मेरठ से चौंकाने वाली लापरवाही! डॉक्टर ने बच्चे की चोट पर टांकों की जगह Fevikwik लगा दी—मासूम पूरी रात दर्द से तड़पता रहा



मेरठ में एक बेहद हैरान और चिंताजनक मामला सामने आया है। आरोप है कि एक निजी डॉक्टर ने इलाज में ऐसी लापरवाही बरती, जिसने मासूम की जान तक को खतरे में डाल दिया। बताया जा रहा है कि ढाई साल के बच्चे को खेलते समय आंख के पास गंभीर चोट लग गई थी। परिवार उसे तुरंत पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले गया।

लेकिन यहां डॉक्टर ने टांके लगाने के बजाय बच्चे के खुले घाव को Fevikwik से चिपका दिया। इस गलत इलाज की वजह से बच्चा पूरी रात दर्द से बिलखता रहा।

अगले दिन परिजन उसे दूसरे अस्पताल लेकर पहुँचे। वहां डॉक्टरों को लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे की आंख के पास लगी केमिकल की परत हटानी पड़ी। Fevikwik हटाने के बाद घाव को सही तरीके से साफ किया गया और उसे टांके लगाए गए।

यह घटना मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित मेपल्स हाइट्स की है, जहां फाइनेंसर सरदार जसपिंदर सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका ढाई साल का बेटा घर में खेलते-खेलते टेबल से टकरा गया था, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया। परिजन अब डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


Hashtags

#MeerutNews #DoctorNegligence #ChildInjury #FevikwikCase #MedicalNegligence #BreakingNews #UPNews #HealthAlert #ViralNewsHindi #ShockingIncident #HospitalNegligence #ChildSafety #TrendingNews

“Generating Alertness for Domestic Workers & Household Safety”

 


By Advocate Neha Tandon

“An Eye-Opening Awareness and Red-Alert Article for Your Safety & Protection”

घर या प्रतिष्ठान में घरेलू सहायक, गार्ड या अन्य स्टाफ रखना आज एक सामान्य आवश्यकता है। सुविधाओं, सुरक्षा और समय प्रबंधन के लिए घरेलू कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। लेकिन जागरूकता और सावधानी के अभाव में कई बार सुरक्षा जोखिम भी उत्पन्न हो जाते हैं। इसी संदर्भ में यह लेख नागरिकों को सतर्कता और आवश्यक कानूनी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है।

सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि घरेलू कर्मी हमारे दैनिक कार्यों में सहायता करते हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति को घर में कार्य पर रखते समय वैधानिक प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों का पालन करना आवश्यक है। लापरवाही के कारण चोरी, धोखाधड़ी, हिंसा या अन्य अपराधों की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है—इसलिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सभी घरेलू सहायक किसी भी प्रकार के जोखिम का कारण नहीं होते; बड़ी संख्या में लोग ईमानदारी से अपना कार्य करते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ऐसे भी उदाहरण सामने आए हैं, जहाँ उचित सत्यापन न होने पर अपराध घटित हुए हैं। इसलिए इस लेख का उद्देश्य किसी भी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति के प्रति भेदभाव उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि केवल समाज में कानूनी सतर्कता का संदेश देना है।

घरेलू कर्मचारियों को नियुक्त करते समय अहम सावधानियाँ

  1. पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराएँ।

  2. आधार, निवास प्रमाण और दो संदर्भ अवश्य लें।

  3. स्पष्ट कार्य-नियम और समय निर्धारित करें।

  4. सीसीटीवी इंस्टॉलेशन और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।

  5. महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखें।

  6. घरेलू कर्मियों के साथ गरिमा-पूर्ण व्यवहार करें, ताकि कार्य संबंध बेहतर और सुरक्षित बने रहें।

अंत में, किसी भी घटना या संदेह की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस एवं कानूनी प्राधिकरण को सूचित करें। सुरक्षा जागरूकता न केवल आपके लिए, बल्कि आपके परिवार, बच्चों और सम्पत्ति की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।

पेटीएम शेयरों में करारी गिरावट: ₹1722 करोड़ की ब्लॉक डील के बाद 2% फिसला भाव, आठ महीने में दूना होने के बाद बड़ा झटका

 


पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) के शेयरों में मंगलवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। यह गिरावट उस ₹1722 करोड़ की बड़ी ब्लॉक डील के बाद आई, जिसने शेयर बाजार में अचानक दबाव बढ़ा दिया। कंपनी के शेयर पिछले करीब आठ महीनों में दोगुने हो चुके थे और महज आठ दिन पहले ही यह एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।

लेकिन आज की ब्लॉक डील ने निवेशकों की धारणा बदल दी और बाजार खुलते ही शेयर लाल निशान में फिसल गया।

 

किसने बेचे शेयर और किस कीमत पर?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती कारोबार में पेटीएम के करीब ₹1722 करोड़ के शेयरों की अदला-बदली हुई। इस भारी भरकम डील ने निवेशकों में घबराहट पैदा कर दी और बड़े पैमाने पर शेयर बेचने की होड़ मच गई। निचले स्तर पर कुछ खरीदारी जरूर देखने को मिली, लेकिन दबाव इतना ज्‍यादा था कि शेयर संभल नहीं पाया।

 

शेयर प्राइस में कितनी गिरावट?

  • बीएसई पर पेटीएम का शेयर 2.17% टूटकर ₹1304.65 पर ट्रेड कर रहा है।
  • इंट्रा-डे में यह ₹1299.60 तक फिसल गया, जो 2.55% की तेज गिरावट है।
  • कंपनी का शेयर अब भी अपने पुराने आईपीओ प्राइस ₹2150 को छू नहीं पाया है, जो नवंबर 2021 में जारी किया गया था।

 

पृष्ठभूमि: ऊंचाई के बाद झटका

पिछले आठ महीनों में पेटीएम ने दमदार रिटर्न दिया था। कई निवेशकों ने इस दौरान अच्छा लाभ कमाया, लेकिन अचानक आई इस ब्लॉक डील ने बाज़ार की धारणा पलट दी। फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में शेयर स्थिर होता है या गिरावट जारी रहती है।

#PaytmShare #PaytmBlockDeal #StockMarketNews #PaytmCrash #ShareMarketUpdate #One97Communications #FintechNews #MarketLive #StockMarketIndia #BusinessNewsHindi #PaytmStock #ShareBazaar #BreakingBusinessNews #StockMarketToday #PaytmUpdate #Nifty50 #SensexUpdate #MarketAlert #PaytmLatestNews #PaytmInvestors

 

 

दिल्ली धमाके से पहले बनाया था वीडियो, ड्रोन से हमला करने की भी साजिश

 


अदालत ने भेजा 10 दिन की एनआईए कस्टडी में

दिल्ली धमाका केस में गिरफ्तार आतंकी डॉ. उमर ने जांच एजेंसियों को चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ में उसने कहा कि उसका “सुसाइड बॉम्बिंग कर शहीद होने का मिशन” था। उमर ने धमाके से कुछ घंटे पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने खुद को मिशन के लिए तैयार बताया।

जांच में सामने आया कि उमर और उसकी टीम राजधानी में ड्रोन के जरिए बड़ा हमला करने की तैयारी में थे। इसके लिए मॉडिफाइड ड्रोन, लोकेशन मैप और विस्फोटक जुटाए गए थे।

इस बीच, मामले को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने आरोपी उमर को 10 दिन की एनआईए कस्टडी में भेज दिया, ताकि एजेंसी उससे नेटवर्क, फंडिंग और विदेशी लिंक को लेकर विस्तृत पूछताछ कर सके।

________________________________________

🔻मुख्य बिंदु (Bullet Points)

• आतंकी डॉ. उमर ने स्वीकारा — “मेरा मिशन सुसाइड बॉम्बिंग था।”

• दिल्ली धमाके से पहले वीडियो बनाकर मिशन का खुलासा किया।

• टीम ने ड्रोन के जरिए बड़े विस्फोट की साजिश रची थी।

• मॉडिफाइड ड्रोन और विस्फोटक सामग्री के सबूत मिले।

• एजेंसियां उसके नेटवर्क, सपोर्ट सिस्टम और फंडिंग की जांच कर रही हैं।

• धमाके से ठीक पहले बनाए गए वीडियो से कई नए सुराग मिले।

• अदालत ने आरोपी को 10 दिन की एनआईए कस्टडी में भेजा।

• राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर।

#DelhiBlast #DrOmarTerrorCase #NIACustody #TerrorPlot

#SuicideBombingPlan #DroneAttackConspiracy #BreakingNews

#IndiaSecurity #TerroristArrested #HighAlertDelhi #NationalSecurity #TerrorNews #InvestigationUpdate


All Human Beings Are Born Free and Equal


WORLD HUMAN RIGHTS ORGANIZATION

JOINING/AWARENESS 8178461020

All Human Beings Are Born Free and Equal

Every human being is born free, equal, and deserving of dignity. No one’s worth is determined by their caste, religion, gender, color, language, or economic condition. As humans, we are gifted with reason and conscience, enabling us to understand right from wrong and treat others with empathy.

