हिना खान को अब क्या हुआ? कैंसर से उबरने के बाद सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी से बढ़ी परेशानी


 टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री हिना खान, जो हाल ही में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग लड़ चुकी हैं, एक बार फिर स्वास्थ्य कारणों से चर्चा में हैं। हिना ने हाल ही में सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी मौजूदा परेशानी फैंस के साथ साझा की है, जिससे उनके चाहने वाले चिंतित हो गए हैं।

हिना खान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में बताया कि मुंबई की खराब हवा (AQI) के चलते उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि उन्हें लगातार खांसी हो रही है और सामान्य रूप से सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने इशारों में बताया कि कैंसर से उबरने के बाद उनका शरीर अभी भी संवेदनशील है और प्रदूषित हवा उनकी सेहत पर सीधा असर डाल रही है। हिना ने यह भी जताया कि यह स्थिति मानसिक और शारीरिक रूप से काफी थका देने वाली है।

हिना खान के इस खुलासे के बाद फैंस सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। साथ ही, यह मामला एक बार फिर मुंबई की खराब एयर क्वालिटी और उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल खड़े करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से गुजर चुके हों।

हिना खान का यह पोस्ट न सिर्फ उनकी निजी परेशानी को सामने लाता है, बल्कि शहरों में बढ़ते प्रदूषण की गंभीरता को भी उजागर करता है।

क्या ट्रंप किसी भी देश के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करवा सकते हैं? जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति की असली शक्तियां और सीमाएं


 Nicolas Maduro Arrest केस के बाद यह सवाल पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है कि क्या अमेरिका का राष्ट्रपति, चाहे वह डोनाल्ड ट्रंप हों या कोई और, किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को सीधे गिरफ्तार करवा सकता है?

इसका सीधा जवाब है—नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति अकेले यह फैसला नहीं कर सकता।


अमेरिका का राष्ट्रपति दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में जरूर गिना जाता है, लेकिन वह भी अमेरिकी संविधान और कानून के दायरे में ही काम करता है। वह न तो खुद किसी को गिरफ्तार करने का आदेश दे सकता है और न ही अदालतों के फैसलों को नजरअंदाज कर सकता है।

🔹 फिर किसी विदेशी राष्ट्रपति की गिरफ्तारी कैसे होती है?

किसी विदेशी राष्ट्रपति की गिरफ्तारी राजनीतिक नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है। इसके लिए:

  • अमेरिकी फेडरल कोर्ट में आरोप तय होने चाहिए

  • अभियोग (Indictment) जारी होना जरूरी है

  • गिरफ्तारी वारंट जज द्वारा जारी किया जाता है

  • जांच एजेंसियां (जैसे DEA या FBI) सबूत पेश करती हैं

राष्ट्रपति केवल नीतिगत समर्थन या कूटनीतिक अनुमति दे सकता है, लेकिन आदेश अदालत से ही आता है।

🔹 फिर मादुरो की गिरफ्तारी में अमेरिका की भूमिका क्या?

निकोलेस मादुरो पर अमेरिका में पहले से ही ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म के आरोप दर्ज थे। अमेरिकी न्याय प्रणाली ने उन्हें आरोपी माना और अदालत की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हुई। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति की भूमिका प्रत्यक्ष नहीं, अप्रत्यक्ष मानी जाती है।

🔹 क्या अंतरराष्ट्रीय कानून इसकी इजाजत देता है?

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी मौजूदा राष्ट्रपति को आमतौर पर राजनयिक प्रतिरक्षा (Diplomatic Immunity) प्राप्त होती है। लेकिन अगर:

  • कोई देश उसे वैध राष्ट्रपति न माने

  • या वह सत्ता से हट चुका हो

  • या उस पर अंतरराष्ट्रीय अपराध लगे हों

तो गिरफ्तारी की कानूनी गुंजाइश बन सकती है।


अमेरिकी राष्ट्रपति चाहे जितना ताकतवर क्यों न हो, वह:

  • किसी विदेशी राष्ट्रपति को मनमाने ढंग से गिरफ्तार नहीं करवा सकता

  • अदालत, कानून और अंतरराष्ट्रीय नियमों से बंधा होता है

मादुरो का मामला कानूनी प्रक्रिया बनाम राजनीतिक वैधता की जटिल लड़ाई का उदाहरण है।

‘मेरी जन्मभूमि मौत की घाटी बन गई है’, फेसबुक पर लिखा दर्द; 17 दिन बाद बांग्लादेश में हिंदू मणि चक्रवर्ती की हत्याf


 बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे हमलों ने एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। हालिया घटनाओं ने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नरसिंदी जिले में किराना व्यवसायी मणि चक्रवर्ती की हत्या ने इस भयावह स्थिति को और उजागर कर दिया है।

मणि चक्रवर्ती चारसिंदुर बाजार में अपनी छोटी सी किराने की दुकान चलाते थे। सोमवार रात अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला किया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में या इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस हत्या ने इसलिए भी सभी को झकझोर दिया, क्योंकि मणि चक्रवर्ती ने अपनी मौत से 17 दिन पहले फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखी थी। 19 दिसंबर को किए गए उस पोस्ट में उन्होंने देश में फैलती हिंसा और असुरक्षा पर गहरी चिंता जाहिर की थी।

उन्होंने लिखा था—
“हर तरफ आग लगी है, हिंसा का माहौल है। मेरी जन्मभूमि आज मौत की घाटी बन गई है।”

यह पोस्ट आज बांग्लादेश में हिंदुओं के बीच व्याप्त डर, असुरक्षा और अनहोनी की आशंका का प्रतीक बन गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार मणि चक्रवर्ती शांत, मिलनसार और मेहनती व्यक्ति थे, जिनका किसी से कोई विवाद नहीं था।

बीते कुछ महीनों में हिंदू समुदाय के लोगों पर लगातार हमले और हत्याएं सामने आई हैं। केवल पिछले 24 घंटों में ही दो हिंदुओं की जान जाने की खबरें आई हैं, जिसने देश में सामाजिक तनाव और धार्मिक हिंसा की गंभीर तस्वीर पेश कर दी है।

मणि चक्रवर्ती की हत्या केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के भय और पीड़ा की एक दर्दनाक गवाही बन गई है।

मैं आज भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति हूं’, अमेरिकी कोर्ट में जज के सामने गरजे मादुरो, किडनैप का लगाया आरोप

अमेरिकी अदालत में पेश हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार को सुनवाई के दौरान खुद को निर्दोष बताते हुए बड़ा दावा किया। न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित अमेरिकी फेडरल कोर्ट में पहली पेशी के दौरान मादुरो ने जज के सामने कहा कि वह आज भी वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति हैं और उन्हें जबरन किडनैप कर अमेरिका लाया गया है।

ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे निकोलस मादुरो ने अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज एल्विन हेलरस्टीन के समक्ष स्पष्ट शब्दों में कहा,
“मुझे वेनेजुएला से जबरदस्ती उठाया गया है। यह एक किडनैपिंग है।”

कोर्टरूम में मौजूद पत्रकारों के अनुसार, मादुरो पूरी सुनवाई के दौरान आक्रामक और आत्मविश्वासी नजर आए। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को बेगुनाह बताया।

इस दौरान मादुरो के वकील ने अदालत को बताया कि फिलहाल वे जमानत की कोई मांग नहीं कर रहे हैं। सुनवाई के समय निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस जेल की वर्दी और बेड़ियों में अदालत में पेश हुए। दोनों ने नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी से जुड़े सभी चार आरोपों को नकार दिया।

अमेरिकी अदालत में मादुरो की यह पेशी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा करती दिख रही है, जहां वे अपनी वैधता और गिरफ्तारी के तरीके को लेकर खुलकर सवाल उठा रहे हैं। 

अग्निवीरों के लिए नया नियम: स्थायी सैनिक बनने से पहले शादी पर रोक, सेना ने जारी की गाइडलाइन


भारतीय सेना ने अग्निवीर योजना के तहत भर्ती युवाओं के स्थायीकरण (परमानेंट नियुक्ति) को लेकर एक नया और सख्त नियम लागू किया है। सेना द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि कोई अग्निवीर स्थायी नियुक्ति से पहले विवाह करता है, तो उसे चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।

