृशक्ति मंगल कलश से नवसम्वत्सर की शुभकामनाओं का मंगल संदेश देती चलेंगी, तो शाम को होने वाली धर्मसभा में सीहोर धाम के प्रख्यात शिवकथा मर्मज्ञ पं. प्रदीप मिश्रा और महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द (उत्तम स्वामी) महाराज का आशीर्वचन प्राप्त होगा। आयोजन की तैयारियों को सोमवार देर रात तक अंतिम रूप देने का क्रम जारी रहा। आयोजन के तहत यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से भी स्कूलों को अवकाश 2 घंटे पहले करने की सलाह दी गई है। भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के संयोजक रविकांत त्रिपाठी ने बताया कि गत दो वर्षों की भांति इस वर्ष भी समिति व नगर निगम के संयुक्त तत्ववावधान में नगर निगम प्रांगण से दोपहर तीन बजे विशाल शोभायात्रा शुरू होगी। सौ शंखवादकों द्वारा शंखवादन के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ होगा। इससे पहले, फतह स्कूल के मैदान में दोपहर एक बजे से कलश वितरण किया जाएगा, तीन बजे यहां से कलश यात्रा शुरू होगी जो आगे बढ़ते हुए सूरजपोल पर मुख्य शोभायात्रा में जुड़ेगी। शोभायात्रा में विभिन्न समाज-संगठनों की ओर से सौ से अधिक झांकियां शामिल होंगी। झांकियां भी फतह स्कूल मार्ग पर खड़ी रहेंगी और यहीं से आगे बढ़ते हुए मुख्य शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगी। टाउन हॉल से निकलने वाली शोभायात्रा में बुलेट सवार, अश्व सवार, डीजे, डांडिया नृत्य करते दल आदि शामिल होंगे। झांकियों में सबसे आगे धर्म ग्रंथ की झांकी, उसके बाद यज्ञ हवन करते हुए झांकी रहेगी। उसके बाद मेवाड़ का पारंपरिक गवरी नृत्य करते जनजाति बंधुओं का दल होगा। उनके बाद संत वृंद रहेंगे। संत समाज के पीछे कलश यात्रा रहेगी। बीच-बीच में डीजे साउंड व अन्य झांकियां रहेंगी। शोभायात्रा नगर निगम प्रांगण से सूरजपोल, बापू बाजार, देहलीगेट, अश्विनी बाजार, हाथीपोल, चेतक सर्कल होते हुए महाराणा भूपाल स्टेडियम पहुंचेगी। पूरी शोभायात्रा में एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी, साथ ही दो मोबाइल वैन में कार्यकर्ता रहेंगे जो किसी भी तरह की जानकारी या आवश्यकता अनुसार सहयोग करेंगे। कुल 2000 कार्यकर्ता सुरक्षा व्यवस्था में रहेंगे जिसमें बहनें भी शामिल रहेंगी। महाराणा भूपाल स्टेडियम में धर्मसभा के लिए बेरिकेडिंग के साथ ब्लॉक बनाए गए हैं। चारों दिशाओं में पांच बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है ताकि मंच से दूर बैठने वालों को भी कार्यक्रम स्पष्ट दिखाई दे सके। धर्मसभा के बाद महाप्रसाद वितरण -स्टेडियम में धर्मसभा सायंकाल 6 बजे शुरू होगी। धर्मसभा के बाद महाराणा भूपाल स्टेडियम के तीनों द्वारों पर महाप्रसाद पैकेट का वितरण किया जाएगा। कुल एक लाख भोजन पैकेट बनाए जा रहे हैं जिनके वितरण के लिए 800 कार्यकर्ता व्यवस्था संभालेंगे। पार्किंग व्यवस्था -उदयपुर शहर से बाहर से आने वालों के लिए वाहन पार्किंग की व्यवस्था यूआईटी पुलिया, पंचवटी, मीरा गर्ल्स कॉलेज की ओर रहेगी। शहरवासियों से आग्रह किया गया है कि वे शोभायात्रा व धर्मसभा स्थल की ओर पैदल ही पधारें जिससे जाम की स्थिति से बचा जा सके। पेयजल व्यवस्था -वैसे तो शोभायात्रा मार्ग व धर्मसभा स्थल पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रखी जा रही है, फिर भी तेज गर्मी को देखते हुए पानी की बोतल साथ में रखने का भी आग्रह किया जा रहा है। सादर प्रकाशनार्थ