Sadly, our society still faces discrimination, violence, inequality, and injustice—violations of basic human rights. This makes it necessary for us to protect the dignity of every individual and uphold the spirit of brotherhood and unity.

Never stay silent when you witness injustice against the weak, the poor, or someone with different beliefs.

A peaceful and progressive society can only be built when humanity comes first and every person receives equal respect and opportunity.

Let us change our mindset—do not take away anyone’s rights, do not silence their voice, and treat everyone as equal.

Human rights are not just rights—they are responsibilities.

#HumanRights #Article1 #BornFreeAndEqual #HumanDignity #EqualityForAll #UniversalRights #StandForHumanity #StopDiscrimination #VoiceForJustice #HumanRightsAwareness #FreedomAndEquality #RespectForAll #Brotherhood #PeaceAndUnity #RightToEquality #WorldHumanRights #SocialAwareness #HumanityFirst #SpeakUpForRights #GlobalEquality #UniversalHumanRights #TogetherForChange

हर इंसान इस दुनिया में जन्म से ही स्वतंत्र, समान और सम्मान के योग्य है। किसी भी व्यक्ति का मूल्य उसकी जाति, धर्म, भाषा, रंग, लिंग या आर्थिक स्थिति से तय नहीं होता। मानव होने के नाते हम सभी के पास सोचने, समझने और सही-गलत का निर्णय करने की क्षमता होती है। यही क्षमता हमें एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिशील बनाती है।

आज समाज में भेदभाव, हिंसा, असमानता और अन्याय जैसी समस्याएँ अभी भी मौजूद हैं, जो मानव अधिकारों के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम हर व्यक्ति के सम्मान की रक्षा करें और भाईचारे की भावना से व्यवहार करें।

किसी कमजोर, गरीब, अलग विचारों वाले या अल्पसंख्यक व्यक्ति के साथ गलत होते देख चुप न रहें।

एक बेहतर और सुरक्षित समाज तभी बन सकता है जब हम मानवता को प्राथमिकता दें और हर व्यक्ति को बराबरी का हक दें।

आइए, अपनी सोच बदलें—किसी के हक न छीने, किसी की आवाज़ न दबाएँ और हर इंसान को बराबर मानें।

मानवाधिकार सिर्फ अधिकार नहीं, हमारी जिम्मेदारी भी हैं।

TEAM WHRO/8178461020

ट्रेलर से पहले ‘धुरंधर’ का धमाका: दो पार्ट में रिलीज़ हो सकती है रणवीर सिंह की फिल्म, सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा


रणवीर सिंह की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘धुरंधर’ एक बार फिर सुर्खियों में है। डायरेक्टर आदित्य धर द्वारा निर्देशित यह एक मेगा-स्केल एक्शन-ड्रामा फिल्म है, जिसका इंतज़ार फैंस पिछले दो साल से कर रहे हैं। जबसे फिल्म की आधिकारिक घोषणा हुई है, तब से इसकी कहानी, रिलीज़ प्लान और स्टारकास्ट को लेकर लगातार चर्चाएं बनी हुई हैं। अब नई चर्चा यह है कि ‘धुरंधर’ को मेकर्स दो पार्ट्स में रिलीज़ करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि इस पर अभी तक टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इंडस्ट्री सूत्रों की मानें तो फिल्म का पैमाना इतना बड़ा है कि इसे एक पार्ट में समेटना मुश्किल माना जा रहा है।

