रणवीर सिंह की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘धुरंधर’ एक बार फिर सुर्खियों में है। डायरेक्टर आदित्य धर द्वारा निर्देशित यह एक मेगा-स्केल एक्शन-ड्रामा फिल्म है, जिसका इंतज़ार फैंस पिछले दो साल से कर रहे हैं। जबसे फिल्म की आधिकारिक घोषणा हुई है, तब से इसकी कहानी, रिलीज़ प्लान और स्टारकास्ट को लेकर लगातार चर्चाएं बनी हुई हैं। अब नई चर्चा यह है कि ‘धुरंधर’ को मेकर्स दो पार्ट्स में रिलीज़ करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि इस पर अभी तक टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इंडस्ट्री सूत्रों की मानें तो फिल्म का पैमाना इतना बड़ा है कि इसे एक पार्ट में समेटना मुश्किल माना जा रहा है।
ट्रेलर से पहले ‘धुरंधर’ का धमाका: दो पार्ट में रिलीज़ हो सकती है रणवीर सिंह की फिल्म, सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा
रणवीर सिंह की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘धुरंधर’ एक बार फिर सुर्खियों में है। डायरेक्टर आदित्य धर द्वारा निर्देशित यह एक मेगा-स्केल एक्शन-ड्रामा फिल्म है, जिसका इंतज़ार फैंस पिछले दो साल से कर रहे हैं। जबसे फिल्म की आधिकारिक घोषणा हुई है, तब से इसकी कहानी, रिलीज़ प्लान और स्टारकास्ट को लेकर लगातार चर्चाएं बनी हुई हैं। अब नई चर्चा यह है कि ‘धुरंधर’ को मेकर्स दो पार्ट्स में रिलीज़ करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि इस पर अभी तक टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इंडस्ट्री सूत्रों की मानें तो फिल्म का पैमाना इतना बड़ा है कि इसे एक पार्ट में समेटना मुश्किल माना जा रहा है।
सरकार की नीतियों से गरीब मरीज हो रहे परेशान: कुमारी सैलजा
चंडीगढ़,विशाखा पाल छजलाना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए कहा है कि सरकार की उपेक्षा और अव्यवस्थित प्रणाली के कारण गरीब वर्ग विशेष रूप से ग्रीन कार्ड धारक तथा आयुष्मान भारत योजना से जुड़े मरीज भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण आमजन को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जबकि उन्हें नि:शुल्क और सहज स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए थीं। सरकारी अस्पतालों में कही आर्थोपेडिक सर्जन नहीं है तो कहीं पर बवासीर, हर्निया और अपेंडिक्स के ऑपरेशन की सुविधा तक नहीं है।
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार ने खर्च घटाने और नीतिगत सुधार के नाम पर जो कदम उठाए हैं, वे वास्तव में गरीब और मध्यम वर्ग की पीड़ा बढ़ाने वाले साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा सहित राज्य के अधिकांश जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, अनेक विभागों में तकनीशियन नहीं हैं, और आवश्यक उपकरण या तो अनुपलब्ध हैं या खराब अवस्था में पड़े हैं। स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती हैं, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे पूरी तरह उपेक्षित कर दिया है। गरीब मरीज अपने अधिकार के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।
सांसद ने कहा कि आयुष्मान योजना का मूल उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क उपचार प्रदान करना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह योजना अपने मकसद से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि कई अस्पताल इस योजना के तहत मरीजों का इलाज करने से कतराते हैं, जबकि सरकार की ओर से उनके बकाया भुगतान का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया।
सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि सभी सिविल अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आवश्यक मशीनों की उपलब्धता, और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक तुरंत सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिला अस्पतालों में एक अलग ग्रीन हेल्प डेस्क बनाई जाए, जहां आयुष्मान और ग्रीन कार्ड धारक मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर पर्ची, परामर्श और उपचार की सुविधा दी जा सके। कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़कों तक उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि जनहित के लिए लड़ी जाएगी। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है और गरीबों को उनका हक दिलाकर रहेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर गरीब मरीजों से हो रहा है मजाक