 भारत में आबादी के मुकाबले स्वास्थ्य सेवाओ की बहुत कमी है, स्वास्थ्य सेवांओ से यह तात्पर्य नहीं है कि केवल डाक्टरों की सुविधा ही, बल्कि डाक्टरों के आने वाली उन कई सहायक सेवाओं से है, जिसकी मदद से डाक्टर इलाज कर पाते हैं। वहीँ चिकित्सा क्षेत्र में विकसित एवं विकासशील देश अरबों रुपए शोध कार्य पर खर्च कर रहे हैं। पर दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि जिन बीमारियों के लिए नयी-नयी दवाईयां खोजी जा रही हैं वे अमीरों की बीमारियां हैं, दिल संबंधी बीमारी, उच्च रक्त चाप, कैंसर, लिवर, किडनी प्रत्यारोपण और, सबसे बड़ी अमीरों की बीमारी है एड्स,। हर साल भारत सहित एशियाई देशों और अफ्रीका में लाखो व्यक्ति मलेरिया, कुपोषण, डायरिया, हैजा, डिहाईड्रेशन और टीकों एवं दवा के अभाव में दम तोड़ देते हैं, और इधर चिकित्सा विज्ञान प्लास्टिक सर्जरी के शोध करने में जुटा हुआ है। यहां यह भी गौर करने की बात है कि जिस तरह से कोरोना नामक महामारी 2019 में आई और लगभग 2024 में चली भी गई। इस‌ अनपेक्षित महामारी ने करोड़ों की संख्या में लोगों की जान ली थी। 

स्वास्थ्य की महत्ता वर्षों पूर्व नेपोलियन बोनापार्ट ने समझकर ही यह कहा था कि "अगर मुझे स्वस्थ्य माएं मिले तो मैं एक सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण कर सकता हूं।" नेपोलियन की यह उक्ति आज भी प्रासंगिक है। किसी भी राष्ट्र के सुदृढ़ निर्माण में स्वस्थ्य मांएं और सुसंस्कृत महिलाओ की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे ही तो आने वाली स्वस्थ्य पीढ़ी की जन्मदात्री हैं। संभवतः इसी सत्य को स्वीकार करते हुए  भारत सहित प्रदेशों की सरकारों ने अपने वृहद स्वास्थ्य कार्यक्रम को क्रियान्वित किया है जिसके केंद्र में महिलाओं एवं बच्चों को रखा गया है, प्रदेशों की स्वास्थ्य क्षेत्र में देखा जाए तो पिछले वर्षों में कोई उल्लखनीय प्रगति नही हो पाई है। जैसे अविभाजित मध्यप्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़े राज्यों में है। 1991 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल लगभग जनसंख्या 66135862 व्यक्ति मानी जाती है। लेकिन राज्य स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं की दृष्टि से अभी भी देश के अनेक राज्यों से काफी पिछड़ा है।

