‘मेरी जन्मभूमि मौत की घाटी बन गई है’, फेसबुक पर लिखा दर्द; 17 दिन बाद बांग्लादेश में हिंदू मणि चक्रवर्ती की हत्याf


 बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे हमलों ने एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। हालिया घटनाओं ने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नरसिंदी जिले में किराना व्यवसायी मणि चक्रवर्ती की हत्या ने इस भयावह स्थिति को और उजागर कर दिया है।

मणि चक्रवर्ती चारसिंदुर बाजार में अपनी छोटी सी किराने की दुकान चलाते थे। सोमवार रात अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला किया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में या इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस हत्या ने इसलिए भी सभी को झकझोर दिया, क्योंकि मणि चक्रवर्ती ने अपनी मौत से 17 दिन पहले फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखी थी। 19 दिसंबर को किए गए उस पोस्ट में उन्होंने देश में फैलती हिंसा और असुरक्षा पर गहरी चिंता जाहिर की थी।

उन्होंने लिखा था—
“हर तरफ आग लगी है, हिंसा का माहौल है। मेरी जन्मभूमि आज मौत की घाटी बन गई है।”

यह पोस्ट आज बांग्लादेश में हिंदुओं के बीच व्याप्त डर, असुरक्षा और अनहोनी की आशंका का प्रतीक बन गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार मणि चक्रवर्ती शांत, मिलनसार और मेहनती व्यक्ति थे, जिनका किसी से कोई विवाद नहीं था।

बीते कुछ महीनों में हिंदू समुदाय के लोगों पर लगातार हमले और हत्याएं सामने आई हैं। केवल पिछले 24 घंटों में ही दो हिंदुओं की जान जाने की खबरें आई हैं, जिसने देश में सामाजिक तनाव और धार्मिक हिंसा की गंभीर तस्वीर पेश कर दी है।

मणि चक्रवर्ती की हत्या केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के भय और पीड़ा की एक दर्दनाक गवाही बन गई है।

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