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ 30 लाख गरीब लोग आयुष्मान और चिरायु योजना के दायरे में आते हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार ने अनेक रोगों के उपचार को प्राइवेट अस्पतालों की सूची से हटाते हुए कहा है कि इन रोगों का उपचार और ऑपरेशन की सुविधा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकार को सबसे पहले सरकारी अस्पताल में सभी प्रबंध करने के बाद ही प्राइवेट अस्पतालों की सूची से रोगों को हटाना चाहिए था पर एक ओर सूची से रोगों का उपचार और ऑपरेशन बंद कर दिए तो दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में सुविधा नहीं है। कूल्हे और घुटने बदलने की सुविधा बहुत कम अस्पतालों में है, कहा आर्थोपेडिक सर्जन है को ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं है, इतना ही नहीं अनेक सरकार अस्पताल तो ऐसे है जहां पर बवासीर, हर्निया और अपेंडिक्स के ऑपरेशन तक की सुविधा नहीं है।
देवली विधानसभा के संगम विहार-ए वार्ड से पूर्व निगम पार्षद श्री सुरेश चौधरी ने कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास जताते हुए कांग्रेस का हाथ थामा।
नई दिल्ली,विशाखा पाल छजलाना 2025 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व निगम पार्षद सुरेश चौधरी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, अ0भा0क0कमेटी के सचिव श्री अभिषेक दत, प्रदेश कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन श्री अनिल भारद्वाज और जिला अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने कांग्रेस पार्टी का पटका पहनाकर उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया। श्री सुरेश चौधरी ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव की कार्यशैली और कांग्रेस की विचारधारा में आस्था रखते हुए कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की ।
संवाददाता सम्मेलन में इस मौके पर वरिष्ठ नेता जगजीवन शर्मा, चन्द्रकांत गिरी, अनिरुद्ध शर्मा भी मौजूद थे। देवली विधानसभा से श्री सुरेश चौधरी सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी में शामिल हुए, जिनमें आधी से ज्यादा महिलाओं की संख्या थी।
श्री काजी निजामुद्दीन ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा, आदर्शों और नीतियों सहित कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, जन नायक, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए श्री सुरेश चौधरी ने कांग्रेस का दामन थामा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हालात किसी से छिपे नही है और आज हमें एकजुट होकर लोगों का वोट लेकर उनके साथ धोखा करने वाले लोगों के साथ सीधी लड़ाई लड़नी है।
श्री अभिषेक दत्त ने कहा कि श्री सुरेश चौधरी के कांग्रेस में शामिल होने के फैंसले का हम स्वागत करते है, जिन पर शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व सहित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की सहमति के बाद ही उन्हें पार्टी में शामिल किया जा रहा है। श्री सुरेश चौधरी का लोगों से जुड़कर उनकी सेवा करने का लम्बा अनुभव है, वे 2027-22 के बीच निगम पार्षद रहे और आज दिल्ली में जो माहौल सत्ताधारी भाजपा ने बिगाड़ दिया है वह सभी के सामने है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि 11 वर्ष दिल्ली की सत्ता में रहने वाले भी आज अपने शासनकाल की नाकामियों पर सवाल उठा रहे है। उन्होंने कहा कि आज की बर्बाद दिल्ली में आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनो का बराबर का हाथ है।
