WJI OFFICIALS MET MP DR K. KAXMAN


THE 24X7 NEWS/YOGRAAJ SHARMA

 Courtesy meeting with Dr. K Laxaman, MP (Rajya Sabha) & National President, OBC Morcha, BJP. Working Journalists of India with its delegates discussed the problems associated with Journalists.

From the left Sri Rana Pratap (President Telangana,WJI), Sri Sandeep Sharma ( President Delhi, WJI), Sri Narendra Bhandari (Secretary General, WJI) then Dr. K Laxaman, Sri Sanjay Upadhyay(Working President, WJI), Sri Narendra Dhawan ( treasurer, WJI)

The Three New Criminal Laws have been Forcibly Passed, they should be Stopped Immediately:- Kumari Selja


 There Needs to be a re-Discussion on the Passed Laws in Parliament:-Kumari Selja


:-The India is being Pushed from a welfare state to a police state:-Kumari Selja

:-The New Laws will Affect a Large Number of Citizens:-Kumari Selja

:-The BJP Government is Making False Declarations,
Instead of working on the ground:-Kumari Selja

Chandigarh/1st, July.

The General Secretary of the All India Congress Committee, former State President of Haryana Congress, In-charge of Uttarakhand, former Union Minister and Member of Congress Working Committee, and newly elected MP from Sirsa Lok Sabha seat of Congress (India Alliance), Kumari Selja said that after the political and moral setback in the election, PM Narendra Modi and the BJP are pretending to respect the Constitution. However, the truth is that the three criminal justice system laws being implemented from today were forcibly passed by suspending 146 MPs. This bulldozer will not run on the parliamentary system of justice. Kumari Selja said that this bill should be reintroduced in Parliament, debated, and passed again. 

In a statement released to the media, Kumari Selja said that three new criminal laws are being implemented across the country today. From today, three new laws, the Indian Justice Code, the Indian Civil Protection Code, and the Indian Evidence Exchange, are being implemented in place of IPC, CRPC, and the Indian Evidence Act. She said that these three laws should be stopped immediately. Kumari Selja said that these laws lay the foundation for a police state. The new criminal laws will lay the foundation for turning India from a welfare state into a police state. She said that there should be a re-discussion in Parliament on these laws before any decision is taken. Kumari Selja said that for law enforcement agencies, judicial officers, and legal professionals, there will be significant challenges ahead. She said that these laws will affect a large number of citizens at some point. The haste with which the government brought these laws to Parliament and implemented them is undesirable in a democracy. There was neither adequate discussion in the Parliamentary Committee nor extensive discussion in the House, and there was no consultation with stakeholders. 

Kumari Selja said that the state government has completely failed to protect the lives and property of the people, even though the Home Ministry is under the Chief Minister. Being the Home Minister of Haryana, the Chief Minister should solve this problem. The state is under jungle raj instead of law and order. Incidents of shootings, extortion, and ransom are increasing in various places. The government is busy making false declarations and promises instead of catching criminals. A state where crime increases can never develop. Due to the increase in crime, traders and industrialists are continuously migrating from Haryana, which is increasing unemployment more than before. The increase in unemployment is the reason Haryana is at the top in terms of crime. In Hisar, after several incidents of firing and demanding crores of rupees as ransom, the police have nothing but assurances. Traders are protesting for security. Not a single criminal involved in any incident has been caught, which is a living proof of the government's failure. Under section 9 of the Lok Sabha Conduct Rules, Lok Sabha Speaker Om Birla announced 10 presiding officers to assist in the conduct of the Lok Sabha on Monday, including MP from Sirsa and former Union Minister Kumari Selja, who will be seen conducting the Lok Sabha in the absence of the Lok Sabha Speaker in the future.

