बिजली बिल में मनमानी चार्जिंग? सैलजा ने उठाए बड़े सवाल

 


चंडीगढ़  सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बिजली बिलों के माध्यम से आम जनता पर डाले जा रहे आर्थिक बोझ पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता को अब फ्यूल सरचार्ज, फिक्स चार्ज और अन्य अतिरिक्त शुल्कों के जरिए और अधिक परेशान किया जा रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल के दिनों में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में फ्यूल सरचार्ज, फिक्स चार्ज तथा इलेक्ट्रिसिटी चार्ज जैसे विभिन्न मदों के नाम पर अतिरिक्त राशि जोड़ी जा रही है, जिससे आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से यह शिकायतें सामने आ रही हैं कि उनके बिजली बिलों में म्युनिसिपल टैक्स तक जोडक़र भेजा जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है और प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। इससे स्पष्ट है कि उपभोक्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है।

कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर विश्वास करते हुए अपनी छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए हैं, उन्हें भी फिक्स चार्ज एवं फ्यूल चार्ज के नाम पर भारी भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल गलत है बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की नीति के भी विपरीत है। उन्होंने हरियाणा सरकार से मांग की कि बिजली बिलों में लगाए जा रहे सभी अतिरिक्त शुल्कों की तुरंत समीक्षा की जाए। ग्रामीण उपभोक्ताओं के बिलों में गलत तरीके से जोड़े गए टैक्स को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए तथा सोलर उपभोक्ताओं के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीति लागू की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी तंत्र सुनिश्चित किया जाए।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि महंगाई के इस दौर में जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना जनविरोधी कदम है और कांग्रेस पार्टी सदैव आम जनता के हितों की आवाज़ उठाती रही है तथा आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी।

यमुना निरीक्षण या नेताओं की ऐश? ₹6.2 करोड़ पर बवाल


नई दिल्ली,  - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि यमुना की सफाई तो हुई नहीं और यमुना की निगरानी के लिए दो लक्जरी बोट्स 6.2 करोड़ रुपये में खरीदना दिल्ली के करदाताओं के खून पसीने की कमाई को बर्बाद किया जा रहा है जबकि पहले से ही दिल्ली का सिंचाई विभाग मौजूद नौकाओं से भी पहले यमुना के निरीक्षण का काम करता रहा है। सिर्फ मुख्य मौकों पर मुख्यमंत्री या मंत्रियों अथवा वीआईपी के यमुना निरीक्षण के लिए करोड़ों की दो लक्जरी बोट्स खरीदना सिर्फ सुर्खियों में बने रहने की कवायद हैक्योंकि दिल्ली के गरीबों को इससे कुछ मिलने वाला नही है। वर्षों से यमुना के प्रदूषित और जहरीले को स्वच्छ बनाने में मौजूदा सरकार पिछले एक वर्ष से और पिछले केजरीवाल सरकार ने 10 वर्षों में दिल्ली वालां को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हुई है।


श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार यमुना के पानी को स्वच्छ बनाने की प्राथमिकता को नजरअंदाज करके यमुना के वीआईपी निरीक्षण के लिए एसी बोट्स खरीदने और सोनिया विहार और जगतपुर के बीच क्रूज सेवा के लिए 40 सीटों वाला जहाज खरीदकर लोगां को मूल सुविधाएं देने की बजाय लोगों के यमुना में मनोरंजक परिभ्रमण के लिए क्रूज सेवा शुरु करने की बात करके लोगों को भ्रमित करने का काम रही है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बदहाल दिल्ली में हर दिन हो रहे हादसों को रोकनेजलभरावगड्डों में गिरने से मौतयमुना का दूषित जलप्रदूषण नियंत्रण पर काम करने की जगह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार हर खबर को इवेंट बनाकर ऐसे पेश करती हैजैसे कल ही योजना लागू हो जाएगी।