श्री अनिल भारद्वाज ने कहा कि पूर्व निगम पार्षद श्री सुरेश चौधरी का हम कांग्रेस पार्टी में स्वागत करते है, जो कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी के नेतृत्व, जन नायक नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के देशवासियों के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करने और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव की जुझारु कार्यशैली से प्रेरणा लेकर कांग्रेस पार्टी में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए है। उन्होंने कहा कि सुरेश चौधरी के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के आने से पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि जिस दिल्ली को कांग्रेस ने 15 वर्षों में संवारा और बनाया था, पिछले 12 वर्षों में आम आदमी पार्टी और भाजपा ने दिल्ली की अनदेखी कर दिल्ली को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। झुग्गी झौपड़ी को उजाड़ने का काम किया, सड़क, सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर कोई काम नही किया। पिछले 8 महीनों में भाजपा चौतरफा सभी स्तरों पर विफल साबित हुई है।
वोट चोरी लोकतंत्र का हनन, राहुल गांधी का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है: कुमारी सैलजा
नई दिल्ली,विशाखा पाल छजलाना कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन नई दिल्ली में हरियाणा प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों, जिलाध्यक्षों व विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राहुल गांधी द्वारा उजागर किए गए हरियाणा में वोट चोरी के साक्ष्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में बड़े स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
इस बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने बताया कि बैठक में यह भी तय किया गया कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतंत्र की रक्षा और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर जनता को बताएंगे कि किस प्रकार हरियाणा में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना की रक्षा के लिए होगा। पार्टी ने फैसला किया है कि इस अभियान की शुरुआत करनाल से की जाएगी और इसके बाद क्रमवार रूप से सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में यह संकल्प लिया गया कि कांग्रेस जनता के सहयोग से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के इस संघर्ष को अंतिम मुकाम तक पहुंचाएगी।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी की ओर से जो सबूत रखे गए है उनसे साफ हो रहा है कि हरियाणा में वोट चोरी हुई, हर व्यक्ति कह रहा था कि प्रदेश में इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी पर भाजपा की बन गई। प्रदेश में वोट चोरी हुई, फर्जीवाड़ा हुआ, एक पते पर सैकडों वोटर बनाए गए, ये सारे सबूत जनता के समक्ष रखे जाएंगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का संदेश जन जन पहुंचाया जाएगा। इसके लिए हर जिला में कार्यक्रम रखे जाएंगे। कुमारी सैलजा ने कहा कि वोट चोरी लोकतंत्र का हनन है। कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा की जनता ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन मतगणना के दौरान योजनाबद्ध तरीके से कांग्रेस प्रत्याशियों के वोटों में हेराफेरी की गई। हरियाणा में जनता का जनादेश कांग्रेस के पक्ष में था, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों ने लोकतंत्र को शर्मसार किया है। चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था की तरह काम करना चाहिए, न कि किसी दबाव में है।
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सांसद कुमारी सैलजा कल जींद में करेंगी दिशा की बैठक की अध्यक्षता
सांसद कुमारी सैलजा 11 नवंबर दिन को सुबह 09.00 बजे जम्मू कश्मीर के पूंछ में शहीद हुए भारतीय सेना के जवान अमरजीत नैन के निवास स्थान गांव जाजनवाला जिला जींद पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। इसके बाद सुबह 09.30 बजे से 10.30 बजे तक नरवाना के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में आमजन से मुलाकात करेंगी और सुबह 11.00 बजे जींद में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करेंगी।
दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण, बिगड़ती कानून व्यस्था और आपके आसपास पड़े गंदगी के ढ़ेरों को ध्यान में रखकर करे उपचुनावों में वोट - देवेन्द्र यादव