बिप्लब कुमार देब के निशाने पर कांग्रेस का परिवारवाद


 बिप्लब कुमार देब ने कांग्रेस और हुड्डा को घेरा -  

कहा- चौधरी चरण सिंह की सरकार गिराने वाली कांग्रेस अब चौधर की बात ना करे

नई दिल्ली/चंडीगढ़, ।  हरियाणा भाजपा के प्रभारी एवं सह चुनाव प्रभारी बिप्लब कुमार देब के निशाने पर कांग्रेस और भूपेंद्र एवं दीपेंद्र हुड्डा का परिवारवाद है। बिप्लब देब ने कल रविवार को हुई विस्तृत कार्यकारिणी बैठक में पांच हजार से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं के सामने स्पष्ट संकेत दिया कि वे आगामी दिनों में भी हरियाणा में बाप-बेटे की परिवारवाद की राजनीति, कांग्रेस की ग़लत नीतियों को टारगेट करते रहेंगे। बिप्लब देब ने तो भाजपा कार्यकर्ताओं को भी कह दिया है कि वे एकता के साथ कांग्रेस की झूठी राजनीति की पोल खोलें। घर-घर जाएं और बताएं कि कैसे कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में 8500 रुपए फटाफट देने और संविधान समाप्त होने की झूठी व भ्रामक बातें फैलाकर लोगों को ठगा है।
विस्तृत कार्यकारिणी में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा को घेरते हुए बिप्लब देब ने कहा कि बाप-बेटे चौधर और चौधरी की बात करते हैं ,लेकिन चौधरी चरण सिंह जब प्रधानमंत्री बनें तो चरण सिंह की सरकार कांग्रेस ने ही गिराई थी। बिप्लब ने कहा कि बाप बेटे अपने परिवार की सरकार चाहते हैं। हुड्डा पर निशाना जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि ये बाप-बेटे में भी कंपिटिशन है कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा। कुमारी शैलजा भी बाप-बेटे की आपसी राजनीति को सब देख रही है।  
बिप्लब ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता बाप-बेटे को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। प्रदेश में फिर से तीसरी बार भी प्रदेश के लोगों की सरकार बनेगी। बिप्लब देब ने कहा कि हमारे पास बूथ अध्यक्ष, पन्ना प्रमुख तक के समर्पित कार्यकर्ताओं का संगठन है। जबकि कांग्रेस के पास कुछ नहीं है।  बिप्लब देब ने कहा कि संविधान खतरे में बताने वाला विपक्ष इतना निर्लज हो गया है कि उनको पश्चिम बंगाल में आम लोगों पर हो रहा अत्याचार दिखाई नहीं दे रहा।

बिप्लब कुमार देब ने सुनी प्रधानमंत्री के मन की बात
हरियाणा भाजपा प्रभारी बिप्लब देब ने भी प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात के 111 वें एपिसोड को सुना। उन्होंने सभी देशवासियों से माँ के नाम पर एक पेड़ जरूर लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के जरिए जनता को अद्भुत जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम वास्तव में देश के विकास की गाथा और देश के लोगों के मन की बात है। उन्होंने कहा कि हर बार करोड़ों लोग मन की बात सुनकर प्रेरणा लेते हैं और देश सेवा में जुटते हैं।

हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स : पत्रकारों के अधिकारों को लेकर चर्चा

 


हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स की करनाल इकाई की मीटिंग की गई। जिसमें हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष  संजय राठी व अन्य साथी मौजूद रहे। यूनियन की मीटिंग के अंदर पत्रकारों के अधिकारों को लेकर चर्चा की गई। जिसमें प्रमुख रूप से पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करवाने, मान्यता प्राप्त पत्रकारों की पेंशन को बढ़ा कर 25000 किया जाए और आयु सीमा को 60 साल से 58 साल किया जाय, पत्रकार कल्याण कोष की राशि को बढ़ा कर 10 करोड़ किया जाए , गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी कैश लैस स्वास्थ्य बीमा योजना मे शामिल किया जाए। इस अवसर पर प्रदेश यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश शर्मा  ने कहा कि सरकार पिछले 10 सालों से पत्रकारों की अनदेखी कर रही है। इसको यूनियन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी और पत्रकारों के हित के लिए अपनी आवाज उठाती  रहेगी। यूनियन जल्द इन सभी मांगों को लेकर हरियाणा के प्रत्येक जिलों के अंदर प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगी। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संजय राठी की अध्यक्षता में जल्द ही पत्रकारों के हित में मुख्यमंत्री से यूनियन का एक डेलिगेशन भी मिलेगा।  संजय राठी जी ने यह कहा कि हमारी यूनियन का मकसद पत्रकारों के हित की सुरक्षा करना है।  जो हम सदा करते आए हैं और करते रहेंगे। इस मीटिंग में यूनियन के पधाधिकारी राजेश शर्मा प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आरआर शैली प्रदेश महा सचिव , राजेश भारत करनाल जिला प्रधान, भारत ढिल्लो जिला उपप्रधान, राजीव ठाकुर महा सचिव, सुमेर चंद, एस वर्मा, जगबीर उपलाना मयंक उपाध्याय, बलदेव राणा , रवि गोस्वामी ,संजय कश्यप ,अनिल,मोहित पराशर मौजूद रहे।  