श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार ने पिछले बजट में यमुना सफाई के लिए 500 करोड़ और वर्ष 2026-27 के लिए भी 500 करोड़ रुपये यमुना सफाई के लिए आवंटित करने के बावजूद यमुना एक गंदा नाला बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यमुना सफाई व अन्य मदों में भाजपा सरकार द्वारा 48 प्रतिशत बजट इस्तेमाल न कर पानामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्रीमंडल के मंत्रियों सहित प्रशासनिक सुस्त कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के गरीबों को खाना बनाने की गैस के सिलेंडर उपलब्ध ना होने के कारण उनको दो वक्त का खाना नहीं मिल रहा है जबकि दिल्ली सरकार यमुना में सैर सपाटे के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके वातानुकूलित बोट खरीद रही हैउन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही रेखा गुप्ता ने सबसे पहले यमुना की सफाई की घोषणा की थी। भाजपा की दिल्ली सरकार मैलीप्रदूषित यमुना में 20 फरवरी, 2026 से क्रूज चलाने में नाकाम साबित हुई। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार नालों का सीवर का पानी सीधा यमुना में गिरने वाले से रोकने की बजाय प्रदूषित यमुना में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्रूज चलाना चाहती है।

 

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले एक वर्ष में रेखा सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया एक भी वादा पूरा नही किया है और पिछले वर्ष में जितनी भी योजनाओं की घोषणा की उन पर काम भी शुरु नही कर पाई है। उन्हांने कहा कि यमुना की गहराई समुन्द्र की गहराई से कम हैजबकि यमुना निरीक्षण के लिए वीआईपी के लिए चलाई जाने वाली बोट्स का पूर्ण भार 12 टन का विस्थापन होगा। क्या यमुना के कम और गंदे भारी पानी में यह बोट्स अपनी क्षमता से चल पाऐंगे। उन्हांने कहा कि सरकार अगर वास्तव में यमुना को पर्यटकां के लिए उपलब्ध करना चाहती है तो सबसे पहले यमुना में गिरने वाले औद्योगिक अनुपारित अपशिष्टों और दिल्ली के नालों को सीधा यमुना में गिरने से रोकने पर काम करना होगा। अगर रेखा गुप्ता सरकार प्रदूषित और नाला बन चुकी यमुना की सफाई पर ध्यान नही देगी तो कई वर्षों तक लोगों का पैसा बेकार बर्बाद होता रहेगा। 

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ऑनलाइन ठगी पर Meta का बड़ा कदम! फेसबुक-व्हाट्सऐप पर नए स्कैम अलर्ट टूल लॉन्च


 ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच टेक कंपनी Meta ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 11 मार्च 2026 को अपने लोकप्रिय प्लेटफॉर्म FacebookWhatsApp और Facebook Messenger पर नए एंटी-स्कैम डिटेक्शन टूल्स लॉन्च किए हैं। इनका उद्देश्य यूजर्स को फेक जॉब ऑफर, फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए पैसे मांगने या संदिग्ध लिंक भेजकर किए जाने वाले ऑनलाइन स्कैम से पहले ही सावधान करना है।

कंपनी के अनुसार आजकल स्कैमर्स सीधे धोखाधड़ी नहीं करते, बल्कि पहले लोगों से बातचीत कर भरोसा बनाते हैं और फिर उन्हें ठगते हैं। इसी पैटर्न को पहचानने के लिए नए टूल्स को डिजाइन किया गया है, जो संदिग्ध गतिविधियों पर पहले ही अलर्ट देकर यूजर्स को सचेत करेंगे।

फेसबुक पर अब अगर किसी संदिग्ध अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है—जैसे बहुत कम म्यूचुअल फ्रेंड्स हों या लोकेशन किसी दूसरे देश की दिख रही हो—तो यूजर्स को स्क्रीन पर चेतावनी दिखाई देगी। इससे उन्हें यह फैसला लेने का मौका मिलेगा कि रिक्वेस्ट स्वीकार करनी है या ब्लॉक कर देना है।

इसी तरह मैसेंजर और व्हाट्सऐप पर भी ऐसे फीचर्स जोड़े जा रहे हैं, जो संदिग्ध मैसेज, लिंक या पैसे मांगने वाले संदेशों के बारे में पहले ही चेतावनी देंगे।

कंपनी का कहना है कि यह नया सिस्टम मार्च 2026 से चरणबद्ध तरीके से कई देशों में रोलआउट किया जाएगा। इससे फेक प्रोफाइल और ऑनलाइन ठगी के मामलों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