स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से मध्यप्रदेश राज्य के पीछे रह जाने के कारणों में यहां साक्षरता ,शिक्षा की कमी, आर्थिक पिछड़ापन, परिवहन के साधनों की न्यूनता और जनसंख्या में जनजाति संख्या का बाहुल्य है। 1981 के आंकड़ों के अनुसार राज्य में साक्षरता का प्रतिशत 27.87 था, जो देश के साक्षरता प्रतिशत से काफी कम है। गैर शिक्षित लोग अंधविश्वासी और जादू टोनों से बड़ी बड़ी बीमारियों का उपचार करते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में धन नहीं जुट सका है। परिवहन की अपर्याप्त सुविधा के कारण मध्यप्रदेश में पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सालय और औषधालय नहीं खुल सके हैं। राज्य की जनसंसवा में लगभग 22.97 प्रतिशत भाग अनुसूचित जन जातियों का है जो दुर्गम घने वनों और पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती है। इन क्षेत्रों में सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ता है। जनजाति के लोग सभ्य लोगों से मिलना जुलना पसंद नहीं करते हैं। वे अपना इलाज झाड़फूंक और जादू टोनों से करते है। अतः ऐसी स्थिति में यहां स्वास्थ्य सेवाओं का विकास अवरुद्ध रहा, फलतः मध्यप्रदेश देश के अन्य राज्यों की तुलना में स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सेवाओं में काफी पीछे रह गया। 

 क्या आपको पता है कि सारी दुनिया में रोज पचास हजार से ज्यादा बच्चे मौत के मुंह में जा रहे हैं। वजह अतिसार, निमोनिया, पानी की कमी, कुपोषण जैसी साधारण बीमारियां हैं। सारी दुनिया में हथियारों और फौज के खरचो के हिसाब को देखे तो पता चलेगा कि कई सौ करोड़ डालर रोज खर्च किए जा रहे हैं। हर दिन खर्च होने वाले ये करोड़ों डालर सिर्फ इसलिए कि हमारी दुनिया सुरक्षित रह सके। इसके दूसरी तरफ जिन लोगों के लिए इस दुनिया को बचाया जा रहा है, उनकी बेसमय मौत रोकने के लिए होने वाले खर्च फौजी खर्च के पासंग भी नहीं है। भारत जैसे तीसरी दुनिया के देश में हर वर्ष करीब बीस लाख शिशु अपना पहला जन्मदिन देखे बगैर मौत का ग्रास बन जाते हैं। क्या कारण है कि हमारे पास काफी हंद तक असमय मौत रोकने के चिकित्सकीय सुविधाओं के होने के बावजूद भी हम इन्हें रोकने में नाकामयाब हो रहे हैं। कारण है सामाजिक जागरुकता का अभाव। दरअसल समस्या ,कही यह है कि स्वास्थ्य को बीमारी से जोड़कर देखा जाता है तो कहीं बीमारी की गैर मौजूदगी स्वास्थ्य का लक्षण समझा जाता है, जबकि ऐसा नहीं है। 

एक स्वस्थ्य व्यक्ति का अर्थ मानसिक, शरीरिक, नैतिक रूप से उसका अपने वातावरण से सही संबंध होना है। स्वास्थ्य की इस पूरी परिभाषा की अनुपस्थिति बहुत सी समस्याओं को जन्म देती है।   भारतीय संदभों में अपने भविष्य की सुरक्षा की जब हम बात करते हैं तो हमे स्वास्थ्य की इस परिभाषा और उसके सामजिक संदभों को केंद्र में रखना होगा। अपने मौजूदा हालात में तथ्यों को सिलसिलेवार देखें तो वे कुछ इस तरह से होंगे। भारत में रोज होने वाली मौतों का कारण है प्रमुख कुछ बीमारियां 1 गलघोंटू  2 काली खांसी 3 टेटनस 4 तपेदिक (टीबी) 5 पोलियो 6 खसरा (मीजल्स)। इन सभी रोगों से बचपन में टीकाकरण द्वारा बचाव हो सकता है। इन तथ्यों की रौशनी में एक बार फिर यदि बच्चों के भविष्य को देख तो तस्वीर उतनी स्याह नही रहती। यदि देश के बच्चों को टीके की सुविधा सामान्य रुप से मिलने लगे तो इससे बच्ची की मृत्युदर में कमी होगी। मृत्यु दर में कमी का अर्थ है कि माता पिता में बच्चों के भविष्य के प्रति विश्वास जागेगा और जन्मदर घटेगी, जन्मदर घटने के साथ वे बहुत सी बुनियादी सुविधाएं लोगों को मुहैया होने लगेगी जो अब तक उपलब्ध नहीं हैं। 