प्रकाशन के अनुरोध के साथ) शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह धर्मनिरपेक्ष शासक थे


 (प्रकाशन के अनुरोध के साथ)

शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह धर्मनिरपेक्ष शासक थे

.प्रपंजाबी अकादमी की ओर से महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर हुई संगोष्ठी

लखनऊ 30 जून रविवार। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी की ओर से शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार 30 जून को आलमबाग चंदर नगर गेट के पास स्थित गुरु तेग बहादुर भवन के लाइब्रेरी हॉल में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह धर्मनिरपेक्ष शासक थे। इस अवसर पर अकादमी के निदेशक के प्रतिनिधि के रूप में कार्यक्रम संयोजक अरविन्द नारायण मिश्र ने संगोष्ठी में उपस्थित विद्वानों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।

संगोष्ठी में आमंत्रित विद्वान देवेन्दर पाल सिंह बग्गा‘ ने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह ने अपने पिता के साथ पहली लड़ाई तब लड़ी थी जब उनकी आयु केवल दस साल की थी। वह एक धर्मनिरपेक्ष शासक थे। उनकी सेना में हिंदूमुस्लिम और यूरोपीय योद्धा और जनरल शामिल थे। उनकी सेना में जहां हरि सिंह नलवाप्राण सुख यादवगुरमुख सिंह लांबादीवान मोखम चंद और वीर सिंह ढिल्लो जैसे भारतीय जनरल थे वहीं फ्रांस के जीन फ्रैंकोइस अलार्ड और क्लाउड ऑगस्ट कोर्टइटली के जीन बाप्तिस्ते वेंचुरा और पाओलो डी एविटेबाइलअमेरिका के जोसिया हरलान और स्कॉट-आयरिश मूल के अलेक्जेंडर गार्डनर जैसे सैन्य ऑफिसर भी शामिल थे।

इस क्रम में नरेन्द्र सिंह मोंगा ने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह ने मात्र 18 साल की उम्र में शुकरचकिया मिसल की सरदारी प्राप्त करते हुए अपनी अद्भुत संगठनात्मक शक्ति का परिचय देना शुरू कर दिया था।  दो साल में ही बारह सिख मिसलों में विभक्त सिखों को एक सूत्र में पिरो करपंजाब के पूर्व अफगान शासक शाह जमान की झेलम नदी में फंस गई तोपें काबुल भिजवा कर और बहुसंख्यक मुस्लिम प्रजा से द्वेषपूर्ण व्यवहार न करके मुस्लिम प्रजा की सद्भावना प्राप्त कर ली थी। 20 साल की आयु में लाहौर की राजगद्दी पर 12 अप्रैल 1801 को गुरु नानक के वंशज बाबा साहेब सिंह बेदी से राज तिलक लगवा कर पंजाब के एकमात्र शासक बन गए थे।

त्रिलोक सिंह बहल‘ के अनुसार सिख धर्म में भगवान के सामने हर किसी को बराबर माना जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए जब महाराजा रणजीत सिंह गद्दी पर बैठे तो कभी भी ताज नहीं पहना। एक बार एक अफगान शासक शाह शुजा की पत्नी ने महाराजा से वादा किया कि अगर महाराजा, शाह शुजा को लाहौर सुरक्षित ले आएंगे तो वह उनको कोहिनूर हीरा देगी। इस पार महाराजा ने शाह शुजा को सुरक्षित लाने का वादा पूरा किया। जिसके बाद 01 जून, 1813 को महाराजा को कोहिनूर हीरा भेंट किया गयाजो उनके खजाने की शान बना। 