लाइव शो में गैस संकट पर भिड़ंत! कमेंट्स पढ़ रहे नेता को रुबिका लियाकत ने दिया करारा जवाब


 News18 India के चर्चित डिबेट शो ‘गूंज’ में उस समय माहौल गरमा गया जब विपक्षी नेता Faraz Malik ने ‘गैस की कमी’ के मुद्दे पर शो के यूट्यूब लाइव कमेंट्स पढ़ने शुरू कर दिए। उन्होंने कुछ दर्शकों के कमेंट्स का हवाला देते हुए दावा किया कि कई इलाकों में लोगों को कई दिनों से गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है और सरकार सिर्फ ‘हाफ ग्लास फुल’ वाली तस्वीर पेश कर रही है।

इस पर शो की एंकर Rubika Liyaquat ने तुरंत जवाब देते हुए मोर्चा संभाला। रुबिका ने भी लाइव कमेंट्स पढ़ना शुरू किया और उन दर्शकों के नाम गिनाए जिन्होंने लिखा था कि उन्हें समय पर गैस मिल रही है और कहीं लंबी लाइनें नहीं लग रही हैं।

रुबिका ने सख्त लहजे में कहा कि उन्होंने भी उन कमेंट्स को पढ़ा है जिनमें लोगों ने परेशानी बताई है, लेकिन विपक्ष केवल नकारात्मक टिप्पणियों को चुनकर दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी तस्वीर सामने रखना जरूरी है, न कि सिर्फ एक पक्ष को उजागर करना।

डिबेट के दौरान जब फराज मलिक ने एंकर पर कटाक्ष किया तो रुबिका लियाकत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पर्सनल अटैक रुबिका लियाकत नहीं झेलती।” इसके बाद उन्होंने विपक्षी नेता को टोकते हुए कहा कि चर्चा को मुनाफाखोरी, गैस की सप्लाई चेन और वितरण व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रित रखना चाहिए, न कि गैर-जरूरी बातों में समय गंवाना चाहिए।

इस तीखी बहस के बाद शो का माहौल और भी गर्म हो गया और सोशल मीडिया पर भी इस डिबेट की खूब चर्चा होने लगी।

विपक्ष की एकजुटता! नोटिस पर ‘INDIA’ गठबंधन के सांसदों के साथ AAP का भी समर्थन


 संसद की राजनीति में एक बार फिर विपक्षी एकजुटता की तस्वीर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, एक अहम संसदीय नोटिस पर विपक्षी गठबंधन Indian National Developmental Inclusive Alliance (INDIA) से जुड़े लगभग सभी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस कदम को संसद में सरकार को घेरने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, इस नोटिस पर Aam Aadmi Party के सांसदों ने भी अपने हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि आम आदमी पार्टी अब आधिकारिक रूप से ‘INDIA’ गठबंधन का हिस्सा नहीं मानी जाती, लेकिन इस मुद्दे पर उसने विपक्ष के साथ खड़े होने का संकेत दिया है।

सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दल संसद के भीतर कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। इसी रणनीति के तहत अलग-अलग दलों के सांसदों ने एकजुट होकर इस नोटिस का समर्थन किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आने वाले समय में संसद के भीतर विपक्ष की संयुक्त रणनीति का संकेत भी हो सकता है।

विपक्षी दलों के इस कदम से साफ है कि कई मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद वे संसद में सरकार के खिलाफ साझा रुख अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इस नोटिस को लेकर संसद में क्या राजनीतिक हलचल होती है और सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

एक सूत्र के अनुसार, इस नोटिस पर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के सभी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।


 एक सूत्र के अनुसार, इस नोटिस पर विपक्षी गठबंधन Indian National Developmental Inclusive Alliance (INDIA) के लगभग सभी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा Aam Aadmi Party के सांसदों ने भी इस नोटिस का समर्थन करते हुए उस पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, पार्टी अब आधिकारिक तौर पर इस गठबंधन का हिस्सा नहीं मानी जाती।

सूत्रों का कहना है कि विपक्ष इस कदम के जरिए संसद में सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। अलग-अलग विपक्षी दलों के सांसदों द्वारा एकजुट होकर हस्ताक्षर करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कई मुद्दों पर सरकार के खिलाफ संयुक्त रूप से आवाज उठाने की तैयारी की जा रही है।