आज की दिल्ली, तन्मय मुखोपाध्याय। योगराज शर्मा।
पतित पावनी मां गंगा की निर्मलता को लेकर पूरा देश चिंतित था, गंगा मे गंदली फैलाना, जैसे विषयो को लेकर हमारी केंद्र सरकार से लेकर आम जन तक चिंतित रहते थे। नमामि गंगे प्रोजेक्ट चलाकर हजारों करोड रुपये खर्च भी किए गऐ और आगे भी योजना है। लेकिन इस करोना लोकडाउन के फैसले ने वो कर दिखाया जिसे हमारी सरकार और प्रशासन तक नहीं कर पाए थे। गंगा के हरिद्वार से इस नजारे को देखकर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि इस समय मां गंगा कितनी साफ सवच्छ और निर्मल होकर बह रही हैं।
मां गंगा का ये रुप बिना भीड भाड के देखना एक दुर्गम दृश्य जैसा है। जिसे आज की दिल्ली के वरिष्ठ सहयोगी तनमय मुखोपाध्याय व उनके साथियों ने आप सब के लिए उपलब्ध करवाया है। ये चित्र अन्य दिनो मे चाहकर भी नहीं मिल सकते। दिन रात जहां श्रद्दालुओं का तांता लगा रहता था, वहां आज एक व्यक्ति भी नहीं। जय मां गंगा।
तन्मय मुखोपाध्याय के साथ योगराज शर्मा की रिपोर्ट।
पतित पावनी मां गंगा की निर्मलता को लेकर पूरा देश चिंतित था, गंगा मे गंदली फैलाना, जैसे विषयो को लेकर हमारी केंद्र सरकार से लेकर आम जन तक चिंतित रहते थे। नमामि गंगे प्रोजेक्ट चलाकर हजारों करोड रुपये खर्च भी किए गऐ और आगे भी योजना है। लेकिन इस करोना लोकडाउन के फैसले ने वो कर दिखाया जिसे हमारी सरकार और प्रशासन तक नहीं कर पाए थे। गंगा के हरिद्वार से इस नजारे को देखकर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि इस समय मां गंगा कितनी साफ सवच्छ और निर्मल होकर बह रही हैं।
मां गंगा का ये रुप बिना भीड भाड के देखना एक दुर्गम दृश्य जैसा है। जिसे आज की दिल्ली के वरिष्ठ सहयोगी तनमय मुखोपाध्याय व उनके साथियों ने आप सब के लिए उपलब्ध करवाया है। ये चित्र अन्य दिनो मे चाहकर भी नहीं मिल सकते। दिन रात जहां श्रद्दालुओं का तांता लगा रहता था, वहां आज एक व्यक्ति भी नहीं। जय मां गंगा।
तन्मय मुखोपाध्याय के साथ योगराज शर्मा की रिपोर्ट।


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