अजीत सिंह ने कहा कि जब भी देश के इतिहास में महान राजाओं के बारे में बात होगी तो शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह का नाम इसमें जरूर आएगा। पंजाब पर शासन करने वाले महाराजा रणजीत सिंह ने 10 साल की उम्र में पहला युद्ध लड़ा था और 12 साल की उम्र में गद्दी संभाल ली थी वहीं 18 साल की उम्र में लाहौर को जीत लिया था। यही नहीं 40 वर्षों तक के अपने शासन में उन्होंने अंग्रेजों को अपने साम्राज्य के आसपास भी नहीं फटकने दिया। दशकों तक शासन के बाद रणजीत सिंह का दिनाँक 27 जून, 1839 को निधन हो गयालेकिन उनकी वीर गाथाएं आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं।

संगोष्ठी कार्यक्रम में मुख्य रूप से हरपाल सिंह गुलाटीकमलजीत सिंह टोनीरविन्दर कौर गाँधीचरनजीत सिंहमनमोहन सिंह मोणीशरनजीत सिंहराजू सदानाविनय मनचंदाकुलवंत कौरशरणजीत कौररणदीप कौरमनमीत कौर सहित अन्य विद्वतगण उपस्थित रहे।

आज हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से संसद के भीतर जय फिलस्तीन के नारे की कड़ी निंदा करते हुए ओवैसी के खिलाफ जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया।

 


नई दिल्ली, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आज हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से संसद के भीतर जय फिलस्तीन के नारे की कड़ी निंदा करते हुए ओवैसी के खिलाफ जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया।


इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई विहिप की युवा इकाई बजरंग दल ने की जिसमे विहिप के कई आयामों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

विहिप के इंद्रप्रस्थ ( दिल्ली) प्रांत मंत्री श्री सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि ओवैसी ने सांसद पद की शपथ लेते समय संसद के भीतर एक पराए देश फिलिस्तीन के प्रति आस्था प्रदर्शित की जबकि इसके पहले अन्य मौकों पर भारत की जय नहीं कहा जो घोर निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि ओवैसी की ओर से संसद में कहे शब्द संविधान का अपमान है और यह राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है।

श्री गुप्ता ने कहा कि ओवैसी हमेशा विभाजनकारी वक्तव्य देते हैं और इस बार फिलिस्तीन की जय बोलकर वह देश के मुसलमानों को भड़काने और उन्हे आक्रोशित करने का षडयंत्र रच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह देश को बांटने वाली खतरनाक प्रवृत्ति है, जिसके चलते ही देश का विभाजन हुआ था।

दुखद यह कि ओवैसी सांसद हैं, जिनके लिए संविधान और देश सर्वाेच्च होना चाहिए, लेकिन उनके लिए अपनी राजनीति ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह देश बांटने वाली राजनीति अब स्वीकार्य नहीं होगी।

श्री गुप्ता ने कहा कि इस मामले को लेकर उनकी संसद सदस्यता को अयोग्य ठहराने को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला से शिकायत की गई है। साथ ही ओवैसी की सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर विहिप अपने विरोध को जारी रखते हुए  इस मांग को पूरा करने के लिए  कानूनी और न्यायिक विकल्पों पर भी विचार कर रही है।


इस विरोध प्रदर्शन में विहिप प्रांत संगठन मंत्री श्री सुबोध चन्द्र,  बजरंग दल प्रांत संयोजक श्री जगजीत सिंह गोल्डी, बजरंग दल सह संयोजक श्री रमाकांत शर्मा और कुलदीप चौहान, विहिप के श्री नंद किशोर और श्री अशोक गुप्ता, श्री दीपक गुप्ता, श्री जगवीर शर्मा, श्री विजयकांत पांडे सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

शिक्षक फर्जी, डिग्री फर्जी, परीक्षा फर्जी यहीं है हरियाणा के स्कूलों की पहचान: कुमारी सैलजा


 04 लाख बच्चों के फर्जी दाखिले कर हड़प गए बच्चों का मिड डे मील, छात्रवृति, वर्दी और अन्य फंड


सीबीआई की एफआईआर में शिक्षा मंत्री तक का नाम नहीं, न हुई कोई पूछताछ न की कोई रेड

कांग्रेस भाजपा के इस भ्रष्ट शासन को उखाड़ फेंक कर जनता को दिलाएगी भ्रष्टाचार से मुक्ति