फिल्म का ट्रेलर जल्द रिलीज़ होने वाला है और उससे पहले ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। रणवीर सिंह के अलावा फिल्म में कई बड़े कलाकारों के शामिल होने की जानकारी सामने आ चुकी है, जिनमें से कुछ नाम अभी तक गुप्त रखे गए हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म में रणवीर सिंह एक बेहद इन्टेंस और दमदार किरदार निभा रहे हैं, जिसकी तैयारी उन्होंने महीनों तक ट्रेनिंग और वर्कशॉप के ज़रिए की है।
फिल्म के एक्शन सीक्वेंसेज़, वीएफएक्स और बड़े पैमाने पर सेट डिज़ाइन को लेकर भी चर्चा है। कहा जा रहा है कि ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा में एक नए विजुअल स्टाइल और बड़े कैनवास का उदाहरण पेश करेगी।
फिल्म की शूटिंग पिछले साल पूरी हो चुकी है और अब पोस्ट-प्रोडक्शन का अंतिम चरण चल रहा है। मेकर्स जल्द ही रिलीज़ डेट घोषित कर सकते हैं। फैंस को फिलहाल बस ट्रेलर का इंतज़ार है, जिसने रिलीज़ से पहले ही फिल्म को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। ‘धुरंधर’ आदित्य धर और रणवीर सिंह के करियर की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। #DhuranDhar #RanveerSingh #AdityaDhar #DhuranDharTrailer #DhuranDharMovie #BollywoodNews #BollywoodUpdate #UpcomingMovie #RanveerSinghFans #BigRelease #ActionDrama #IndianCinema #FilmBuzz #TwoPartFilm #MovieUpdates #CinemaNews #EntertainmentNews #TrendingNow #BollywoodTrending #NewRelease2025

सरकार की नीतियों से गरीब मरीज हो रहे परेशान: कुमारी सैलजा


चंडीगढ़,विशाखा पाल छजलाना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए कहा है कि सरकार की उपेक्षा और अव्यवस्थित प्रणाली के कारण गरीब वर्ग विशेष रूप से ग्रीन कार्ड धारक तथा आयुष्मान भारत योजना से जुड़े मरीज भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण आमजन को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जबकि उन्हें नि:शुल्क और सहज स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए थीं। सरकारी अस्पतालों में कही आर्थोपेडिक सर्जन नहीं है तो कहीं पर बवासीर, हर्निया और अपेंडिक्स के ऑपरेशन की सुविधा तक नहीं है।

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार ने खर्च घटाने और नीतिगत सुधार के नाम पर जो कदम उठाए हैं, वे वास्तव में गरीब और मध्यम वर्ग की पीड़ा बढ़ाने वाले साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा सहित राज्य के अधिकांश जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, अनेक विभागों में तकनीशियन नहीं हैं, और आवश्यक उपकरण या तो अनुपलब्ध हैं या खराब अवस्था में पड़े हैं। स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती हैं, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे पूरी तरह उपेक्षित कर दिया है। गरीब मरीज अपने अधिकार के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।

सांसद ने कहा कि आयुष्मान योजना का मूल उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क उपचार प्रदान करना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह योजना अपने मकसद से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि कई अस्पताल इस योजना के तहत मरीजों का इलाज करने से कतराते हैं, जबकि सरकार की ओर से उनके बकाया भुगतान का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया।

सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि सभी सिविल अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आवश्यक मशीनों की उपलब्धता, और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक तुरंत सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिला अस्पतालों में एक अलग ग्रीन हेल्प डेस्क बनाई जाए, जहां आयुष्मान और ग्रीन कार्ड धारक मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर पर्ची, परामर्श और उपचार की सुविधा दी जा सके। कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़कों तक उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि जनहित के लिए लड़ी जाएगी। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है और गरीबों को उनका हक दिलाकर रहेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर गरीब मरीजों से हो रहा है मजाक

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ 30 लाख गरीब लोग आयुष्मान और चिरायु योजना के दायरे में आते हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार ने अनेक रोगों के उपचार को प्राइवेट अस्पतालों की सूची से हटाते हुए कहा है कि इन रोगों का उपचार और ऑपरेशन की सुविधा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकार को सबसे पहले सरकारी अस्पताल में सभी प्रबंध करने के बाद ही प्राइवेट अस्पतालों की सूची से रोगों को हटाना चाहिए था पर एक ओर सूची से रोगों का उपचार और ऑपरेशन बंद कर दिए तो दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में सुविधा नहीं है। कूल्हे और घुटने बदलने की सुविधा बहुत कम अस्पतालों में है, कहा आर्थोपेडिक सर्जन है को ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं है, इतना ही नहीं अनेक सरकार अस्पताल तो ऐसे है जहां पर बवासीर, हर्निया और अपेंडिक्स के ऑपरेशन तक की सुविधा नहीं है।