नई दिल्ली,विशाखा पाल छजलाना 2025 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी और भाजपा ने जनता को धोखा दिया है और अब जब सिर्फ 12 वार्ड में उपचुनाव है और इस चुनाव से ना भाजपा की निक्कमी सरकार और ना ही झूठी आम आदमी पार्टी को कोई फर्क पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि अब सही समय आ गया है कि दिल्ली की जनता भाजपा और आम आदमी पार्टी के खिलाफ मन बनाते हुए दोनो के घंमड़ को सबक सिखाऐं क्योंकि दिल्ली की जनता जानती है कि दोनो पार्टियों ने उनको कैसे बेवकूफ बनाकर वोट की राजनीति की है। श्री यादव ने दिल्ली की जनता से अपील करते हुए कहा कि निगम उपचुनाव में कांग्रेस को वोट देकर इनके घमंड को आईना दिखाऐं।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में वोट करने से पहले दिल्ली वाले दिल्ली में बिगड़ते खतरनाक प्रदूषण, बिगड़ती कानून व्यवस्था, आपके आसपास लम्बे समय से पड़े गंदगी के ढ़ेरों को ध्यान में रखकर वोट करे। क्योंकि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार जो पिछले 8 महीनां दिल्ली की सत्ता में है और पिछले 6 महीनों से दिल्ली नगर निगम भी भाजपा के आधीन है। वर्तमान में दिल्ली के हालात में कोई सुधार देखने को नही मिला है। भाजपा सिर्फ पिछली आम आदमी पार्टी की नाकामियों पर बात करके सिर्फ जनता को धोखा देने का काम कर रही है जबकि जनता ने आम आदमी पार्टी को सत्ता से इसलिए उखाड़ फेंका कि उन्होंने भी दिल्ली वालों को धोखा दिया।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की जनता अगर झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने वाले धोखेबाजों से निजात पाना चाहती है तो सभी वार्डों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को वोट करके बदलाव की शुरुआत करे। दिल्ली में भ्रष्टाचारी आम आदमी पार्टी और वोट चोर भाजपा को सबक सिखाने का यह सही वक्त है। उन्होंने कहा कि दिल्ली वाले मौकापरस्त भाजपा और आम आदमी पार्टी को परास्त करके कांग्रेस के लिए जीत की शुरुआत करने में सहायक बने, हम दिल्ली में 1999 से 2014 तक 15 वर्षों जैसा विकसित, प्रदूषण मुक्त सुशासन वापस लेकर आऐंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की दिल्ली सरकार ने दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हरित क्षेत्र बढ़ाया, परिवहन व्यवस्था को सीएनजी में तबदील किया और राजधानी को किरोसीन मुक्त भी बनाया।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी में प्रदूषण का प्रकोप इतना खतरनाक बन चुका है और नागरिक समूह बाहर निकलकर सरकार की नाकामी के खिलाफ ऐतिहासिक इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हो रहे है और भाजपा की पुलिस इन नागरिकां के विरोध को जबरन दबा रही है तथा प्रदूषण से सम्बन्धित आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ करके अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रहे है।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि सड़कों किनारें गंदगी के ढेर, कॉलोनियों के बाहर कूड़े के अम्बार, टूटी सड़कों पर रेंगते वाहन, आवारा पशुओं का जमावड़ा, सब्जी मंडियों और बाजारों की गंदगी सड़कों पर लम्बे समय तक पड़ी रहने के कारण प्रदूषण हर दिन अत्यंत गंभीर बनता जा रहा है। सर्दियों से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को प्रदूषण नियंत्रण के लिए अगर ग्रेप-2 लागू करना पड़े तो इसका साफ मतलब है सरकार प्रदूषण नियंत्रण में पूरी तरह फेल साबित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि निगम उपचुनाव में भाजपा और आम आदमी पार्टी एक बार फिर लोगों से झूठे वादे करके वोट हासिल करने का षड्यंत्र रचने की कोशिश करेंगे लेकिन अब दिल्ली वालों के झांसे में आने वाले नही है।
16th International We Care Film Festival Reinforces the Power of Inclusive Storytelling
The 16th International We Care Film Festival, a longstanding platform dedicated to disability representation through cinema, concluded its two-day edition at the Apeejay Dwarka campus on Friday. Organised jointly by the Apeejay Institute of Mass Communication (AIMC) and the Apeejay School of Management (ASM) in collaboration with Brotherhood, and supported by the United Nations, the festival continued its mission of sensitising young media aspirants to issues of disability, dignity, and social responsibility. The guiding spirit of the festival remained clear throughout: to use the power of storytelling to dismantle stereotypes, foster empathy, and highlight the everyday realities of persons with disabilities.