चंडीगढ़,

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, हरियाणा कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, उत्तराखंड की प्रभारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं सिरसा लोकसभा सीट से कांग्रेस (इंडिया गठबंधन) की नवनिर्वाचित सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि शिक्षक फर्जी, डिग्री फर्जी, परीक्षा फर्जी यहीं हरियाणा के स्कूलों की पहचान बनकर रह गई है। स्कूल में विकास के नाम केवल और केवल फर्जीवाड़ा हुआ है जो प्रतिवर्ष अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने में लगा हुआ है। स्कूलों में चार लाख बच्चों का फर्जी एडमिशन कर मिड डे मील, छात्रवृति, वर्दी और अन्य फंड का गबन कर बंदरबाट कर ली। इसमें कोई दो राय नहीं भाजपा की नीतियां फर्जीवाड़े से शुरू होकर फर्जीवाड़े पर ही खत्म होती हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के इस भ्रष्ट शासन को कांग्रेस उखाड़ फेंककर जनता को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाएंगी।

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2014 से 2016 के बीच 04 लाख फर्जी दाखिले हुए। विजिलेंस जांच में 12924 स्कूलों में ऐसी गड़बड़ियां सामने आई, सात एफआईआर दर्ज की गई थी, 2019 में हाईकोर्ट ने सीबीआई को तीन माह में जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया था पर सीबीआई को इसमें भी चार साल लग गए। सीबीआई ने अब इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की है, जिसमें मिड डे मील, छात्रवृति, वर्दी और अन्य फंड के गबन को लेकर कागजात दाखिल किए गए है। उन्होंने कहा कि जून 2015 में जब शिक्षा विभाग ने 719 गेस्ट टीचर्स को हटाने का नोटिस जारी किया था, इस पर गेस्ट टीचर्स ने कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि स्कूलों में विद्यार्थी घट गए है, कोर्ट ने जब रिकार्ड मांगा तो पता चला कि 22 लाख में से चार लाख दाखिले फर्जी है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस जांच हुई, दो बार एसआईटी गठित कर जांच हुई पर कोई कार्रवाई न हुई। जांच में विजिलेंस का शिक्षा विभाग ने कोई सहयोग नहीं किया, सहयोग न करने वाले और मिड डे मील, छात्रवृति, वर्दी और अन्य फंड का गबन करने वालों पर सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की।

उन्होंने कहा कि सीबीआई ने तीन-तीन एफआईआर दर्ज की उसके बावजूद बीजेपी के नेताओं को, उस समय के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को बचा लिया। एफआईआर में उनका नाम नहीं डाला, उनसे पूछताछ नहीं गई, उन पर रेड नहीं की गई और न ही इस बात की जांच की गई कि इस करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार में उनका कितना हाथ था। उन्होंने कहा कि अगर इसमें गैर भाजपा का मंत्री या मुख्यमंत्री का नाम आ रहा होता तो अब तक भाजपा सरकार उसे सलाखों के पीछे डाल देती। पर सीबीआई ने इस घोटाले में भाजपा के किसी नेता, मंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जिस दिन प्रदेश की सरकार बदलेगी इनके सारे मामलों की जांच कर बच्चों की शिक्षा के नाम पर गबन और भ्रष्टाचार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

टी-20 वर्ल्ड कप-2024 जीतने पर इंडिया टीम को दिल से बधाई

उन्होंने टीम इंडिया को टी-20 वर्ल्ड कप- 2024 जीतने पर दिल से बधाई देते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आपकी शानदार जीत ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अपने देशवासियों को खुशियां मनाने का अवसर प्रदान किया है, यह जीत आपकी मेहनत, समर्पण और जोश का नतीजा है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षण पर हर देशवासी गर्व महसूस कर रहा है। हार्दिक पांड्या को उनके अंतिम ओवर और सूर्य कुमार यादव को उनके कैच के लिए हर क्रिकेट प्रेमी सदैव याद रखेगा। जसप्रीत बुमराह के योगदान और भारतीय क्रिकेट के कोच राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन को भी देशवासी कभी नहीं भूलेंंगे। फाइनल मैच में यह असाधारण जीत थी। टीम इंडिया पर देश को गर्व है।