यह बातें जितनी संभव लगते हैं उतनी है नहीं एक वैज्ञानिक सत्य है की तरक्की का एक सीधा असर यह होता है की जनसंख्या पर अपने आप नियंत्रण हो जाता है। इसे वैज्ञानिक डेमोग्राफिक ट्रांजिशन कहते हैं। यदि टीकाकरण और सामान्य स्वस्थ लोगों तक पहुंचाने की कोशिश में यदि इस डेमोग्राफिक ट्रांजिशन की स्थिति में पहुंचते हैं तो एक बड़ा कदम होगा। सर्दी के अंत तक सबके लिए स्वास्थ्य की मुहीम हमारे देश में चलाई जा रही है। इसका पहला‌ मोर्चा टीकाकरण टीकाकरण ही है। इस मोर्चे पर पिछले दिनों काफी कार्य हुआ है। विभिन्न इलाकों में सत्तर से नब्बे प्रतिशत के बीच टीकाकरण होने लगा है। राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान जो 1978 में प्रारंभ किया गया था आज तक की स्थिति तक आते-आते खासा काम कर चुका है। टीकाकरण और इस तरह के दूसरे अभियानों में जो दिक्कतें आती है वह सामाजिक अधिक होती हैं। हमारे देश में स्वास्थ्य और बीमारी जैसी बातें व्यक्तिगत या पारिवारिक समस्याएं समझी जाती है। सारी वैज्ञानिक समझ के बाद यदि लोगों का सोचने का रवैया नहीं बदलता तो सफलता संदिग्ध हो जाती है। जरूरत इस बात की है कि टीकाकरण जैसी बातों के हर पहलू पर गांव देहात तक के स्तर पर चर्चा हो। सारे देश में जानकारी का ऐसा वातावरण बने जो लोगों के सीखने के तरीकों में बदलाव लाए। 

       दूसरी विडम्बना भी हमारे देश में मौजूत है। प्रायः यह देखते हैं कि हमारे देश में अमीरों के लिए बड़े बड़े अस्पताल हैं। छोटे छोटे शहरों में भी-  प्राइवेट क्लीनिक और नर्सिंग होम खुले हुए हैं। इनमें चिकित्सा की आधुनिकतम सुविधाएं रहती है, साफ सफाई और सेवा सुश्रुषा पर ध्यान दिया जाता है। नर्सिंग होम या अस्पताल में आपरेशन, डीलिवरी, या इलाज इतनी मंहगी होती है कि गरीबों की चादर छोटी पड़ जाती है। जिनके पास पैसे नहीं है, उनकी बीमारियों का इलाज आज भी सरकारी दवाखानों में मुफ्त बंटने वाली लाल और पीली गोलियों से होता है। सरकारी हास्पिटल के जनरल वार्ड एक तरह से धनहीन लोगो के लिए आरक्षित रहते हैं। वहां इतनी गंदगी लापरवाही और धांधली रहती है कि स्वस्थ आदमी भी बीमार पड़ जाए। पर लाचार गरीब आदमी कर ही क्या सकता है। दवाएं और मंहगी होती जा रही हैं। टीबी, टायफाइड, चर्मरोग, कालरा, हैजा आंत्रशोथ जैसी छोटेआदमी की बीमारियों का इलाज खर्चीला हो गया है। और हैरत इस बात पर होती है कि चिकित्सा वैज्ञानिक अपनी तरक्की की दुन्दुभि बजा रहे हैं। आम आदमी‌ सर्दी खांसी में दूध में हल्दी पीता है, पेट दर्द में हींग, फोड़े फुंसी के लिए लिए अंकोर का गरम पत्ता, चोट के लिए कत्था चुना या हल्दी प्याज इस्तेमाल करने वाला गरीब तबका मंहगाई के चलते और क्या कर सकता है। यह है हमारी तरक्की का असली खाका, जो चिकित्सा विज्ञान के दावों को खोखला और कागजी साबित करता है। बहुत बार बड़ी समस्या लगने वाली बातों का निदान एक छोटे कदम की शुरुआत से हो जाती है। एक चीनी कहावत है कि "हजारों मील के सफर की शुरुआत एक छोटे कदम से होती है।" अतः इस समस्या से निजात पाने प्रत्येक व्यक्ति अपने छोटे कदमों से इस पहल के लिए शुरुआत करेगा इन्ही शुभाकांक्षाओं के साथ।