सेना का कहना है कि यह निर्णय अनुशासन, प्रशिक्षण की निरंतरता और सेवा की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अग्निवीरों को चार साल की सेवा अवधि के दौरान पूरी तरह प्रशिक्षण और सैन्य जिम्मेदारियों पर केंद्रित रहना होगा। स्थायी नियुक्ति के लिए चुने जाने वाले अग्निवीरों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस अवधि में किसी भी प्रकार की पारिवारिक जिम्मेदारी से मुक्त रहें।

नई गाइडलाइन के तहत, केवल वे ही अग्निवीर स्थायी सैनिक बनने के पात्र होंगे, जिन्होंने सेवा काल के दौरान विवाह नहीं किया हो। नियम का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार को स्थायी चयन से स्वतः अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

सेना अधिकारियों के मुताबिक, यह नियम पहले से मौजूद सैन्य परंपराओं और सेवा शर्तों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य एक अनुशासित, पूर्णतः समर्पित और ऑपरेशनल रूप से तैयार बल तैयार करना है।

अगले 120 घंटे ‘कोल्ड टॉर्चर’ के, 10 की रफ्तार पर गाड़ी चलाना भी होगा मुश्किल


Aaj Ka Mausam | Cold Wave Alert

उत्तर भारत इस वक्त भीषण कोल्ड टॉर्चर की चपेट में है। बर्फीली हवाओं, गिरते तापमान और घने कोहरे ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। कश्मीर से लेकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक ठंड का कहर जारी है। श्रीनगर में तापमान -3.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 120 घंटे यानी 5 दिन उत्तर भारत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भीषण शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर और यूपी में घने कोहरे की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

10 की स्पीड पर भी मुश्किल होगी ड्राइविंग

मौसम विभाग के मुताबिक सुबह के समय दृश्यता शून्य के करीब पहुंच सकती है। हालात ऐसे बन सकते हैं कि 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी वाहन चलाना मुश्किल हो जाए। कोहरे के कारण हाईवे, एक्सप्रेसवे और शहरों की सड़कों पर हादसों का खतरा बढ़ गया है।

बुजुर्गों और बच्चों के लिए एडवाइजरी

प्रशासन ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है। रात और सुबह के समय अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है। हीटर या अलाव का उपयोग करते समय उचित वेंटिलेशन रखने की चेतावनी भी जारी की गई है।

ट्रेन-फ्लाइट पर असर संभव

अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।

मौसम विभाग का साफ कहना है—

असली परीक्षा अभी शुरू हुई है और आने वाले दिन उत्तर भारत के लिए बेहद कठिन रहने वाले हैं। 

तय हुई तारीख! दूसरी बार घोड़ी चढ़ने को तैयार शिखर धवन, जानिए कौन हैं होने वाली दुल्हनिया


 भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर और ‘गब्बर’ के नाम से मशहूर शिखर धवन एक बार फिर अपनी निजी ज़िंदगी की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। शिखर धवन दूसरी बार शादी के बंधन में बंधने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वह अपनी गर्लफ्रेंड सोफी शाइन के साथ सात फेरे लेने जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भव्य शादी समारोह फरवरी 2026 के तीसरे हफ्ते में आयोजित किया जाएगा। शादी का आयोजन दिल्ली-एनसीआर में होगा, जिसमें क्रिकेट और बॉलीवुड जगत की कई नामचीन हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।

कौन हैं सोफी शाइन?

सोफी शाइन आयरलैंड की रहने वाली हैं। वह काफी समय से शिखर धवन के साथ रिलेशनशिप में हैं। दोनों पहली बार ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान दुबई में एक मैच के दौरान साथ नजर आए थे। इसके बाद दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया।

नई शुरुआत की ओर धवन

यह शिखर धवन की दूसरी शादी होगी। इससे पहले उनकी शादी आयशा मुखर्जी से हुई थी, लेकिन बाद में दोनों का तलाक हो गया। अब धवन अपने जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं।

HT सिटी से बातचीत में एक करीबी सूत्र ने बताया,

“यह दोनों के जीवन की नई शुरुआत है। वे इस खास पल को शांति, खुशी और आभार के साथ मनाना चाहते हैं।”

क्रिकेट के मैदान पर अपने दमदार शॉट्स से दिल जीतने वाले शिखर धवन अब अपनी निजी ज़िंदगी में भी खुशियों की एक नई पारी खेलने को तैयार हैं।