आज की दिल्ली / इंडियन न्यूज़ ऑनलाइन :
प्रेग्नेंसी एक सामान्य अवस्था है। इस दौरान जब चाहे महिला सेक्स कर सकती हैं, इससे कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में ध्यान रखना पड़ता है। हां, अगर किसी महिला का पहले किसी प्रेग्नेंसी के शुरुआती 3 महीनों में अपने आप अबॉर्शन हुआ हो तो उस महिला को नई प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में सेक्स नहीं करना चाहिए।
वहीं अगर किसी महिला को इन्कम्पिटेंट ऑस (गर्भाशय के मुंह की परेशानी) की समस्या रही हो तो उसे 3 से 6 महीने के बीच में सेक्स नहीं करना चाहिए। वहीं 6 से 9 महीने के दौरान भी उसे यह ध्यान रखना चाहिए कि सेक्स के दौरान पोजिशन ऐसी हो कि पुरुष का सीधा वजन महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे पर न आए। ऐसे में साइड-टु-साइड पोजिशन या फिर महिला ऊपर और पुरुष नीचे वाली स्थिति में सेक्स करना सही रहता है। अगर सब कुछ सामान्य है तो प्रेग्नेंसी के दौरान आखिरी दिन तक सेक्स कर सकते हैं।
नोट: प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लीडिंग या ऐंग्जाइटी हो तो सेक्स से दूर रहें। अगर डॉक्टर ने महिला को सेक्स करने से मना किया हो तो सेक्स ही नहीं, मास्टरबेशन या किसी दूसरे तरीके से भी महिला को क्लाइमैक्स पर नहीं पहुंचाना चाहिए क्योंकि मास्टरबेशन में गर्भाशय का संकुचन (कंट्रेक्शन) सेक्स की तुलना में बहुत ज्यादा होता है। सेक्स से संबंधित किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले अपने गाइनी डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
प्रेग्नेंसी एक सामान्य अवस्था है। इस दौरान जब चाहे महिला सेक्स कर सकती हैं, इससे कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में ध्यान रखना पड़ता है। हां, अगर किसी महिला का पहले किसी प्रेग्नेंसी के शुरुआती 3 महीनों में अपने आप अबॉर्शन हुआ हो तो उस महिला को नई प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में सेक्स नहीं करना चाहिए।
वहीं अगर किसी महिला को इन्कम्पिटेंट ऑस (गर्भाशय के मुंह की परेशानी) की समस्या रही हो तो उसे 3 से 6 महीने के बीच में सेक्स नहीं करना चाहिए। वहीं 6 से 9 महीने के दौरान भी उसे यह ध्यान रखना चाहिए कि सेक्स के दौरान पोजिशन ऐसी हो कि पुरुष का सीधा वजन महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे पर न आए। ऐसे में साइड-टु-साइड पोजिशन या फिर महिला ऊपर और पुरुष नीचे वाली स्थिति में सेक्स करना सही रहता है। अगर सब कुछ सामान्य है तो प्रेग्नेंसी के दौरान आखिरी दिन तक सेक्स कर सकते हैं।
नोट: प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लीडिंग या ऐंग्जाइटी हो तो सेक्स से दूर रहें। अगर डॉक्टर ने महिला को सेक्स करने से मना किया हो तो सेक्स ही नहीं, मास्टरबेशन या किसी दूसरे तरीके से भी महिला को क्लाइमैक्स पर नहीं पहुंचाना चाहिए क्योंकि मास्टरबेशन में गर्भाशय का संकुचन (कंट्रेक्शन) सेक्स की तुलना में बहुत ज्यादा होता है। सेक्स से संबंधित किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले अपने गाइनी डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

No comments:
Post a Comment
Note: Only a member of this blog may post a comment.