नई दिल्ली, - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि यमुना की सफाई तो हुई नहीं और यमुना की निगरानी के लिए दो लक्जरी बोट्स 6.2 करोड़ रुपये में खरीदना दिल्ली के करदाताओं के खून पसीने की कमाई को बर्बाद किया जा रहा है जबकि पहले से ही दिल्ली का सिंचाई विभाग मौजूद नौकाओं से भी पहले यमुना के निरीक्षण का काम करता रहा है। सिर्फ मुख्य मौकों पर मुख्यमंत्री या मंत्रियों अथवा वीआईपी के यमुना निरीक्षण के लिए करोड़ों की दो लक्जरी बोट्स खरीदना सिर्फ सुर्खियों में बने रहने की कवायद है, क्योंकि दिल्ली के गरीबों को इससे कुछ मिलने वाला नही है। वर्षों से यमुना के प्रदूषित और जहरीले को स्वच्छ बनाने में मौजूदा सरकार पिछले एक वर्ष से और पिछले केजरीवाल सरकार ने 10 वर्षों में दिल्ली वालां को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हुई है।
श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार यमुना के पानी को स्वच्छ बनाने की प्राथमिकता को नजरअंदाज करके यमुना के वीआईपी निरीक्षण के लिए एसी बोट्स खरीदने और सोनिया विहार और जगतपुर के बीच क्रूज सेवा के लिए 40 सीटों वाला जहाज खरीदकर लोगां को मूल सुविधाएं देने की बजाय लोगों के यमुना में मनोरंजक परिभ्रमण के लिए क्रूज सेवा शुरु करने की बात करके लोगों को भ्रमित करने का काम रही है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बदहाल दिल्ली में हर दिन हो रहे हादसों को रोकने, जलभराव, गड्डों में गिरने से मौत, यमुना का दूषित जल, प्रदूषण नियंत्रण पर काम करने की जगह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार हर खबर को इवेंट बनाकर ऐसे पेश करती है, जैसे कल ही योजना लागू हो जाएगी।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार ने पिछले बजट में यमुना सफाई के लिए 500 करोड़ और वर्ष 2026-27 के लिए भी 500 करोड़ रुपये यमुना सफाई के लिए आवंटित करने के बावजूद यमुना एक गंदा नाला बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यमुना सफाई व अन्य मदों में भाजपा सरकार द्वारा 48 प्रतिशत बजट इस्तेमाल न कर पाना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्रीमंडल के मंत्रियों सहित प्रशासनिक सुस्त कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के गरीबों को खाना बनाने की गैस के सिलेंडर उपलब्ध ना होने के कारण उनको दो वक्त का खाना नहीं मिल रहा है जबकि दिल्ली सरकार यमुना में सैर सपाटे के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके वातानुकूलित बोट खरीद रही हैउन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही रेखा गुप्ता ने सबसे पहले यमुना की सफाई की घोषणा की थी। भाजपा की दिल्ली सरकार मैली, प्रदूषित यमुना में 20 फरवरी, 2026 से क्रूज चलाने में नाकाम साबित हुई। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार नालों का सीवर का पानी सीधा यमुना में गिरने वाले से रोकने की बजाय प्रदूषित यमुना में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्रूज चलाना चाहती है।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले एक वर्ष में रेखा सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया एक भी वादा पूरा नही किया है और पिछले वर्ष में जितनी भी योजनाओं की घोषणा की उन पर काम भी शुरु नही कर पाई है। उन्हांने कहा कि यमुना की गहराई समुन्द्र की गहराई से कम है, जबकि यमुना निरीक्षण के लिए वीआईपी के लिए चलाई जाने वाली बोट्स का पूर्ण भार 12 टन का विस्थापन होगा। क्या यमुना के कम और गंदे भारी पानी में यह बोट्स अपनी क्षमता से चल पाऐंगे। उन्हांने कहा कि सरकार अगर वास्तव में यमुना को पर्यटकां के लिए उपलब्ध करना चाहती है तो सबसे पहले यमुना में गिरने वाले औद्योगिक अनुपारित अपशिष्टों और दिल्ली के नालों को सीधा यमुना में गिरने से रोकने पर काम करना होगा। अगर रेखा गुप्ता सरकार प्रदूषित और नाला बन चुकी यमुना की सफाई पर ध्यान नही देगी तो कई वर्षों तक लोगों का पैसा बेकार बर्बाद होता रहेगा।
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