भारतीय नववर्ष पर आज शंखनाद से गूंजेगा उदयपुर, मंगल कलश के साथ निकलेगी विशाल शोभायात्रा

 


उदयपुर, । चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 2081 का आरंभ उदयपुर में विशाल शोभायात्रा व धर्मसभा के साथ होगा। शंखनाद व मंगलाचार के साथ निकलने वाली शोभायात्रा में मातृशक्ति मंगल कलश से नवसम्वत्सर की शुभकामनाओं का मंगल संदेश देती चलेंगी, तो शाम को होने वाली धर्मसभा में सीहोर धाम के प्रख्यात शिवकथा मर्मज्ञ पं. प्रदीप मिश्रा और महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द (उत्तम स्वामी) महाराज का आशीर्वचन प्राप्त होगा। आयोजन की तैयारियों को सोमवार देर रात तक अंतिम रूप देने का क्रम जारी रहा। आयोजन के तहत यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से भी स्कूलों को अवकाश 2 घंटे पहले करने की सलाह दी गई है। 
भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के संयोजक रविकांत त्रिपाठी ने बताया कि गत दो वर्षों की भांति इस वर्ष भी समिति व नगर निगम के संयुक्त तत्ववावधान में नगर निगम प्रांगण से दोपहर तीन बजे विशाल शोभायात्रा शुरू होगी। सौ शंखवादकों द्वारा शंखवादन के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ होगा। इससे पहले, फतह स्कूल के मैदान में दोपहर एक बजे से कलश वितरण किया जाएगा, तीन बजे यहां से कलश यात्रा शुरू होगी जो आगे बढ़ते हुए सूरजपोल पर मुख्य शोभायात्रा में जुड़ेगी। शोभायात्रा में विभिन्न समाज-संगठनों की ओर से सौ से अधिक झांकियां शामिल होंगी। झांकियां भी फतह स्कूल मार्ग पर खड़ी रहेंगी और यहीं से आगे बढ़ते हुए मुख्य शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगी।
टाउन हॉल से निकलने वाली शोभायात्रा में बुलेट सवार, अश्व सवार, डीजे, डांडिया नृत्य करते दल आदि शामिल होंगे। झांकियों में सबसे आगे धर्म ग्रंथ की झांकी, उसके बाद यज्ञ हवन करते हुए झांकी रहेगी। उसके बाद मेवाड़ का पारंपरिक गवरी नृत्य करते जनजाति बंधुओं का दल होगा। उनके बाद संत वृंद रहेंगे। संत समाज के पीछे कलश यात्रा रहेगी। बीच-बीच में डीजे साउंड व अन्य झांकियां रहेंगी। 
शोभायात्रा नगर निगम प्रांगण से सूरजपोल, बापू बाजार, देहलीगेट, अश्विनी बाजार, हाथीपोल, चेतक सर्कल होते हुए महाराणा भूपाल स्टेडियम पहुंचेगी। पूरी शोभायात्रा में एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी, साथ ही दो मोबाइल वैन में कार्यकर्ता रहेंगे जो किसी भी तरह की जानकारी या आवश्यकता अनुसार सहयोग करेंगे। कुल 2000 कार्यकर्ता सुरक्षा व्यवस्था में रहेंगे जिसमें बहनें भी शामिल रहेंगी। 
महाराणा भूपाल स्टेडियम में धर्मसभा के लिए बेरिकेडिंग के साथ ब्लॉक बनाए गए हैं। चारों दिशाओं में पांच बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है ताकि मंच से दूर बैठने वालों को भी कार्यक्रम स्पष्ट दिखाई दे सके। 