This edition was graced by dignitaries including Mr. Sunit Tandon, Former Director of the India Habitat Centre and renowned news anchor Mr. Sheevardhan Trivedi. Their presence brought an encouraging perspective for students, reminding them of the social impact that conscientious journalism and responsible communication can create. Both guests emphasised that media professionals carry the unique responsibility of shaping thought, challenging stigma, and telling stories that broaden the public conscience. They urged students to approach disability not as a subject of sympathy, but as a call for inclusivity, representation, and respect. The festival also featured a special address by motivational speaker Ms. Karishhma Lamba, who spoke about the importance of recognising differences with grace and understanding, urging students to move beyond labels and to embrace emotional intelligence as a core professional skill.
A lineup of acclaimed films from India and across the world, including Here (Iran), Fish and I (Iran), Butterfly Circus (USA), Goonga Pehalwan (India), and other thought-provoking shorts, immersed audiences in diverse narratives exploring resilience, identity, and lived experiences of disability.
Adding to the emotional depth of the festival were cultural performances by Divyang children from the Ashish Foundation, whose presentation earned admiration from the audience, and a soulful singing performance by Mr Devansh Chandra, whose presence embodied the festival’s message of celebrating talent beyond boundaries. The Photography and Painting exhibition, inaugurated on the first day, showcased expressive visual interpretations of inclusivity by students from different colleges, further anchoring the festival’s ethos of artistic and experiential learning.
Reflecting on the enduring purpose of the festival, Mr. Satish Kapoor, Director and Founder of Brotherhood, said, “We Care was envisioned as a cultural movement—one that uses the language of films to advocate for acceptance, equality, and dignity. It is heartening to see students engage with these narratives so deeply.”
Leaders from Apeejay Institute of Mass Communication echoed this sentiment throughout the event. Prof. Sajal Mukherjee, Director, AIMC, noted that the festival has grown into a meaningful teaching space where young communicators learn to view social issues through a human lens. Prof. Ashok Ogra, Advisor, Mass Communication, added that the international range of films allows students to understand disability within wider cultural and global contexts, shaping them into more aware and empathetic professionals.
The festival concluded with a combined felicitation ceremony honouring outstanding entries from the Photography and Painting competitions and acknowledging the contributions of filmmakers, student volunteers, performers, and guests. Over the course of two days, the International We Care Film Festival succeeded in deepening public understanding, inspiring meaningful conversations, and strengthening the resolve of young media practitioners to advocate for a more inclusive society.
HUMAN RIGHTS: AN ANALYTICAL APPROACH
ADVOCATE NEHA TANDON
The concept of Human Rights is, paradoxically, both simple and complex — a true paradigm in itself. Its definition is scattered across numerous Acts, Articles, and Books, yet at its core, Human Rights signify the very basic, inherent nature and dignity of every human being.
The Present Global Scenario
When we look across the world today, we find flagrant violations of human rights everywhere. Despite international laws, declarations, and institutions, the reality remains disturbing — the respect for human dignity is fast eroding.
Over time, the very essence of human rights has undergone a drastic metamorphosis. In today’s world, when someone dares to raise the issue of human rights, they are often met with mockery, sarcasm, or indifference. Shockingly, the violations do not occur only in public spaces or authoritarian regimes — they often begin within our own homes.
Be it in parental or marital settings, domestic violence, defamation, emotional abuse, and psychological torture have emerged as some of the gravest human rights violations. These acts are frequently driven by hatred, jealousy, grudges, conspiracies, and animosity.
Between Slogans and Reality
Sadly, the loud slogans raised in the name of human rights often remain confined to speeches and paperwork. Implementation is missing. Policies exist, but the will to enforce them does not. Advocates and activists admit that laws alone cannot compel everyone to respect human rights — it requires a collective change in attitude and moral awareness.
Countless cases of human rights violations go unreported and unnoticed, buried under social pressure, fear, or ignorance. This gap between law and reality continues to widen.
The Way Forward
Volumes can be written on the subject of human rights, but real transformation will occur only when people truly become serious about humanity itself. The essence of human rights lies not merely in laws or declarations but in love, compassion, and mutual respect — values that must be practiced daily.
It is only when individuals begin to honor humanity as they honor the Almighty, that the dream of a just and dignified world will truly take shape.