धर्मसभा के बाद महाप्रसाद वितरण 
-स्टेडियम में धर्मसभा सायंकाल 6 बजे शुरू होगी। धर्मसभा के बाद महाराणा भूपाल स्टेडियम के तीनों द्वारों पर महाप्रसाद पैकेट का वितरण किया जाएगा। कुल एक लाख भोजन पैकेट बनाए जा रहे हैं जिनके वितरण के लिए 800 कार्यकर्ता व्यवस्था संभालेंगे। 

पार्किंग व्यवस्था 
-उदयपुर शहर से बाहर से आने वालों के लिए वाहन पार्किंग की व्यवस्था यूआईटी पुलिया, पंचवटी, मीरा गर्ल्स कॉलेज की ओर रहेगी। शहरवासियों से आग्रह किया गया है कि वे शोभायात्रा व धर्मसभा स्थल की ओर पैदल ही पधारें जिससे जाम की स्थिति से बचा जा सके। 

पेयजल व्यवस्था 
-वैसे तो शोभायात्रा मार्ग व धर्मसभा स्थल पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रखी जा रही है, फिर भी तेज गर्मी को देखते हुए पानी की बोतल साथ में रखने का भी आग्रह किया जा रहा है। 

सादर प्रकाशनार्थ

सुपर स्टार राकेश मिश्रा और शिवानी सिंह का रिकॉर्ड बनाने वाला गाना "केकरा बगईचा में" ने मचाया धमाल


भोजपुरी सुपर स्टार राकेश मिश्रा और वोइस सेंशेसन शिवानी सिंह का रिकॉर्ड बनाने वाला नया गाना "केकरा बगईचा में" रिलीज के साथ वायरल हो रहा है. यह गाना राकेश मिश्रा ऑफिसियल यूट्यूब चैनल से रिलीज हुआ है. गाने को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. इस गाने में राकेश मिश्रा के साथ शिवानी सिंह का लाजवाब केमेस्ट्री श्रोता महसूस कर पा रहे हैं. गाने का म्यूजिक वीडियो भी कमाल का है.  इसमें राकेश मिश्रा और रक्षा गुप्ता ने आग लगाने वाला परफॉरमेंस दिया है. गाना लाजवाब बना है और यही वजह है कि इस गाने को दिल खोल कर पसंद कर रहे हैं. 


गाना "केकरा बगईचा में" को लेकर राकेश मिश्रा ने अपने चाहने वालों से कहा कि यह गाना मस्तीभरा है. इसका खूब आनंद लीजिये. उन्होंने कहा कि इस गाने का कांसेप्ट हमारे देशज गीत संगीत से आया है. इसे हमने आधुनिक तरीके से आकार दिया है और अब यह गाना पब्लिक डोमेन में है. गाने में शिवानी सिंह की आवाज भी दर्शकों के दिलों को छू रही है. हमने मिलकर बेहतरीन काम किया है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अब तक यह गाना नहीं देखा है, वे प्लीज जरुर यूट्यूब पर इसे देखें और रील बना कर अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर पोस्ट करें. उन्होंने कहा कि मैं अपने काम को लेकर सजग हूँ और विश्वास दिलाता हूँ कि आगे भी एक से बढ़ कर एक गाने ले आऊंगा.

आपको बता दें कि राकेश मिश्रा और शिवानी सिंह के इस गाना "केकरा बगईचा में" के गीतकार प्रकाश बारूद हैं. संगीत दिया है मल्हार स्टूडियो के विपुल जी ने. पीआरओ रंजन सिन्हा हैं. निर्देशक आर्यन देव हैं. कांसेप्ट संग्राम सिंह का है और डिजाईन पटेल रवि सिंह का है.